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Gorakhpur News: धर्म बदलते थे पर नाम नहीं...पुलिस से बचकर उठा रहे आरक्षण का भी लाभ
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धर्मांतरण : पहचान छिपाने को अपनाते रहे तमाम हथकंडे, पकड़े गए आरोपियों ने भी हिंदू नाम नहीं बदला था
बिहार के विल्सन की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
गोरखपुर। धर्मांतरण कराने वाले गिरोह की जांच में एक नई जानकारी सामने आई है। पता चला है कि धर्मांतरण कराने के बाद भी आरोपी लोगों से कहते थे कि वे अपना हिंदू नाम ही सबको बताएं। घर में वे प्रार्थना करें लेकिन इसके बारे में किसी को जानकारी न रहे। इससे पुलिस की जांच से बचने में आसानी होती थी। साथ ही वे आरक्षण का लाभ भी लेने में सफल हो जाते थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी, लोगों को झांसे में लेने के बाद पहले उनका बपतिस्मा कराते थे। यह एक धार्मिक संस्कार है जो विशेष रूप से ईसाई धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। बपतिस्मा का अर्थ है पापों से मुक्ति और नए जीवन की शुरुआत। इसमें व्यक्ति को पानी में डुबोया जाता है या पानी छिड़का जाता है। यह प्रतीक होता है शुद्धिकरण का, जैसे पुराने जीवन के पाप और गलत आदतों को धोकर नया जीवन शुरू करना। इसके बाद वह घर में ईसाई धर्म के अनुसार प्रार्थना करते थे। पकड़े गए आरोपियों ने भी अपना हिंदू नाम नहीं बदला था। सूत्रों ने बताया कि ऐसा ये इसलिए करते थे ताकि इनको आरक्षण का लाभ भी मिल सके।
दरअसल, गुलरिहा पुलिस ने धर्मांतरण की कोशिश के मामले में कुशीनगर के रामकोला निवासी रीता देवी, उसके बेटे अमित सिंह, सरहरी निवासी विक्की साहनी व पीपीगंज के कन्हैया यादव को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि कुशीनगर की रहने वाली रीता देवी ने समूह से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था लेकिन वह बढ़कर लाख में पहुंच गया था। विक्की साहनी ने बिहार के व्यक्ति से मिलकर उसका कर्ज माफ करा दिया था। इसके बाद एक युवक के पथरी का इलाज का झांसा दिया गया था। इसके बाद लोग उसके झांसे में आ गए थे।
आरोप है कि रविवार को एक घर में कुछ लोग इलाज के नाम पर महिलाओं को धर्मांतरण के लिए उकसा रहे थे। उन्हें धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपनाने की सलाह दे रहे थे। इसके लिए घर में चंगाई प्रार्थना चल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने महिला समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया था। हालांकि, सोमवार को कोर्ट से आरोपियों को जमानत मिल गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में बिहार का रहने वाला विल्सन ही गिरोह का सरगना है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि जल्द ही विल्सन को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रवण कुमार के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
गोरखपुर। अक्तूबर 2024 में माइक्रो फाइनेंस कंपनी का लोन माफ कराने की झूठी सूचना फैलाने के आरोपी आंबेडकर जनमोर्चा के संयोजक श्रवण निराला के खिलाफ गोरखनाथ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस की विवेचना के मुताबिक, श्रवण निराला ने पहले महराजगंज, गोरखपुर के गोला, बड़हलगंज, कैंपियरगंज की महिलाओं को समूह लोन दिलाया। फिर इसे माफ कराने की झूठी सूचना देकर सैकड़ों महिलाओं को गोरखनाथ मंदिर भिजवाया था। एक बड़ी साजिश रची गई थी, जिसे पुलिस ने बेनकाब कर दिया था। ब्यूरो
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बिहार के विल्सन की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
गोरखपुर। धर्मांतरण कराने वाले गिरोह की जांच में एक नई जानकारी सामने आई है। पता चला है कि धर्मांतरण कराने के बाद भी आरोपी लोगों से कहते थे कि वे अपना हिंदू नाम ही सबको बताएं। घर में वे प्रार्थना करें लेकिन इसके बारे में किसी को जानकारी न रहे। इससे पुलिस की जांच से बचने में आसानी होती थी। साथ ही वे आरक्षण का लाभ भी लेने में सफल हो जाते थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी, लोगों को झांसे में लेने के बाद पहले उनका बपतिस्मा कराते थे। यह एक धार्मिक संस्कार है जो विशेष रूप से ईसाई धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। बपतिस्मा का अर्थ है पापों से मुक्ति और नए जीवन की शुरुआत। इसमें व्यक्ति को पानी में डुबोया जाता है या पानी छिड़का जाता है। यह प्रतीक होता है शुद्धिकरण का, जैसे पुराने जीवन के पाप और गलत आदतों को धोकर नया जीवन शुरू करना। इसके बाद वह घर में ईसाई धर्म के अनुसार प्रार्थना करते थे। पकड़े गए आरोपियों ने भी अपना हिंदू नाम नहीं बदला था। सूत्रों ने बताया कि ऐसा ये इसलिए करते थे ताकि इनको आरक्षण का लाभ भी मिल सके।
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दरअसल, गुलरिहा पुलिस ने धर्मांतरण की कोशिश के मामले में कुशीनगर के रामकोला निवासी रीता देवी, उसके बेटे अमित सिंह, सरहरी निवासी विक्की साहनी व पीपीगंज के कन्हैया यादव को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि कुशीनगर की रहने वाली रीता देवी ने समूह से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था लेकिन वह बढ़कर लाख में पहुंच गया था। विक्की साहनी ने बिहार के व्यक्ति से मिलकर उसका कर्ज माफ करा दिया था। इसके बाद एक युवक के पथरी का इलाज का झांसा दिया गया था। इसके बाद लोग उसके झांसे में आ गए थे।
आरोप है कि रविवार को एक घर में कुछ लोग इलाज के नाम पर महिलाओं को धर्मांतरण के लिए उकसा रहे थे। उन्हें धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपनाने की सलाह दे रहे थे। इसके लिए घर में चंगाई प्रार्थना चल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने महिला समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया था। हालांकि, सोमवार को कोर्ट से आरोपियों को जमानत मिल गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में बिहार का रहने वाला विल्सन ही गिरोह का सरगना है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि जल्द ही विल्सन को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रवण कुमार के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
गोरखपुर। अक्तूबर 2024 में माइक्रो फाइनेंस कंपनी का लोन माफ कराने की झूठी सूचना फैलाने के आरोपी आंबेडकर जनमोर्चा के संयोजक श्रवण निराला के खिलाफ गोरखनाथ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस की विवेचना के मुताबिक, श्रवण निराला ने पहले महराजगंज, गोरखपुर के गोला, बड़हलगंज, कैंपियरगंज की महिलाओं को समूह लोन दिलाया। फिर इसे माफ कराने की झूठी सूचना देकर सैकड़ों महिलाओं को गोरखनाथ मंदिर भिजवाया था। एक बड़ी साजिश रची गई थी, जिसे पुलिस ने बेनकाब कर दिया था। ब्यूरो