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डायरिया: एम्स का विशेष जागरूकता अभियान शुरू
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गोरखपुर। डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स ने लोगों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. विभा दत्ता के निर्देश पर ओपीडी में आने वाले रोगियों और उनके स्वजनों को ओआरएस के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि डायरिया के अधिकांश मामले सामान्य होते हैं लेकिन समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
एम्स के चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि डायरिया होने पर केवल घरेलू उपचार पर निर्भर न रहें। यदि दो से तीन दिनों तक लगातार पतले दस्त हों, मल में रक्त आए, तेज बुखार हो, बार-बार उल्टी हो रही हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, पेशाब कम होना, आंखों का धंस जाना, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी निर्जलीकरण के गंभीर संकेत हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों में यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है। चिकित्सकों ने स्वच्छ पानी पीने, हाथों की नियमित सफाई, ताजा भोजन के सेवन व ओआरएस घोल और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, पेशाब कम होना, आंखों का धंस जाना, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी निर्जलीकरण के गंभीर संकेत हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों में यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है। चिकित्सकों ने स्वच्छ पानी पीने, हाथों की नियमित सफाई, ताजा भोजन के सेवन व ओआरएस घोल और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।