{"_id":"6a21eba86426e0b99b0027c2","slug":"a-state-of-the-art-integration-operation-theatre-will-be-built-at-a-cost-of-rs-30-crore-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1343050-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: एम्स में होगी रोबोटिक सर्जरी, जल्द तैयार होगी इंटीग्रेटेड ओटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: एम्स में होगी रोबोटिक सर्जरी, जल्द तैयार होगी इंटीग्रेटेड ओटी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- 30 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेशन ऑपरेशन थियेटर
- कैथ लैब के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल गई मंजूरी
गोरखपुर। एम्स में मरीजों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्थान में जल्द ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होगी। इसके लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से 30 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड ऑपरेशन थियेटर बनाया जाएगा। इसके साथ ही 13.8 करोड़ रुपये की लागत वाली कैथ लैब को भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि रोबोटिक सर्जरी शुरू होने से जटिल ऑपरेशनों में अधिक सटीकता आएगी और मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिलेगा। वहीं कैथ लैब की स्थापना से हृदय रोगियों को उन्नत जांच और उपचार की सुविधा संस्थान में ही उपलब्ध हो सकेगी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओपीडी सेवाओं का विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 5000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए दो से तीन नए काउंटर बनाए गए हैं और ओपीडी क्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। जल्द ही रक्त नमूना संग्रह कक्ष भी शुरू किया जाएगा। पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी की प्रयोगशालाएं पहले से संचालित हैं। इसके अलावा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है और 200 रुपये तक की कई जांचें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। संस्थान में बिस्तरों की संख्या 578 से बढ़ाकर 632 कर दी गई है। आईसीयू में 75 बेड, एडवांस्ड क्रिटिकल केयर यूनिट में 12 बेड, ट्रॉमा ट्रायेज में 22 बेड, ट्रॉमा आईसीयू में छह बेड वार्डों की संख्या में भी वृद्धि की गई है। हाल ही में नई डिजिटल एक्स-रे मशीन का भी उद्घाटन किया गया।
इसके साथ ही एम्स में एंडोक्राइनोलॉजी, यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी और बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी जैसे नए विभाग शुरू किए गए हैं। संस्थान में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी सेवा शुरू करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। छात्रों के लिए इंडोर बैडमिंटन कोर्ट स्थापित किया गया है। तीन डाइटिशियन ने कार्यभार ग्रहण किया है। नए फैकल्टी पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और तीन आयुष चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। वर्तमान में 166 पीजी छात्र, आठ विषयों में 18 डीएम छात्र, सात विषयों में पीडीएफ तथा चार विषयों में पीडीसीसी पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसके अलावा एमबीबीएस, बीएससी एवं एमएससी नर्सिंग तथा चार विषयों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी चल रहे हैं। संस्थान में पिछले एक वर्ष के दौरान 11 सीएमई और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। हेड इंजरी अवेयरनेस डे, सीबीआरएन प्रशिक्षण, इबोला वायरस जागरूकता अभियान और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख रहे। एम्स के सात फैकल्टी सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोध एवं शैक्षणिक प्रस्तुतियां भी दी हैं। डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि पावर ग्रिड के सीएसआर सहयोग से 500 बेड के नाइट शेल्टर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गेट नंबर-दो पर पुलिस चौकी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
Trending Videos
- कैथ लैब के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल गई मंजूरी
गोरखपुर। एम्स में मरीजों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्थान में जल्द ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होगी। इसके लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से 30 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड ऑपरेशन थियेटर बनाया जाएगा। इसके साथ ही 13.8 करोड़ रुपये की लागत वाली कैथ लैब को भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि रोबोटिक सर्जरी शुरू होने से जटिल ऑपरेशनों में अधिक सटीकता आएगी और मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिलेगा। वहीं कैथ लैब की स्थापना से हृदय रोगियों को उन्नत जांच और उपचार की सुविधा संस्थान में ही उपलब्ध हो सकेगी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओपीडी सेवाओं का विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 5000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए दो से तीन नए काउंटर बनाए गए हैं और ओपीडी क्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। जल्द ही रक्त नमूना संग्रह कक्ष भी शुरू किया जाएगा। पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी की प्रयोगशालाएं पहले से संचालित हैं। इसके अलावा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है और 200 रुपये तक की कई जांचें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। संस्थान में बिस्तरों की संख्या 578 से बढ़ाकर 632 कर दी गई है। आईसीयू में 75 बेड, एडवांस्ड क्रिटिकल केयर यूनिट में 12 बेड, ट्रॉमा ट्रायेज में 22 बेड, ट्रॉमा आईसीयू में छह बेड वार्डों की संख्या में भी वृद्धि की गई है। हाल ही में नई डिजिटल एक्स-रे मशीन का भी उद्घाटन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके साथ ही एम्स में एंडोक्राइनोलॉजी, यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी और बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी जैसे नए विभाग शुरू किए गए हैं। संस्थान में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी सेवा शुरू करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। छात्रों के लिए इंडोर बैडमिंटन कोर्ट स्थापित किया गया है। तीन डाइटिशियन ने कार्यभार ग्रहण किया है। नए फैकल्टी पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और तीन आयुष चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। वर्तमान में 166 पीजी छात्र, आठ विषयों में 18 डीएम छात्र, सात विषयों में पीडीएफ तथा चार विषयों में पीडीसीसी पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसके अलावा एमबीबीएस, बीएससी एवं एमएससी नर्सिंग तथा चार विषयों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी चल रहे हैं। संस्थान में पिछले एक वर्ष के दौरान 11 सीएमई और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। हेड इंजरी अवेयरनेस डे, सीबीआरएन प्रशिक्षण, इबोला वायरस जागरूकता अभियान और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख रहे। एम्स के सात फैकल्टी सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोध एवं शैक्षणिक प्रस्तुतियां भी दी हैं। डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि पावर ग्रिड के सीएसआर सहयोग से 500 बेड के नाइट शेल्टर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गेट नंबर-दो पर पुलिस चौकी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।