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Gorakhpur News: पतंग विक्रेता ने फंदा लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखे पांच नाम
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गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र के हुमायूंपुर उत्तरी में पारिवारिक कलह से परेशान 48 वर्षीय पतंग विक्रेता ने फंदे से लटककर जान दे दी। मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने दूसरी पत्नी, सौतेली बेटी समेत पांच लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने पहली पत्नी के बेटे की तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो अन्य की तलाश की जा रही है।
हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अर्जुन प्रसाद चौहान अपने घर के निचले हिस्से में पतंग की दुकान चलाते थे। रविवार रात वह अपनी मां स्वर्गीय सोनमती के कमरे में फंदे से लटके मिले। सूचना पर पहुंची गोरखनाथ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तलाशी के दौरान अर्जुन की जेब से मिले सुसाइड नोट में दूसरी पत्नी कमलावती, सौतेली बेटी पूजा चौहान, पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी द्वारिका कन्नौजिया तथा कमलेश और सत्यभामा के नाम लिखे मिले।
मृतक के बेटे हर्ष चौहान ने पुलिस को बताया कि मां नीलम की मृत्यु के करीब 18 वर्ष बाद पिता ने कमलावती से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पत्नी और उसकी बेटी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाती थीं। विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अर्जुन ने अपनी संपत्ति बेटे हर्ष के नाम कर दी थी। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। हर्ष का आरोप है कि आरोपी लगातार रुपये, जेवर और कपड़ों की मांग करते थे। हालात से परेशान होकर अर्जुन ने सुरक्षा के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
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हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अर्जुन प्रसाद चौहान अपने घर के निचले हिस्से में पतंग की दुकान चलाते थे। रविवार रात वह अपनी मां स्वर्गीय सोनमती के कमरे में फंदे से लटके मिले। सूचना पर पहुंची गोरखनाथ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तलाशी के दौरान अर्जुन की जेब से मिले सुसाइड नोट में दूसरी पत्नी कमलावती, सौतेली बेटी पूजा चौहान, पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी द्वारिका कन्नौजिया तथा कमलेश और सत्यभामा के नाम लिखे मिले।
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मृतक के बेटे हर्ष चौहान ने पुलिस को बताया कि मां नीलम की मृत्यु के करीब 18 वर्ष बाद पिता ने कमलावती से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पत्नी और उसकी बेटी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाती थीं। विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अर्जुन ने अपनी संपत्ति बेटे हर्ष के नाम कर दी थी। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। हर्ष का आरोप है कि आरोपी लगातार रुपये, जेवर और कपड़ों की मांग करते थे। हालात से परेशान होकर अर्जुन ने सुरक्षा के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
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