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Gorakhpur News: सोशल मीडिया पर अपहरण-रंगदारी की झूठी सूचना फैलाने पर प्राथमिकी दर्ज
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- पुलिस की जांच में गलत निकली 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने की सूचना
- वीडियो में युवक ने खुद को अपहृत किए जाने की कही थी बात
- पूछताछ में पूर्व प्रधान के बेटे और उसके साथी पर जबरन वीडियो बनवाने का आरोप
बड़हलगंज। सोशल मीडिया पर अपहरण कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की भ्रामक सूचना वायरल करने के आरोप में बड़हलगंज पुलिस ने एक नामजद समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की जांच में सोशल मीडिया पर वायरल अपहरण और रंगदारी की सूचना गलत पाई गई।
बड़हलगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामशिव यादव की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक खबर प्रसारित हुई थी। इसमें एक महिला के पति को बंधक बनाए जाने और उसे छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का दावा किया गया था। पुलिस ने सूचना की जांच की तो मामला सही नहीं मिला। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी प्रसारित हुआ। इसमें एक व्यक्ति अपहरण कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने की बात कह रहा था। पुलिस ने जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान रामसमुझ निषाद के रूप में की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रामसमुझ ने बताया कि गांव के पूर्व प्रधान के बेटे संजय यादव और एक अन्य व्यक्ति उसे बाइक से जबरन ले गए थे। आरोप है कि दोनों ने उससे अपहरण और रंगदारी से संबंधित बातें कहलवाईं। रामसमुझ ने पुलिस को अपने अपहरण से इन्कार किया। उसने यह भी बताया कि उसके खिलाफ थाने में हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज है।
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पुलिस ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि संजय यादव और उसके सहयोगी ने गंभीर अपराध होने की झूठी सूचना जानबूझकर सोशल मीडिया पर प्रसारित की। इस सूचना के प्रसारित होने से आमजन में भय का माहौल बना और दो जातियों के बीच विवाद की आशंका उत्पन्न हुई। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
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- वीडियो में युवक ने खुद को अपहृत किए जाने की कही थी बात
- पूछताछ में पूर्व प्रधान के बेटे और उसके साथी पर जबरन वीडियो बनवाने का आरोप
बड़हलगंज। सोशल मीडिया पर अपहरण कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की भ्रामक सूचना वायरल करने के आरोप में बड़हलगंज पुलिस ने एक नामजद समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की जांच में सोशल मीडिया पर वायरल अपहरण और रंगदारी की सूचना गलत पाई गई।
बड़हलगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामशिव यादव की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक खबर प्रसारित हुई थी। इसमें एक महिला के पति को बंधक बनाए जाने और उसे छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का दावा किया गया था। पुलिस ने सूचना की जांच की तो मामला सही नहीं मिला। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी प्रसारित हुआ। इसमें एक व्यक्ति अपहरण कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने की बात कह रहा था। पुलिस ने जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान रामसमुझ निषाद के रूप में की।
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रामसमुझ ने बताया कि गांव के पूर्व प्रधान के बेटे संजय यादव और एक अन्य व्यक्ति उसे बाइक से जबरन ले गए थे। आरोप है कि दोनों ने उससे अपहरण और रंगदारी से संबंधित बातें कहलवाईं। रामसमुझ ने पुलिस को अपने अपहरण से इन्कार किया। उसने यह भी बताया कि उसके खिलाफ थाने में हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज है।
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पुलिस ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि संजय यादव और उसके सहयोगी ने गंभीर अपराध होने की झूठी सूचना जानबूझकर सोशल मीडिया पर प्रसारित की। इस सूचना के प्रसारित होने से आमजन में भय का माहौल बना और दो जातियों के बीच विवाद की आशंका उत्पन्न हुई। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।