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Gorakhpur News: रामगढ़ताल में पानी फिर काला...बदबू की वजह से मॉर्निंग वॉक छोड़ा
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कुनराघाट और रिंग रोड के पास रहने वाले लोग परेशान, राह चलना मुश्किल
गोड़धोइया की तरफ से बिना ट्रीट किए ताल में गिर रहा पानी
गोरखपुर। रामगढ़ताल में एक बार फिर गंदगी काफी बढ़ गई है। कुनराघाट की तरफ पानी काला पड़ गया है और काफी तेज बदबू आ रही है। बदबू का आलम यह है कि लोगों का इधर से होकर गुजरना मुश्किल हो गया है। बहुत सारे लोगों ने रिंग रोड पर टहलना भी छोड़ दिया है।
शुक्रवार को दोपहर 12:35 बजे सिंघड़िया के राजेश सिंह बाइक से पैडलेगंज की तरफ जा रहे थे। कुनराघाट से आगे बढ़ने पर पुलिया के पास तेज बदबू आई। रिंग रोड की ओर जैसे ही मुड़े तो बदबू और तेज हो गई। बदबू इतनी तेज थी कि उन्होंने बाइक की स्पीड बढ़ाई और तेजी से निकल गए।
मोहद्दीपुर के आकाश फोन पर बात करते हुए पैदल रिंग रोड की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक तेज बदबू से परेशान हो गए। तुरंत जेब से रुमाल निकाला और नाक पर रखते हुए पीछे मुड़ गए। आकाश ने बताया कि बदबू इतनी तेज थी कि आगे बढ़ते तो उल्टी हो जाती।
दरअसल, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ताल में गंदगी बढ़ गई है। काई और कचरे की वजह से तेज बदबू आ रही है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी आसपास रहने वाले लोगों को हो रही है। सुबह बहुत सारे लोग रिंग रोड की तरफ टहलने निकलते थे लेकिन बदबू के कारण उन्होंने बंद कर दिया है। मोहद्दीपुर के अनुज ने बताया कि वह सुबह और शाम रिंग रोड पर टहलते थे। फुटपाथ पर टहलते हुए ताल के बेहतरीन नजारे को देखते थे लेकिन कुछ समय से बदबू इतनी तेज आ रही है कि उधर जाना ही छोड़ दिया है। एक दिन तो बदबू से लगा कि उल्टी आ जाएगी।
गोड़धोइया से जुड़े मोहल्लों का सीधे आ रहा पानी
गोड़धोइया नाले से जुड़े 17 मोहल्लों का गंदा पानी रामगढ़ताल में गिर रहा है। इस पानी के प्राकृतिक विधि से शोधन के लिए कुनराघाट के पास उपाय किए गए हैं, फिर भी केमिकलयुक्त पानी की वजह से वहां पर सफेद झाग बन रहा है। कैंट स्टेशन के पास 38 एमएलडी के एसटीपी का निर्माण अभी एक माह बाद पूरा होगा। गंदे पानी की वजह से ताल की सुंदरता पर तो ग्रहण लग ही रहा है, आसपास के लोगों की सेहत पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, बाहर से आने वाले पर्यटक भी पानी का रंग देखकर नाक-भौंह सिकोड़ रहे हैं।
बोले लोग...
रामगढ़ताल में गंदगी काफी बढ़ गई है। ताल से गुजरने पर बहुत तेज बदबू आ रही है। एसटीपी चल भी रहा है कि नहीं इसके बारे में कुछ पता नहीं। ऐसे ही ताल में गंदा पानी छोड़ा गया तो इसकी खूबसूरती खत्म हो जाएगी।
- हर्षवर्द्धन
रिंग रोड की तरफ दोस्तों के साथ टहलने जाते थे। एक दिन शाम को काफी तेज बदबू आ रही थी। उस दिन से उधर जाना छोड़ दिया। ताल के आसपास रहने पर वाले लोग बदबू से हमेशा परेशान रहते हैं।
- आयुष सिंह
वर्जन
रामगढ़ताल की नियमित सफाई कराई जा रही है। गोड़धोइया नाले के लिए एसटीपी जल्द तैयार हो जाएगा। इसके बाद ताल में ट्रीट किया पानी ही गिरेगा।
- आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
एक्सपर्ट कमेंट
ताल में कम हो रहा घुलित ऑक्सीजन
पर्यावरणविद प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि रामगढ़ताल में ऑर्गेनिक मैटर लगातार इकट्ठा हो रहे हैं जिससे पानी में घुलित ऑक्सीजन (डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन) का स्तर कम हो रहा है। इसके कारण एनेरोबिक डिकंपोजिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे बदबू पैदा होती है। ताल में गिरने वाले सीवेज के पानी को ट्रीट करके ही छोड़ा जाना जरूरी है। वर्तमान में गंदा पानी आकर एक हिस्से में रुक जा रहा है, जिससे समस्या और बढ़ रही है। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए ताल में एरेशन की व्यवस्था करना आवश्यक है। इसके लिए मैकेनिकल एरेटर लगाए जा सकते हैं, जिससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ेगा। साथ ही सतह पर जमा गंदगी और कचरे की तत्काल सफाई भी जरूरी है। ऊपर तैर रही गंदगी को हटाने के साथ ही पानी के प्रवाह (मूवमेंट) को भी बेहतर करना होगा ताकि तालाब का पानी स्थिर न रहे और उसकी गुणवत्ता बनी रहे।
