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गोरखपुर पुलिस एक्शन: मासूम से दुष्कर्म-हत्या के बाद बढ़ी सख्ती, 45 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
Tue, 04 Aug 2026 02:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 02:53 AM IST
सार
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आरोप सिद्ध होंगे, ऐसे पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्ति यानी बर्खास्तगी की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। दोष सिद्ध होने की स्थिति में कार्रवाई का विवरण संबंधित पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका में भी दर्ज किया जाएगा।
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विस्तार
जिला अस्पताल के पास से अपहरण कर मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की वारदात के बाद पुलिस विभाग ने आंतरिक स्तर पर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एसएसपी ने भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, कर्तव्य में लापरवाही और अन्य गंभीर आरोपों से घिरे 45 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही इनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है।
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पुलिस विभाग ने लंबित विभागीय जांचों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी संबंधित अधिकारियों से जांच की वर्तमान स्थिति और प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि आरोपों पर जल्द निर्णय लिया जा सके।
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अधिकारियों के अनुसार, 45 पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार, वसूली, लापरवाही और अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज पाए गए हैं। इसी आधार पर उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। इनके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय जांच चल रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ लाइन हाजिर, निलंबन और अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आरोप सिद्ध होंगे, ऐसे पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्ति
यानी बर्खास्तगी की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। दोष सिद्ध होने की स्थिति में कार्रवाई का विवरण संबंधित पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका में भी दर्ज किया जाएगा।
यानी बर्खास्तगी की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। दोष सिद्ध होने की स्थिति में कार्रवाई का विवरण संबंधित पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका में भी दर्ज किया जाएगा।
जांच में पारदर्शिता पर जोर
पुलिस विभाग ने सभी विभागीय जांचों की निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए। विभाग का मानना है कि सख्त कार्रवाई से पुलिस बल में अनुशासन मजबूत होगा और आम जनता का भरोसा बढ़ेगा।
पुलिस विभाग ने सभी विभागीय जांचों की निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए। विभाग का मानना है कि सख्त कार्रवाई से पुलिस बल में अनुशासन मजबूत होगा और आम जनता का भरोसा बढ़ेगा।
केस दर्ज पाए जाने पर 45 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इनके विभागीय जांच की भी समीक्षा की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी: डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी