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Gorakhpur News: होटल में कमरे में बना रहे थे योजना, दो ठग गिरफ्तार- अब तक करोड़ों की कर चुके थे ठगी
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 02:44 AM IST
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सार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी वेबिनार आयोजित कर निवेशकों से अवैध रूप से धन इकट्ठा किया था। आरोपियों की पहचान देवरिया के खामपार बहोरवा संजीव कुमार कुशवाहा और देवरिया के गौरीबाजार बन्सहिया निवासी अंकित श्रीवास्तव के रूप में हुई है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
क्रिप्टोकरेंसी में दोगुना मुनाफा दिलाने के झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये एंठने वाले दो जालसाजों को रामगढ़ताल थाना पुलिस ने सोमवार को कृष्णा होटल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने एक लैपटॉप और दो मोबाइल बरामद किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी वेबिनार आयोजित कर निवेशकों से अवैध रूप से धन इकट्ठा किया था। आरोपियों की पहचान देवरिया के खामपार बहोरवा संजीव कुमार कुशवाहा और देवरिया के गौरीबाजार बन्सहिया निवासी अंकित श्रीवास्तव के रूप में हुई है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी वेबिनार आयोजित कर निवेशकों से अवैध रूप से धन इकट्ठा किया था। आरोपियों की पहचान देवरिया के खामपार बहोरवा संजीव कुमार कुशवाहा और देवरिया के गौरीबाजार बन्सहिया निवासी अंकित श्रीवास्तव के रूप में हुई है।
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इंस्पेक्टर रामगढ़ताल नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग होटल कृष्णा पैलेस के रूम नं. 315 में लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर आकर्षक लाभ का झांसा देकर रकम ले रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने होटल पहुंचकर रूम खोलवाया।
वहां संजीव कुमार कुशवाहा लोगों को निवेश के बारे में समझा रहा था। जबकि अंकित श्रीवास्तव ने निवेशकों को स्कीम के लिए बुलाया था। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अधिक लाभ का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।
वहां संजीव कुमार कुशवाहा लोगों को निवेश के बारे में समझा रहा था। जबकि अंकित श्रीवास्तव ने निवेशकों को स्कीम के लिए बुलाया था। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अधिक लाभ का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।
आरोपियों ने निवेश से संबंधित कोई पंजीकरण या वैध दस्तावेज पेश नहीं किया। वहीं, रूम में मौजूद दो अन्य लोग बैकुंठपुर जिला गोपालगंज बिहार निवासी मनोज दीक्षित और सीधारी पूर्वी थाना सिधारी जिला आजमगढ़ निवासी श्रवण कुमार भी घटना स्थल से थाने लाए गए और उनके बयान के आधार पर गैंग के अन्य सहयोगियों की तलाश शुरू हुई।
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, विनियमित स्कीम पाबंदी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। दोपहर बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना रामगढ़ताल पुलिस अब कॉल डिटेल और लैपटॉप के डिजिटल सबूतों के आधार पर गैंग के अन्य गुर्गों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, विनियमित स्कीम पाबंदी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। दोपहर बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना रामगढ़ताल पुलिस अब कॉल डिटेल और लैपटॉप के डिजिटल सबूतों के आधार पर गैंग के अन्य गुर्गों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
संजीव से मुंबई की एक कंपनी में रुपये लगाने के दौरान हुई थी मुलाकात
गोपालगंज में डेयरी का काम करने वाले मनोज दीक्षित ने बताया कि इससे पहले उन्होंने मुंबई की एक कंपनी में रुपया लगाया था। जहां उनकी मुलाकात संजीव कुशवाहा से हुई थी। उस कंपनी में उनका सारा रुपया फंस गया। कुछ दिनों बाद संजीव कुशवाहा मिला तो उनसे अपना रुपया निकलवाने की बात कही।
उसने आश्वासन देकर गोरखपुर बुलाया। जहां वह बिटक्वाइन से संबंधित अपनी एक स्कीम के बारे में बता रहे थे। इसबीच पुलिस टीम वहां पहुंच गई। वहीं श्रवण कुमार से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह आयुर्वेदिक दवाओं का काम करते हैं जिसके संबंध में उनकी मुलाकात अंकित श्रीवास्तव से हुई थी।
गोपालगंज में डेयरी का काम करने वाले मनोज दीक्षित ने बताया कि इससे पहले उन्होंने मुंबई की एक कंपनी में रुपया लगाया था। जहां उनकी मुलाकात संजीव कुशवाहा से हुई थी। उस कंपनी में उनका सारा रुपया फंस गया। कुछ दिनों बाद संजीव कुशवाहा मिला तो उनसे अपना रुपया निकलवाने की बात कही।
उसने आश्वासन देकर गोरखपुर बुलाया। जहां वह बिटक्वाइन से संबंधित अपनी एक स्कीम के बारे में बता रहे थे। इसबीच पुलिस टीम वहां पहुंच गई। वहीं श्रवण कुमार से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह आयुर्वेदिक दवाओं का काम करते हैं जिसके संबंध में उनकी मुलाकात अंकित श्रीवास्तव से हुई थी।
धीरे-धीरे पहचान हो गई। अंकित ने कहा कि उसके एक मित्र संजीव कुशवाहा है जो बिटक्वाइन में रुपया लगाते हैं। उनके पास बहुत अच्छी स्कीम है जिससे हम लोगों के पास बहुत जल्दी ढेर सारा रुपया होगा।
लैपटॉप में मिले फोटोग्राफ और रुपये भेजने के स्क्रीनशॉट
बरामद लैपटॉप में फोटोग्राफ और क्रॉस क्रिएटिव एंड कान्सेप्ट फर्म में रुपये भेजने के स्क्रीनशॉट मिले। पुलिस ने इन सबूतों का रंगीन प्रिंटआउट निकाल कर साक्ष्य के तौर पर अपने पास रख लिया।
इन्वेस्ट के लिए वेबिनार का किया था आयोजन
क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट के लिए वेबिनार आयोजित किया गया था जिसमें सम्मिलित होने के लिए लोगों को बुलाया गया था। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि आपको किसने बुलाया था तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि अंकित श्रीवास्तव ने बुलाया था। अंकित श्रीवास्तव ने लोगों से कहा था कि एक अच्छी स्कीम आई है, जितनी जल्दी आप लोग रुपया लगाएंगे उतना अधिक लाभ होगा।
लैपटॉप में मिले फोटोग्राफ और रुपये भेजने के स्क्रीनशॉट
बरामद लैपटॉप में फोटोग्राफ और क्रॉस क्रिएटिव एंड कान्सेप्ट फर्म में रुपये भेजने के स्क्रीनशॉट मिले। पुलिस ने इन सबूतों का रंगीन प्रिंटआउट निकाल कर साक्ष्य के तौर पर अपने पास रख लिया।
इन्वेस्ट के लिए वेबिनार का किया था आयोजन
क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट के लिए वेबिनार आयोजित किया गया था जिसमें सम्मिलित होने के लिए लोगों को बुलाया गया था। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि आपको किसने बुलाया था तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि अंकित श्रीवास्तव ने बुलाया था। अंकित श्रीवास्तव ने लोगों से कहा था कि एक अच्छी स्कीम आई है, जितनी जल्दी आप लोग रुपया लगाएंगे उतना अधिक लाभ होगा।
