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Gorakhpur News: बेकाबू कार की टक्कर से घायल डॉक्टर के भाई की भी मौत...हंगामा, सड़क जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 07 Mar 2026 02:49 AM IST
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पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर क्षेत्र के कौआबाग चारफाटक ओवरब्रिज पर बुधवार रात तेज रफ्तार बेकाबू कार की टक्कर से घायल डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा (50) ने भी शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान एम्स में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाए जाते ही आक्रोशित परिजनों और लोगों ने शुक्रवार दोपहर में गीता वाटिका के पास डेढ़ घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
वहीं इसी हादसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र की मौत को लेकर शुक्रवार को भी छात्रों में गम और गुस्सा दिखा। छात्रों ने बीआरडी मेडिकल काॅलेज की ओपीडी तीन घंटे तक ठप कर धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि प्रधानाचार्य के समझाने पर मान गए और पर्चा बनना शुरू हो गया। उधर, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने भी छात्रों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिया कि आरोपी पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसे सजा दिलाएगी।
शाहपुर इलाके के कौआबाग ओवरब्रिज पर चार मार्च की रात में अनियंत्रित लक्जरी कार ने दो लोगों को रौंद था, जिसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि गंभीर रूप से घायल डॉ. कमलेश शर्मा के भाई उमेश शर्मा का एम्स में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार रात में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस बात की जानकारी होते ही घर में मातम छा गया।
शुक्रवार को एक बजे पोस्टमार्टम के बाद उमेश शर्मा का शव घर लाया गया तो परिजनों ने गीता वाटिका के पास शव को सड़क पर रखने की कोशिश करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पहले से मौजूद पुलिस ने शव को सड़क पर रखने नहीं दिया। पुलिसवालों ने बताया कि मामले में हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बिजली का काम करते थे उमेश शर्मा
शाहपुर इलाके के जेल रोड तिराहा निवासी उमेश शर्मा बिजली का काम करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। पत्नी संजू शर्मा के अलावा बेटी तान्या और बेटा राजीव है। बेटी हाईस्कूल की परीक्षा दे रही है, जबकि बेटा कक्षा सात में पढ़ता है। होली पर्व पर उमेश शर्मा मोहद्दीपुर स्थित अपनी बहन के घर गए थे। रात 9:30 बजे करीब वह जेल रोड स्थित अपने घर लौट रहे थे, अभी वह कौआबाग ओवरब्रिज पर पहुंचे थे कि तेज रफ्तार लग्जरी कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।
एक घंटे तक एंबुलेंस में रखा रहा शव, 25 लाख रुपये और नौकरी की मांग
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद उमेश शर्मा का शव घर लाया गया तो परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और सड़क पर शव रखने की कोशिश कर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के हस्तक्षेप से एक घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा और पुलिस लोगों को समझाने में जुटी रही, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सीओ गोरखनाथ और सदर तहसीलदार के पहुंचने पर उमेश शर्मा की पत्नी संजू शर्मा ने दो सूत्री मांग पत्र दिया। इसमें 25 लाख रुपये आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई। ज्ञापन तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रकाश सिंह को सौंपा। इसके बाद सीओ गोरखनाथ और सदर तहसीलदार के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।
अंकल! वह नेता है, जेल से छूट जाएगा
उमेश तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई राजेश शर्मा रेलवे में लोको पायलट हैं, जबकि छोटे भाई कमलेश शर्मा नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। पिता की मौत के बाद दोनों बच्चों ने अफसरों से कहा कि आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़ा है और जल्द ही जेल से छूट सकता है, इसलिए उसके खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। दोनों बच्चे पुलिस और अफसरों के सामने रोते रहे। उन्होंने रोते हुए कहा-अंकल! वह नेता है जल्द ही जेल से छूट जाएगा। उसे सजा नहीं मिल पाएगी।
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वहीं इसी हादसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र की मौत को लेकर शुक्रवार को भी छात्रों में गम और गुस्सा दिखा। छात्रों ने बीआरडी मेडिकल काॅलेज की ओपीडी तीन घंटे तक ठप कर धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि प्रधानाचार्य के समझाने पर मान गए और पर्चा बनना शुरू हो गया। उधर, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने भी छात्रों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिया कि आरोपी पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसे सजा दिलाएगी।
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शाहपुर इलाके के कौआबाग ओवरब्रिज पर चार मार्च की रात में अनियंत्रित लक्जरी कार ने दो लोगों को रौंद था, जिसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि गंभीर रूप से घायल डॉ. कमलेश शर्मा के भाई उमेश शर्मा का एम्स में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार रात में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस बात की जानकारी होते ही घर में मातम छा गया।
शुक्रवार को एक बजे पोस्टमार्टम के बाद उमेश शर्मा का शव घर लाया गया तो परिजनों ने गीता वाटिका के पास शव को सड़क पर रखने की कोशिश करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पहले से मौजूद पुलिस ने शव को सड़क पर रखने नहीं दिया। पुलिसवालों ने बताया कि मामले में हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बिजली का काम करते थे उमेश शर्मा
शाहपुर इलाके के जेल रोड तिराहा निवासी उमेश शर्मा बिजली का काम करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। पत्नी संजू शर्मा के अलावा बेटी तान्या और बेटा राजीव है। बेटी हाईस्कूल की परीक्षा दे रही है, जबकि बेटा कक्षा सात में पढ़ता है। होली पर्व पर उमेश शर्मा मोहद्दीपुर स्थित अपनी बहन के घर गए थे। रात 9:30 बजे करीब वह जेल रोड स्थित अपने घर लौट रहे थे, अभी वह कौआबाग ओवरब्रिज पर पहुंचे थे कि तेज रफ्तार लग्जरी कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।
एक घंटे तक एंबुलेंस में रखा रहा शव, 25 लाख रुपये और नौकरी की मांग
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद उमेश शर्मा का शव घर लाया गया तो परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और सड़क पर शव रखने की कोशिश कर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के हस्तक्षेप से एक घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा और पुलिस लोगों को समझाने में जुटी रही, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सीओ गोरखनाथ और सदर तहसीलदार के पहुंचने पर उमेश शर्मा की पत्नी संजू शर्मा ने दो सूत्री मांग पत्र दिया। इसमें 25 लाख रुपये आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई। ज्ञापन तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रकाश सिंह को सौंपा। इसके बाद सीओ गोरखनाथ और सदर तहसीलदार के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।
अंकल! वह नेता है, जेल से छूट जाएगा
उमेश तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई राजेश शर्मा रेलवे में लोको पायलट हैं, जबकि छोटे भाई कमलेश शर्मा नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। पिता की मौत के बाद दोनों बच्चों ने अफसरों से कहा कि आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़ा है और जल्द ही जेल से छूट सकता है, इसलिए उसके खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। दोनों बच्चे पुलिस और अफसरों के सामने रोते रहे। उन्होंने रोते हुए कहा-अंकल! वह नेता है जल्द ही जेल से छूट जाएगा। उसे सजा नहीं मिल पाएगी।
