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अंबुज मणि हत्याकांड : तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
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- चिलुआताल में गला काटकर की गई थी हत्या, महराजगंज में फेंका गया था शव
- मुख्य आरोपी बिट्टू को बनाया गया गैंग लीडर
गोरखपुर। तिवारीपुर क्षेत्र में हुए अंबुज मणि हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। इस मामले में मुख्य आरोपी चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर पोखरभिंडा निवासी अब्दुल अहद खान उर्फ बिट्टू को गैंग लीडर बनाया गया है, जबकि उसके गुर्गे चकसा हुसैन पचपेड़वा हड़हवा फाटक थाना गोरखनाथ निवासी आयुष चौधरी और करीमनगर पोखरभिंडा थाना चिलुआताल निवासी सदरे आलम को गैंग का सक्रिय सदस्य माना गया है। तीनों आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं।
वारदात 26 नवंबर की रात को हुई थी। तिवारीपुर थाना क्षेत्र के सूर्य विहार कॉलोनी निवासी संतोष त्रिपाठी के इकलौते पुत्र अंबुज मणि उर्फ रिशु (20) की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि अंबुज को उसके दोस्त आयुष, सदरे आलम और बिट्टू किसी बहाने घर से बाहर ले गए थे। इसके बाद चिलुआताल क्षेत्र में शराब पार्टी के दौरान पैसों के लेनदेन और पिस्टल खरीदने को लेकर विवाद हो गया, जो धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा।
आरोप है कि, विवाद बढ़ने पर तीनों ने मिलकर अंबुज की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सदरे आलम की गाड़ी में रखकर महराजगंज जिले के भिटौली क्षेत्र ले जाया गया, जहां आरोपियों ने सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। दोनों हिस्सों के बीच लगभग 10 किलोमीटर की दूरी रखकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने जांच के दौरान दो आरोपियों को हिरासत में लिया और उनकी निशानदेही पर पहले सिर और फिर धड़ बरामद किया गया। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि अब्दुल अहद खान उर्फ बिट्टू संगठित गिरोह का सरगना है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता था। इसके आपराधिक कृत्यों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहता था। गैंग लीडर अब्दुल खान उर्फ बिट्टू के खिलाफ हत्या, एससी-एसटी एक्ट, मारपीट, आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में पांच मामले दर्ज हैं। सदरे आलम के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज हैं। वहीं, आयुष चौधरी के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट व एससी-एसटी एक्ट समेत चार मामले दर्ज हैं।
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- मुख्य आरोपी बिट्टू को बनाया गया गैंग लीडर
गोरखपुर। तिवारीपुर क्षेत्र में हुए अंबुज मणि हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। इस मामले में मुख्य आरोपी चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर पोखरभिंडा निवासी अब्दुल अहद खान उर्फ बिट्टू को गैंग लीडर बनाया गया है, जबकि उसके गुर्गे चकसा हुसैन पचपेड़वा हड़हवा फाटक थाना गोरखनाथ निवासी आयुष चौधरी और करीमनगर पोखरभिंडा थाना चिलुआताल निवासी सदरे आलम को गैंग का सक्रिय सदस्य माना गया है। तीनों आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं।
वारदात 26 नवंबर की रात को हुई थी। तिवारीपुर थाना क्षेत्र के सूर्य विहार कॉलोनी निवासी संतोष त्रिपाठी के इकलौते पुत्र अंबुज मणि उर्फ रिशु (20) की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि अंबुज को उसके दोस्त आयुष, सदरे आलम और बिट्टू किसी बहाने घर से बाहर ले गए थे। इसके बाद चिलुआताल क्षेत्र में शराब पार्टी के दौरान पैसों के लेनदेन और पिस्टल खरीदने को लेकर विवाद हो गया, जो धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा।
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आरोप है कि, विवाद बढ़ने पर तीनों ने मिलकर अंबुज की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सदरे आलम की गाड़ी में रखकर महराजगंज जिले के भिटौली क्षेत्र ले जाया गया, जहां आरोपियों ने सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। दोनों हिस्सों के बीच लगभग 10 किलोमीटर की दूरी रखकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने जांच के दौरान दो आरोपियों को हिरासत में लिया और उनकी निशानदेही पर पहले सिर और फिर धड़ बरामद किया गया। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि अब्दुल अहद खान उर्फ बिट्टू संगठित गिरोह का सरगना है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता था। इसके आपराधिक कृत्यों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहता था। गैंग लीडर अब्दुल खान उर्फ बिट्टू के खिलाफ हत्या, एससी-एसटी एक्ट, मारपीट, आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में पांच मामले दर्ज हैं। सदरे आलम के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज हैं। वहीं, आयुष चौधरी के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट व एससी-एसटी एक्ट समेत चार मामले दर्ज हैं।