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Gorakhpur News: अलग-अलग राह चले मौन और मशाल जुलूस के समर्थक अधिवक्ता

Tue, 04 Aug 2026 02:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Tue, 04 Aug 2026 02:56 AM IST
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Lawyers failed to show unity on the issue of securing justice for the innocent girl.
गोरखपुर। मासूम बच्ची से दुष्कर्म की घटना के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं का आक्रोश तो दिखा लेकिन आंदोलन की रणनीति पर वे एकजुट नहीं रह सके। दो गुटों में बंटे वकीलों ने मौन और मशाल जुलूस निकालकर कमिश्नर को ज्ञापन सौपा।
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बार सभागार में हुई आमसभा में पीड़िता को श्रद्धांजलि देने के बाद मौन जुलूस निकालकर कमिश्नर को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान अधिवक्ता व बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी ने मौन जुलूस के बजाय मशाल जुलूस निकालने की बात रखी। विरोध के तरीके को लेकर अधिवक्ता दो गुटों में बंट गए। एक गुट ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला, जबकि दूसरे ने गुट ने मधुसूदन त्रिपाठी की अगुवाई में मशाल जुलूस के साथ प्रदर्शन करते हुए कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। घटना के विरोध में अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। मासूम को न्याय दिलाने की मांग पर सभी अधिवक्ता एकमत रहे लेकिन विरोध के तरीके को लेकर उनकी अलग-अलग राह साफ दिखाई दी।
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बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट गोरखपुर की आमसभा में अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, मंत्री अनुज अस्थाना, बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी, रवि प्रकाश शुक्ला, अभिमन्यु पांडेय, रवि प्रकाश पांडेय, पीडी सिंह, राहुल तिवारी, गिरिजेश मणि त्रिपाठी, भानू प्रताप पांडेय, डाॅ. सुभाष शुक्ला, शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव, शिव कुमार निषाद, अभिषेक सिंह, सुमित मिश्रा, अंशुमान पाठक, प्रवीन कुमार शुक्ला, अमरनाथ कुशवाहा, आशुतोष दुबे समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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ये हैं मांगें
बार एसोसिएशन की ओर से आरोपी को जल्द से जल्द कठोर दंड दिलाने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को राेकने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, परिवार के बच्चों को निशुल्क उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने, पूरे परिवार को मनोचिकित्सक से मनोवैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।



अधिवक्ताओं के दो गुटों में बंटने के सवाल पर बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता एकजुट हैं। मासूम को न्याय दिलाने के लिए सभी साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। जबकि बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट, गोरखपुर के मंत्री अनुज अस्थाना इस मामले में प्रतिक्रिया नहीं दी।
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