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गोड़धोइया की तरफ से बिना ट्रीट किए ताल में गिर रहा पानी
गोरखपुर। रामगढ़ताल में एक बार फिर गंदगी काफी बढ़ गई है। कुनराघाट की तरफ पानी काला पड़ गया है और काफी तेज बदबू आ रही है। बदबू का आलम यह है कि लोगों का इधर से होकर गुजरना मुश्किल हो गया है। बहुत सारे लोगों ने रिंग रोड पर टहलना भी छोड़ दिया है।
शुक्रवार को दोपहर 12:35 बजे सिंघड़िया के राजेश सिंह बाइक से पैडलेगंज की तरफ जा रहे थे। कुनराघाट से आगे बढ़ने पर पुलिया के पास तेज बदबू आई। रिंग रोड की ओर जैसे ही मुड़े तो बदबू और तेज हो गई। बदबू इतनी तेज थी कि उन्होंने बाइक की स्पीड बढ़ाई और तेजी से निकल गए।
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मोहद्दीपुर के आकाश फोन पर बात करते हुए पैदल रिंग रोड की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक तेज बदबू से परेशान हो गए। तुरंत जेब से रुमाल निकाला और नाक पर रखते हुए पीछे मुड़ गए। आकाश ने बताया कि बदबू इतनी तेज थी कि आगे बढ़ते तो उल्टी हो जाती।
दरअसल, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ताल में गंदगी बढ़ गई है। काई और कचरे की वजह से तेज बदबू आ रही है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी आसपास रहने वाले लोगों को हो रही है। सुबह बहुत सारे लोग रिंग रोड की तरफ टहलने निकलते थे लेकिन बदबू के कारण उन्होंने बंद कर दिया है। मोहद्दीपुर के अनुज ने बताया कि वह सुबह और शाम रिंग रोड पर टहलते थे। फुटपाथ पर टहलते हुए ताल के बेहतरीन नजारे को देखते थे लेकिन कुछ समय से बदबू इतनी तेज आ रही है कि उधर जाना ही छोड़ दिया है। एक दिन तो बदबू से लगा कि उल्टी आ जाएगी।
गोड़धोइया से जुड़े मोहल्लों का सीधे आ रहा पानी
गोड़धोइया नाले से जुड़े 17 मोहल्लों का गंदा पानी रामगढ़ताल में गिर रहा है। इस पानी के प्राकृतिक विधि से शोधन के लिए कुनराघाट के पास उपाय किए गए हैं, फिर भी केमिकलयुक्त पानी की वजह से वहां पर सफेद झाग बन रहा है। कैंट स्टेशन के पास 38 एमएलडी के एसटीपी का निर्माण अभी एक माह बाद पूरा होगा। गंदे पानी की वजह से ताल की सुंदरता पर तो ग्रहण लग ही रहा है, आसपास के लोगों की सेहत पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, बाहर से आने वाले पर्यटक भी पानी का रंग देखकर नाक-भौंह सिकोड़ रहे हैं।
बोले लोग...
रामगढ़ताल में गंदगी काफी बढ़ गई है। ताल से गुजरने पर बहुत तेज बदबू आ रही है। एसटीपी चल भी रहा है कि नहीं इसके बारे में कुछ पता नहीं। ऐसे ही ताल में गंदा पानी छोड़ा गया तो इसकी खूबसूरती खत्म हो जाएगी।
- हर्षवर्द्धन
रिंग रोड की तरफ दोस्तों के साथ टहलने जाते थे। एक दिन शाम को काफी तेज बदबू आ रही थी। उस दिन से उधर जाना छोड़ दिया। ताल के आसपास रहने पर वाले लोग बदबू से हमेशा परेशान रहते हैं।
- आयुष सिंह
वर्जन
रामगढ़ताल की नियमित सफाई कराई जा रही है। गोड़धोइया नाले के लिए एसटीपी जल्द तैयार हो जाएगा। इसके बाद ताल में ट्रीट किया पानी ही गिरेगा।
- आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
एक्सपर्ट कमेंट
ताल में कम हो रहा घुलित ऑक्सीजन
पर्यावरणविद प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि रामगढ़ताल में ऑर्गेनिक मैटर लगातार इकट्ठा हो रहे हैं जिससे पानी में घुलित ऑक्सीजन (डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन) का स्तर कम हो रहा है। इसके कारण एनेरोबिक डिकंपोजिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे बदबू पैदा होती है। ताल में गिरने वाले सीवेज के पानी को ट्रीट करके ही छोड़ा जाना जरूरी है। वर्तमान में गंदा पानी आकर एक हिस्से में रुक जा रहा है, जिससे समस्या और बढ़ रही है। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए ताल में एरेशन की व्यवस्था करना आवश्यक है। इसके लिए मैकेनिकल एरेटर लगाए जा सकते हैं, जिससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ेगा। साथ ही सतह पर जमा गंदगी और कचरे की तत्काल सफाई भी जरूरी है। ऊपर तैर रही गंदगी को हटाने के साथ ही पानी के प्रवाह (मूवमेंट) को भी बेहतर करना होगा ताकि तालाब का पानी स्थिर न रहे और उसकी गुणवत्ता बनी रहे।
