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Gorakhpur News: एम्स की छात्रा छह साल से एमबीबीएस प्रथम वर्ष में अटकी

Thu, 13 Aug 2026 02:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 02:38 AM IST
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AIIMS student stuck in first year MBBS for six years
- छात्रा ने कम उपस्थिति दिखाकर परीक्षा से वंचित करने का लगाया आरोप
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- केंद्रीय शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से की शिकायत
गोरखपुर। एम्स गोरखपुर की एक छात्रा छह साल से एमबीबीएस प्रथम वर्ष में ही है। उसने दो बार परीक्षा दी लेकिन पास नहीं हो सकी। छात्रा ने कम उपस्थिति दिखाकर परीक्षा से वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से शिकायत की है। वहीं, एम्स प्रशासन ने छात्रा के सभी आरोपों को निराधार बताया है।
छात्रा का आरोप है कि उसकी वास्तविक उपस्थिति करीब 59 प्रतिशत थी लेकिन रिकॉर्ड में इसे घटाकर 12.9 प्रतिशत दर्शाया गया। उसने दावा किया कि 126 कक्षाओं के बजाय 1042 कक्षाओं को आधार बनाकर उपस्थिति कम दिखाई गई। छात्रा के अनुसार, चिकित्सा संबंधी दस्तावेज देने के बावजूद उसका इंटरनल असेसमेंट नहीं कराया गया। उसने कोविड काल में अन्य विद्यार्थियों को मिले शैक्षणिक अवसरों की तुलना में अपने साथ अलग व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि वह मामले को लेकर सांसद रवि किशन, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रम में भी शिकायत कर चुकी है। अब मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
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अधिकतम 10 वर्ष में पास करने का है प्रावधान
एम्स की एकेडमिक डीन डॉ. महिमा मित्तल ने बताया कि छात्रा वर्ष 2020 बैच की है और अब तक प्रथम वर्ष की परीक्षा पास नहीं कर सकी है। एम्स के नियम के अनुसार, एमबीबीएस परीक्षा पास करने के लिए चार अटेम्प्ट या अधिकतम 10 वर्ष की अवधि का प्रावधान है। छात्रा को चार बार परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया लेकिन वह केवल दो बार परीक्षा में बैठी और दोनों बार फेल हुई। दो बार परीक्षा में शामिल ही नहीं हुई। डॉ. मित्तल ने बताया कि छात्रा की उपस्थिति भी कम है। उसे नियमित कक्षाओं में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और संस्थान ने नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की है।
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