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एम्स : रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन से इलाज शुरू, कम चीर-फाड़ में होगा ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 13 Mar 2026 02:48 AM IST
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- एम्स ने अपनाई आधुनिक तकनीक ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित महिला को एम्स में मिली राहत
- नई तकनीक से ऑपरेशन सफल अब नसों और हड्डियों के दर्द का आधुनिक इलाज
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 51 वर्ष की महिला के घुटने का सफल ऑपरेशन किया गया है। ये ऑपरेशन आधुनिक विधि से किया गया है। अब इस मशीन के माध्यम से घुटने के अलावा अन्य भी कई प्रकार के पुराने और जटिल दर्द का आधुनिक और सुरक्षित तरीके से उपचार संभव हो सकेगा।
एम्स के एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग में रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (कम चीर-फाड़ वाली) मशीन से ऑपरेशन किया गया। एनेस्थीसियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार शर्मा और डॉ. रवि शंकर शर्मा ने बताया कि नियमित रूप से पेन क्लिनिक ओपीडी संचालित की जाती है, जहां पुराने दर्द से पीड़ित मरीजों की जांच और उपचार किया जाता है। विभाग में हर सप्ताह ऑपरेशन थिएटर में इंटरवेंशनल पेन (तीन माह से अधिक पुराने और गंभीर दर्द) प्रक्रियाएं भी की जाती हैं। अब तक विभाग में 500 से अधिक पेन प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन मशीन में आधुनिक तकनीक उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग बीमारी और नस के प्रकार के अनुसार किया जाता है। जिस महिला का सफल उपचार किया गया, वह लगभग दो वर्षों से घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द से परेशान थी। यह तकनीक ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया (चेहरे की नसों का तेज दर्द), घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द, गर्दन और कमर के स्पॉन्डिलोसिस से होने वाला दर्द, फेसट जॉइंट (रीढ़ की हड्डी के पीछे का जोड़) से होने वाला पीठ का दर्द, सैक्रोइलियक जॉइंट (रीढ़ की हड्डी के नीचे का हिस्सा) का दर्द, कंधे का पुराना दर्द, पोस्ट-हर्पेटिक न्यूराल्जिया (नसों के क्षतिग्रस्त होने वाला दर्द) और कुछ मामलों में कैंसर से संबंधित दर्द जैसी समस्याओं का इलाज किया जा सकेगा।
- नई तकनीक से ऑपरेशन सफल अब नसों और हड्डियों के दर्द का आधुनिक इलाज
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 51 वर्ष की महिला के घुटने का सफल ऑपरेशन किया गया है। ये ऑपरेशन आधुनिक विधि से किया गया है। अब इस मशीन के माध्यम से घुटने के अलावा अन्य भी कई प्रकार के पुराने और जटिल दर्द का आधुनिक और सुरक्षित तरीके से उपचार संभव हो सकेगा।
एम्स के एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग में रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (कम चीर-फाड़ वाली) मशीन से ऑपरेशन किया गया। एनेस्थीसियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार शर्मा और डॉ. रवि शंकर शर्मा ने बताया कि नियमित रूप से पेन क्लिनिक ओपीडी संचालित की जाती है, जहां पुराने दर्द से पीड़ित मरीजों की जांच और उपचार किया जाता है। विभाग में हर सप्ताह ऑपरेशन थिएटर में इंटरवेंशनल पेन (तीन माह से अधिक पुराने और गंभीर दर्द) प्रक्रियाएं भी की जाती हैं। अब तक विभाग में 500 से अधिक पेन प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
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उन्होंने बताया कि रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन मशीन में आधुनिक तकनीक उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग बीमारी और नस के प्रकार के अनुसार किया जाता है। जिस महिला का सफल उपचार किया गया, वह लगभग दो वर्षों से घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द से परेशान थी। यह तकनीक ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया (चेहरे की नसों का तेज दर्द), घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द, गर्दन और कमर के स्पॉन्डिलोसिस से होने वाला दर्द, फेसट जॉइंट (रीढ़ की हड्डी के पीछे का जोड़) से होने वाला पीठ का दर्द, सैक्रोइलियक जॉइंट (रीढ़ की हड्डी के नीचे का हिस्सा) का दर्द, कंधे का पुराना दर्द, पोस्ट-हर्पेटिक न्यूराल्जिया (नसों के क्षतिग्रस्त होने वाला दर्द) और कुछ मामलों में कैंसर से संबंधित दर्द जैसी समस्याओं का इलाज किया जा सकेगा।