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बीआरडी : प्राचार्य पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू, लोकायुक्त के निर्देश पर टीम सक्रिय
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-कुशीनगर प्रशासन को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी, एडीएम वित्त ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जुटाई प्रारंभिक जानकारी
-पैथोलॉजी अनुबंध और इलाज में अनियमितता के लगे हैं आरोप
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। लोकायुक्त के निर्देश पर कुशीनगर जिला प्रशासन की टीम ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी और एडीएम वित्त व राजस्व को सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जांच की।
बृहस्पतिवार को कुशीनगर के एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर मामले की प्रारंभिक जानकारी जुटाई। प्राचार्य डॉ. जायसवाल ने जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। यह मामला नवंबर 2025 में सामने आया था, जब बस्ती निवासी अजीत प्रताप सिंह ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर इलाज के नाम पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इन गड़बड़ियों का असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिना शासन की अनुमति के एक पैथोलॉजी फर्म के अनुबंध का नवीनीकरण किया गया। फिलहाल जांच टीम संबंधित दस्तावेजों की जांच और अधिकारियों के बयान दर्ज कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट लोकायुक्त को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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-पैथोलॉजी अनुबंध और इलाज में अनियमितता के लगे हैं आरोप
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। लोकायुक्त के निर्देश पर कुशीनगर जिला प्रशासन की टीम ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी और एडीएम वित्त व राजस्व को सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जांच की।
बृहस्पतिवार को कुशीनगर के एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर मामले की प्रारंभिक जानकारी जुटाई। प्राचार्य डॉ. जायसवाल ने जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। यह मामला नवंबर 2025 में सामने आया था, जब बस्ती निवासी अजीत प्रताप सिंह ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर इलाज के नाम पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इन गड़बड़ियों का असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिना शासन की अनुमति के एक पैथोलॉजी फर्म के अनुबंध का नवीनीकरण किया गया। फिलहाल जांच टीम संबंधित दस्तावेजों की जांच और अधिकारियों के बयान दर्ज कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट लोकायुक्त को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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