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Gorakhpur News: जेल में साथ रहे हत्यारोपी की लोकेशन जानने के लिए अमन का किया गया अपहरण
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गोरखपुर। जिले के कारागार गेट से युवक अमन का अपहरण कर फिरौती मांगने की घटना के तार बेलीपार हत्याकांड से जुड़े पाए गए हैं। जमानत पर छूटे हत्यारोपी अजय कन्नौजिया की लोकेशन जानने के लिए थार सवार युवकों ने अमन का अपहरण किया था। इसका पर्दाफाश पुलिस की जांच में हुआ।
वारदात के वक्त अमन अपने जेल में बंद अपने भाई से मिलने मां के साथ जा रहा था। बाराबंकी से पकड़े गए चारों आरोपियों का पूर्व का भी आपराधिक इतिहास है। पुलिस ने रविवार को सभी को स्पेशल कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उधर, घटना की साजिश में शामिल पांच अन्य लोगों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
खोराबार के भैंसहा बाढ़न गांव के अमन को थार सवार युवकों ने जेल के बाहर उस समय अपहरण कर लिया था जब वह अपने भाई से मिलने मां के साथ जेल जा रहा था। शाहपुर पुलिस की घेराबंदी के बाद लिंक एक्सप्रेस-वे पर सिकरीगंज में अमन की पिटाई करने के बाद उसे छोड़कर आरोपी भाग गए थे। लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद युवक को खोजा था। वहीं, चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने शाहपुर पुलिस के साथ बाराबंकी जिले में घेराबंदी की। देर रात चारों आरोपियों को पकड़कर गोरखपुर लाया गया।
पुलिस ने बताया कि चारों गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। निगम भारती, शैलेंद्र और शुभम यादव पर हत्या, लूट, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई संगीन आपराधिक प्राथमिकी पहले से दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शुभम यादव पर सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। श्यामसुंदर उर्फ गुल्लू ने इस घटना में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
ये पकड़े गए आरोपी
पकड़े गए आरोपियों में खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव निवासी निगम भारती उर्फ सरदार, श्यामसुंदर उर्फ गुल्लू, बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार गांव निवासी शुभम यादव और रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के लहसड़ी गांव निवासी शैलेंद्र निषाद शामिल हैं। बरामद थार गाड़ी मुख्य आरोपी निगम भारती के ससुर विजय प्रकाश के नाम पर पंजीकृत मिली। इसके अलावा बेलीपार निवासी नागराज की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है और उसकी तलाश जारी है।
सर्किट हाउस के पास शुभम ने सुल्तान पर चलाई थी गोली
पुलिस की जांच में पता चला कि शुभम यादव ने पहले भी सर्किट हाउस के पास सुल्तान नामक युवक पर फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। यह मामला पूरे शहर में सनसनी का कारण बना। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बेलीपार हत्याकांड में शामिल अजय कन्नौजिया लगभग 20 दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूटा था। अमन भी उसी बैरक में बंद था। आरोपियों को डर था कि अमन के पास अजय की मौजूदा लोकेशन की जानकारी होगी, इसलिए उसका अपहरण किया गया।
अमन को जेल भिजवाने वाले पटीदार नीतेश को भी बनाया गया आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि अमन के पटीदार खोराबार थाना क्षेत्र के भैंसहा बाढ़न गांव निवासी नीतेश भी आरोपी बनाया गया है। जिसने 10 अप्रैल को हत्या की कोशिश, बलवा, मारपीट और धमकी का प्राथमिकी अमन और उसके भाई पर दर्ज कराई थी। अमन के पिता जितेंद्र ने तहरीर में आरोप लगाया कि अपहरण के दौरान नीतेश वीडियो कॉल के माध्यम से पल-पल की जानकारी आरोपियों को दे रहा था।
पुलिस ने चारों आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, घटना में शामिल पांच अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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वारदात के वक्त अमन अपने जेल में बंद अपने भाई से मिलने मां के साथ जा रहा था। बाराबंकी से पकड़े गए चारों आरोपियों का पूर्व का भी आपराधिक इतिहास है। पुलिस ने रविवार को सभी को स्पेशल कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उधर, घटना की साजिश में शामिल पांच अन्य लोगों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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खोराबार के भैंसहा बाढ़न गांव के अमन को थार सवार युवकों ने जेल के बाहर उस समय अपहरण कर लिया था जब वह अपने भाई से मिलने मां के साथ जेल जा रहा था। शाहपुर पुलिस की घेराबंदी के बाद लिंक एक्सप्रेस-वे पर सिकरीगंज में अमन की पिटाई करने के बाद उसे छोड़कर आरोपी भाग गए थे। लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद युवक को खोजा था। वहीं, चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने शाहपुर पुलिस के साथ बाराबंकी जिले में घेराबंदी की। देर रात चारों आरोपियों को पकड़कर गोरखपुर लाया गया।
पुलिस ने बताया कि चारों गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। निगम भारती, शैलेंद्र और शुभम यादव पर हत्या, लूट, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई संगीन आपराधिक प्राथमिकी पहले से दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शुभम यादव पर सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। श्यामसुंदर उर्फ गुल्लू ने इस घटना में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
ये पकड़े गए आरोपी
पकड़े गए आरोपियों में खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव निवासी निगम भारती उर्फ सरदार, श्यामसुंदर उर्फ गुल्लू, बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार गांव निवासी शुभम यादव और रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के लहसड़ी गांव निवासी शैलेंद्र निषाद शामिल हैं। बरामद थार गाड़ी मुख्य आरोपी निगम भारती के ससुर विजय प्रकाश के नाम पर पंजीकृत मिली। इसके अलावा बेलीपार निवासी नागराज की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है और उसकी तलाश जारी है।
सर्किट हाउस के पास शुभम ने सुल्तान पर चलाई थी गोली
पुलिस की जांच में पता चला कि शुभम यादव ने पहले भी सर्किट हाउस के पास सुल्तान नामक युवक पर फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। यह मामला पूरे शहर में सनसनी का कारण बना। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बेलीपार हत्याकांड में शामिल अजय कन्नौजिया लगभग 20 दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूटा था। अमन भी उसी बैरक में बंद था। आरोपियों को डर था कि अमन के पास अजय की मौजूदा लोकेशन की जानकारी होगी, इसलिए उसका अपहरण किया गया।
अमन को जेल भिजवाने वाले पटीदार नीतेश को भी बनाया गया आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि अमन के पटीदार खोराबार थाना क्षेत्र के भैंसहा बाढ़न गांव निवासी नीतेश भी आरोपी बनाया गया है। जिसने 10 अप्रैल को हत्या की कोशिश, बलवा, मारपीट और धमकी का प्राथमिकी अमन और उसके भाई पर दर्ज कराई थी। अमन के पिता जितेंद्र ने तहरीर में आरोप लगाया कि अपहरण के दौरान नीतेश वीडियो कॉल के माध्यम से पल-पल की जानकारी आरोपियों को दे रहा था।
पुलिस ने चारों आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, घटना में शामिल पांच अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
