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Gorakhpur News: मानक के अनुरूप सेप्टिक टैंक न होने पर देना होगा जुर्माना
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गोरखपुर। शहर में अनियोजित निर्माण और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। नगर निगम प्रशासन ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि यदि किसी आवासीय या व्यावसायिक भवन का सेप्टिक टैंक निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार, कई लोग जगह बचाने या लागत कम करने के उद्देश्य से सेप्टिक टैंक का निर्माण गलत तरीके से करवा लेते हैं। इससे सीवेज का रिसाव जमीन में होता है जो भवन की नींव को कमजोर करने के साथ-साथ भूजल को भी प्रदूषित करता है।
इसका सीधा असर हैंडपंप, बोरिंग और अन्य पेयजल स्रोतों पर पड़ता है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य को खतरा पैदा होता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि एक जनवरी 2021 के बाद निर्मित सभी आवासीय भवनों, हॉस्टलों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सेप्टिक टैंक भारतीय मानक अभ्यास संहिता आईएस 2470 (पार्ट-01 एवं पार्ट-02) के अनुसार होना अनिवार्य है।
इन मानकों में सेप्टिक टैंक का वैज्ञानिक डिजाइन, उपयुक्त निर्माण सामग्री और उचित रखरखाव शामिल है ताकि अपशिष्ट जल का सही उपचार हो सके और भूजल प्रदूषण रोका जा सके। जारी नोटिस में कहा गया है कि मानकों का पालन नहीं करने पर संबंधित भवन स्वामी को विधिक नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि यह पहल गोरखपुर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नए भवन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
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नगर निगम के अनुसार, कई लोग जगह बचाने या लागत कम करने के उद्देश्य से सेप्टिक टैंक का निर्माण गलत तरीके से करवा लेते हैं। इससे सीवेज का रिसाव जमीन में होता है जो भवन की नींव को कमजोर करने के साथ-साथ भूजल को भी प्रदूषित करता है।
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इसका सीधा असर हैंडपंप, बोरिंग और अन्य पेयजल स्रोतों पर पड़ता है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य को खतरा पैदा होता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि एक जनवरी 2021 के बाद निर्मित सभी आवासीय भवनों, हॉस्टलों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सेप्टिक टैंक भारतीय मानक अभ्यास संहिता आईएस 2470 (पार्ट-01 एवं पार्ट-02) के अनुसार होना अनिवार्य है।
इन मानकों में सेप्टिक टैंक का वैज्ञानिक डिजाइन, उपयुक्त निर्माण सामग्री और उचित रखरखाव शामिल है ताकि अपशिष्ट जल का सही उपचार हो सके और भूजल प्रदूषण रोका जा सके। जारी नोटिस में कहा गया है कि मानकों का पालन नहीं करने पर संबंधित भवन स्वामी को विधिक नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि यह पहल गोरखपुर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नए भवन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
