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शिक्षक की खुदकुशी: देवरिया के BSA पर गोरखपुर में केस दर्ज- क्लर्क को भी बनाया आरोपी, निलंबित भी किया गया

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 23 Feb 2026 02:43 AM IST
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सार

शिक्षक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और 4 अप्रैल 2022 को न्यायालय ने उनके पक्ष में आदेश पारित किया। इसके बावजूद 24 मार्च और 1 अप्रैल 2023 को आवेदन दोबारा निरस्त कर दिए गए। गुड़िया ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन के दौरान बाबू संजीव सिंह ने तीनों शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की। रकम न देने पर फर्जी प्रतिकूल आदेश पारित करने की धमकी दी गई। बताया जाता है कि इसी वजह से शिक्षक ने उधार पर 16 लाख रुपये लिए थे।

FIR lodged against Deoria BSA and clerk in teacher's suicide case
मृतक कृष्ण मोहन की फाइल फोटो - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार

देवरिया के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले ने शिक्षा विभाग और प्रशासन में हलचल मचा दी है। रविवार को गुलरिहा पुलिस ने शिक्षिका की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक (क्लर्क) संजीव सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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तहरीर में आरोप लगाया गया है कि घूस की मांग और मानसिक प्रताड़ना के चलते कृष्ण मोहन सिंह ने खुदकुशी की। उधर, डीएम देवरिया दिव्या मित्तल ने बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू संजीव सिंह को निलंबित भी कर दिया है। साथ ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी के अध्यक्ष सीडीओ राजेश सिंह को तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
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गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर, सहबाजगंज निवासी गुड़िया सिंह ने तहरीर देकर पुलिस को बताया कि उनके पति कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति एक जुलाई 2016 को देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। यह नियुक्ति बीएसए की संस्तुति पर हुई थी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर नियुक्ति निरस्त कर दी गई। तहरीर में बताया गया कि इसी प्रकरण में दो अन्य सहायक अध्यापक ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी की नियुक्ति भी समाप्त कर दी गई थी।

शिक्षक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और 4 अप्रैल 2022 को न्यायालय ने उनके पक्ष में आदेश पारित किया। इसके बावजूद 24 मार्च और 1 अप्रैल 2023 को आवेदन दोबारा निरस्त कर दिए गए। गुड़िया ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन के दौरान बाबू संजीव सिंह ने तीनों शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की।

रकम न देने पर फर्जी प्रतिकूल आदेश पारित करने की धमकी दी गई। शिक्षक ने कर्ज लेकर रकम दी लेकिन भुगतान और सेवा बहाली की प्रक्रिया नहीं हुई। आरोप लगाया कि 20 फरवरी 2026 को कृष्ण मोहन सिंह को कार्यालय बुलाया गया, जहां उन्हें अपमानित किया गया और फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

शाम को घर लौटने पर वह तनाव में दिखे। उसी रात उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह जब पत्नी कमरे में पहुंचीं तो उन्हें फंदे पर लटका पाया। सूचना पर पुलिस पहुंची और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी: रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ

सुसाइड नोट में पूरे घटनाक्रम का किया गया था जिक्र
मौत से पहले कृष्ण मोहन सिंह ने चार पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा था, जो उनकी जेब से मिला। सुसाइड नोट में उन्होंने पूरे घटनाक्रम और संबंधित अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया था। गुड़िया सिंह की तहरीर पर बेसिक शिक्षाधिकारी शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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