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UP: सीएमओ वाला नंबर ट्रू कॉलर में हलवाई मिठाई लाल के नाम से सेव; फर्जी CMO और OSD ने वसूल लिए 15 लाख
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 03 Mar 2026 02:49 PM IST
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सार
गोरखपुर के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल के संचालक को कार्रवाई से बचाने के नाम पर वसूली के मामले में खुलासा हुआ है। ओएसडी बताने वाला गुजरात और सीएमओ के नाम पर वसूली करने वाला जालौन का है। सीएमओ वाला नंबर ट्रू कॉलर में हलवाई मिठाई लाल के नाम पर दर्ज है।
राजेश हाईटेक अस्पताल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
गोरखपुर के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल के संचालक को कार्रवाई से बचाने के नाम पर वसूली के मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हॉस्पिटल के संचालक राजेश राय को जालसाजों ने 20 फरवरी से फोन करना शुरू किया था।
पता चला है कि खुद को ओएसडी बताकर गुजरात और सीएमओ बन जालौन के जालसाज ने उन्हें फोन किया था। सीएमओ वाला नंबर ट्रू कॉलर में हलवाई मिठाई लाल के नाम पर दर्ज है।
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पता चला है कि खुद को ओएसडी बताकर गुजरात और सीएमओ बन जालौन के जालसाज ने उन्हें फोन किया था। सीएमओ वाला नंबर ट्रू कॉलर में हलवाई मिठाई लाल के नाम पर दर्ज है।
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सूत्रों के मुताबिक, हॉस्पिटल के संचालक राजेश राय के पास खुद को डिप्टी सीएम का ओएसडी संजीव सिंह बताकर कॉल की जा रही थी। 20 से लेकर 23 फरवरी तक लगातार फोन किया गया था। इस दौरान ओएएडी और उसके बाद ओएसडी के पीए ने संचालक राजेश राय से बात की। जिस नंबर से संचालक ने पहली बार फोन किया था वह अंकुर क्रॉश रोड, नारायणपुर अहमदाबाद के नाम से पंजीकृत है।
इस मोबाइल नंबर से एक और नंबर का आधार कार्ड भी लिंक है। जिसके नाम से मोबाइल नंबर पंजीकृत है, उसी नाम से आधार भी पंजीकृत है। जबकि सीएमओ नाम से आने वाला फोन जालौन जिले के पटेलनगर, उरई के नाम से पंजीकृत है। कंपनी में इसका एक वैकल्पिक नंबर भी दर्ज है।
एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ओएसडी नाम से फोन करने वाला नंबर लगातार ट्रू कॉलर पर बदलता रहा है। पिछले कुछ दिनों में पांच नए नाम से ट्रू कॉलर पर ये नंबर सक्रिय रहा है। इसमें संजीव सिंह, छेनू बाबू, जीनल कनेडा, राहुल और शाह मीत नाम से ट्रू कॉलर पर सक्रिय था। इन्हीं पांचों नामों में से एक नाम से मोबाइल नंबर टेलीकॉम कंपनी और आधार में भी लिंक है।
सूत्रों का कहना है कि शातिर ने ट्रू कॉलर पर तो खेल करते हुए नामों को बदल-बदल कर ओएसडी लिखते हुए पहचान बना ली, लेकिन मूल रिकार्ड (आधार से लिंक नंबर और टेलीकॉम में जमा दस्तावेज) से छेड़छाड़ नहीं कर सका।
ऐसे में ये भी माना जा सकता है कि किसी 'खास' के विश्वास में आकर उनकी तरफ से जालसाजी का खेल शुरू किया गया हो। माना जा रहा है कि दोनों नंबर के आदमी अलग, लेकिन एक ही सिंडिकेट है।
सीएमओ के नाम से जालसाजी करने वाला ट्रू कॉलर पर है मिठाईलाल
इस प्रकरण में एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया है। सीएमओ नाम वाला मोबाइल नंबर टेलीकॉम कंपनी में अलग नाम से पंजीकृत है, जबकि ट्रू कॉलर पर ये नंबर हलवाई मिठाई लाल और कुमार ओएसडी राजीव नाम के मेल आईडी से जुड़ा है। ऐसे में ट्रू कॉलर में मिठाई लाल, फोन सीएमओ के नाम से और फोन में दर्ज मेल आईडी ओएसडी के नाम से दर्ज होने पर एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।
इस प्रकरण में एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया है। सीएमओ नाम वाला मोबाइल नंबर टेलीकॉम कंपनी में अलग नाम से पंजीकृत है, जबकि ट्रू कॉलर पर ये नंबर हलवाई मिठाई लाल और कुमार ओएसडी राजीव नाम के मेल आईडी से जुड़ा है। ऐसे में ट्रू कॉलर में मिठाई लाल, फोन सीएमओ के नाम से और फोन में दर्ज मेल आईडी ओएसडी के नाम से दर्ज होने पर एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।
बता दें कि 7 अप्रैल 2025 को राजेश झा देवरिया से स्थानांतरित होकर गोरखपुर के सीएमओ बने थे। फोन और वसूली में अलग-अलग पहचान के साथ देवरिया की लिंक भी जुड़ने से मामला पेंचीदा हो गया है। हालांकि सीएमओ ने पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए कैंट थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।
