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Gorakhpur News: शादी से पहले रची साजिश, हिस्ट्रीशीटर बना दरोगा तो साथी बने सिपाही
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कई थानों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले, हाल ही में जेल से छूटे थे आरोपी
तीन लाख लेने के बाद परिजनों से मांगे और एक लाख
गोरखपुर। शादी के नाम पर राजस्थान से बुलाए गए परिवार को फर्जी पुलिस बताकर ठगी करने वाले गिरोह की करतूतें पुलिस की जांच में सामने आ गई हैं। पुलिस के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह ने शादी तय होने के बाद ठगी की साजिश रची। वह शादी के दौरान खुद को दरोगा बताकर सामने आया, जबकि उसके साथी हेड कांस्टेबल, सिपाही बताकर परिवार को डरा-धमका रहे थे।
पुलिस की जांच में पता चला कि ठगी की इस साजिश की रूपरेखा हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर पर तैयार की गई थी। हरियाणा निवासी बिचौलिया राजू शर्मा परिवार को राजस्थान से गोरखपुर लेकर आया। गिरोह में शामिल गुर्गे अलग-अलग भूमिकाओं में थे। अंकुर सिंह खुद को दरोगा बताकर पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहा था, जबकि धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन ने हेड कांस्टेबल की भूमिका निभाई। मुन्ना जायसवाल और नवमी शर्मा को सिपाही और गार्ड की भूमिका दी गई थी। रवि चौधरी को दुल्हन का भाई और शैला देवी को उसकी मौसी बनाकर पेश किया गया ताकि पीड़ित परिवार को किसी भी तरह का शक न हो।
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घटना के दौरान आरोपियों ने खुद को असली पुलिसकर्मी साबित करने के लिए पुलिस की तरह इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के डंडे, फर्जी पहचान पत्र और अन्य सामान भी अपने साथ रखा था। इन्हीं के सहारे उन्होंने पीड़ित परिवार को बंधक बना लिया और धमकाते हुए कहा कि यदि विरोध किया तो जेल भेज दिया जाएगा। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से दबाव में लाने के लिए उनकी पत्नी को फोन कर एक लाख रुपये की रंगदारी की मांग भी की थी। डर के माहौल में परिवार से रुपये वसूलकर आरोपी मौके से भाग गए।
सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को शादी के नाम पर फंसाता था और फिर पुलिस का भय दिखाकर वसूली करता था। मामले की जांच अभी जारी है और अन्य कड़ियों को भी जोड़ा जा रहा है।
पकड़े गए आरोपी शातिर अपराधी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह कई गंभीर मामलों में पहले से वांछित और अभियुक्त रहा है। उसके खिलाफ हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, लूट, धोखाधड़ी, मारपीट और संगठित अपराध जैसे मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। कैंट, गुलरिहा, गोरखनाथ, तिवारीपुर, चिलुआताल और अन्य थानों में उसके खिलाफ वर्ष 2016 से लेकर 2025 तक लगातार मामले दर्ज हैं। अंकुर सिंह पर दर्ज प्रमुख मामलों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराएं शामिल हैं। राजू शर्मा पर अपहरण, मारपीट और बीएनएस की धाराओं में मामले दर्ज हैं। धीरेन्द्र यादव उर्फ टुनटुन के खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या की कोशिश और रंगदारी जैसे मामले दर्ज हैं। रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल और नवमी शर्मा भी संगठित गिरोह से जुड़े मामलों में पहले से नामजद रहे हैं।
राजस्थान के एक आईपीएस ने की थी परिवार की मदद
आरोपियों के चंगुल में फंसे मुकेश मीणा के नंबर से बिचौलिए राजू ने उनके साले के मोबाइल नंबर पर कॉल कर छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके साले ने अपने परिचित एक आईपीएस से संपर्क किया। इसके बाद अनन्तपुरा थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कराई, जो शहर के चिलुआताल क्षेत्र में पाई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को गोरखपुर पुलिस के पास अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया है। मामला संज्ञान में आते ही चिलुआताल पुलिस सक्रिय हो गई। इसके बाद सर्विलांस की मदद से पहले अंकुर को दबोच लिया। इसके बाद पूरे गैंग तक पहुंच गई।
शैली ने उपलब्ध कराई थी लुटेरी दुल्हन
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शैली देवी ने एम्स थाना क्षेत्र के सोनबरसा में किराए के मकान में रहने वाली एक युवती को फर्जी शादी के लिए तैयार किया था। इस गिराेह में शामिल लुटेरी दुल्हन अपने एक अन्य परिचित युवती को भी साथ मिलाया था। उसे अपनी बहन बताकर पीड़ित परिवार के सामने पेश किया।