गोरखपुर के पार्क हॉस्पिटल के डॉक्टर ओमकार राय समेत आईसीयू स्टाफ और प्रबंधन समिति के खिलाफ कैंट थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को गैर इरादतन हत्या, नर्सिंग होम में उपचार से मना करने और धमकी देने के मामले में केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मरीज की मौत के मामले में की है। इसे लेकर मरीज के परिजनों ने बृहस्पतिवार की देर रात तक हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई समेत कैंट इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंच गए। इस बीच परिजन आरोपित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
गोरखपुर: पार्क हॉस्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज, परिजनों ने किया हंगामा
पार्क हॉस्पिटल डॉ ओमकार राय ने कहा कि मरीज गंभीर अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल आया था। वह एल्कोहल्कि प्रेक्रेटाइटिस से पीड़ित था। रात के समय जान-पहचान के लोग लेकर आए थे। दो दिनों से मरीज का इलाज किया जा रहा था। गंभीर स्थिति होने पर लखनऊ एसजीपीजीआई ले जाने की सलाह दी गई थी। रास्ते में इलाज के दौरान मौत हुई है।
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जानकारी के मुताबिक, बांसगांव के पिडिया, माल्हनपार के रहने वाले अधिवक्ता मनोज कुमार यादव ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके साले प्रदीप यादव निवासी बेलघाट को इलाज के लिए शहर के पार्क हॉस्पिटल में तीन मई को भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की स्थिति बिगड़ गई।
इस बीच बृहस्पतिवार शाम को पांच बजे के करीब डॉक्टर लखनऊ हायर सेंटर की बात कहकर रुपये की मांग करने लगे। असमर्थतता जताने पर जान बूझकर मरीज को बिना ऑक्सीजन ले जाने लगे। बार-बार अनुरोध के बाद भी ऑक्सीजन नहीं लगाई गई। डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से प्रदीप की मौत हो गई।
मौत के बाद भी अस्पताल के स्टाफ रुपये की मांग कर रहे थे। आरोप लगाया है कि मामले में डॉ ओमकार राय समेत समस्त आईसीयू स्टाफ और प्रबंधन समिति जिम्मेदार है। इतना ही नहीं लोगों ने गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी भी दी। मनोज कुमार की तहरीर पर कैंट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मौत की सूचना पर परिजनों ने किया हंगामा
प्रदीप की मौत की सूचना मिलने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रदीप के परिजन समेत उनके रिश्तेदार मौके पर पहुंचकर डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे।
कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय ने कहा कि मरीज की मौत के मामले में तहरीर मिली है। तहरीर के आधार पर हत्या का प्रयास, नर्सिंग होम में उपचार से मना करने और गाली-गलौज सहित धमकी देने के मामले में डॉ ओमकार राय समेत प्रबंधन समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पार्क हॉस्पिटल डॉ ओमकार राय ने कहा कि मरीज गंभीर अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल आया था। वह एल्कोहल्कि प्रेक्रेटाइटिस से पीड़ित था। रात के समय जान-पहचान के लोग लेकर आए थे। दो दिनों से मरीज का इलाज किया जा रहा था। गंभीर स्थिति होने पर लखनऊ एसजीपीजीआई ले जाने की सलाह दी गई थी। रास्ते में इलाज के दौरान मौत हुई है। अस्पताल प्रशासन ने इलाज में कोई लापरवाही नहीं की है। सभी आरोप निराधार हैं।