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ऑनलाइन गेम के नाम पर ठगी: नोएडा और शाहजहांपुर से चल रहा था ठगी का नेटवर्क, व्हाट्सएप कॉल पर होती थी 'हेलो'

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 23 Mar 2026 02:43 AM IST
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सार

पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन और जरूरी उपकरण नोएडा निवासी अजय की ओर से उपलब्ध कराए जाते थे। आरोपी अजीत यादव ने बताया कि वह नौ मार्च 2026 को तारामंडल इलाके के एक अन्य होटल में फर्जी आधार कार्ड के जरिये रुका था। इसी तरह वह यूपी समेत अन्य प्रदेशों के जिलों में अलग-अलग होटलों में पहचान बदलकर ठहरते थे ताकि पुलिस से बचा जा सके।

Fraud case in the name of investment and trading in online gaming in Gorakhpur
गिरफ्तार चारों आरोपी - फोटो : स्त्रोत- पुलिस
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विस्तार

ऑनलाइन गेमिंग एप में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह की जांच में सामने आया कि इसका संचालन नोएडा और शाहजहांपुर में बैठे मास्टरमाइंड के इशारे पर किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, शहर के दो होटलों में सेमिनार आयोजित कर लोगों को निवेश और ऑनलाइन कमाई के सपने दिखाए जाते थे। इसी दौरान उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खातों की अहम जानकारी हासिल कर ली जाती थी।
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रामगढ़ताल थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात तारामंडल स्थित होटल में फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया था। 
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आरोपियों की पहचान अंबेडकरनगर के जहांगीरगंज, लखनडीह निवासी अजीत यादव, बलिया के बांसडीह, छोटकी सेढिया निवासी पारतेश सिंह, कुशीनगर के बृजमनगंज आलम चक निवासी अजय कुमार और कुशीनगर के सेनुआ निवासी गणेश साहनी के रूप में हुई थी। शनिवार दोपहर पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन और जरूरी उपकरण नोएडा निवासी अजय की ओर से उपलब्ध कराए जाते थे। आरोपी अजीत यादव ने बताया कि वह नौ मार्च 2026 को तारामंडल इलाके के एक अन्य होटल में फर्जी आधार कार्ड के जरिये रुका था। इसी तरह वह यूपी समेत अन्य प्रदेशों के जिलों में अलग-अलग होटलों में पहचान बदलकर ठहरते थे ताकि पुलिस से बचा जा सके।

आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वे पिछले सात-आठ महीनों से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। गिरोह के गुर्गे क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को जोड़ते थे। इसके बाद खाताधारकों को एक एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी, जिससे उनके मोबाइल पर आने वाला ओटीपी सीधे आरोपियों तक पहुंच जाता था। आरोपी अजय गिराेह के गुर्गों से व्हाट्सएप कॉल के जरिये संपर्क में रहता था।

इसके अलावा खाताधारकों की यूजर आईडी, पासवर्ड और अन्य बैंकिंग डिटेल्स भी जुटाई जाती थी। शाहजहांपुर निवासी ऋषभ सिंह को यह सारी जानकारी भेजी जाती थी जो आगे ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर रकम को इधर-उधर करता था। गिरोह के गुर्गे लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल करने के लिए तैयार करते थे।


खासकर कॉर्पोरेट और करंट अकाउंट्स को निशाना बनाया जाता था। खातों में होने वाले लेन-देन पर आरोपियों को 25 से 30 पैसे प्रति रुपये तक कमीशन मिलता था।

पुलिस जांच में बड़े नेटवर्क के मिले संकेत, दो टीमें नोएडा और शाहजहांपुर रवाना
प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक बड़ा संगठित नेटवर्क है जिसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे। पुलिस अब नोएडा और शाहजहांपुर में बैठे मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। रविवार को पुलिस की दो टीमें मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए रवाना हो गई हैं।

साथ ही पुलिस की दो टीमें पकड़े गए आरोपियों के बैंक अकाउंट और कॉल डिटेल खंगालने में जुटी हुई है। थाना प्रभारी नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि मास्टरमाइंड की तलाश में टीमें रवाना हो गई हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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