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Gorakhpur News: गैस सिलिंडर मिला नहीं, आया डिलिवरी का मैसेज...एजेंसियों से लौटे खाली हाथ
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- एजेंसियाें पर लग रही लंबी लाइन, केवाईसी न होने और डीएसी कोड न आने वाले लोग भी परेशान
- होम डिलिवरी कम, एम्स और रेलवे को दिए जा रहे मांग के अनुसार कामर्शियल सिलिंडर
गोरखपुर। शहर में रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बहुत सारे उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर गैस सिलिंडर की डिलीवरी के मैसेज तो आ रहे हैं लेकिन हकीकत में उन्हें मिल नहीं पा रहा है। एजेंसियों से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं एम्स व रेलवे कैंटीन के लिए कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है।
रविवार को भी शहर के विभिन्न एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखी गई। उपभोक्ताओं का कहना था कि केवाईसी अपडेट न होने और डीएसी (डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड) न मिलने की वजह से भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलिंडर वापस लौट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर होम डिलिवरी की व्यवस्था भी लगभग ठप होती नजर आ रही है। पहले जहां अधिकांश उपभोक्ताओं को घर पर ही सिलिंडर मिल जाता था, अब उन्हें एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस एजेंसी के भारत गैस गोदाम पर सिलिंडर लदी गाड़ी डेढ़ घंटे देरी से पहुंची, इसके चलते सुबह 9:30 बजे से वितरण शुरू हुआ। दोपहर करीब एक बजे गैस सिलिंडर खत्म हो गया। इसके चलते अधिकतर लोगों को बिना गैस सिलिंडर के मायूस लौटना पड़ा। गोदाम पर पहुंची वीना राव ने बताया कि 18 मार्च को बुकिंग हुई थी। होम डिलीवरी के लिए कई दिनों से हॉकर को फोन करने पर भी गैस सिलिंडर नहीं मिला। रविवार को मोबाइल पर गैस सिलिंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया। इसकी शिकायत करने आई हूं।
वहीं गोल्डेन गैस एजेंसी पर पहुंचे गीता प्रेस क्षेत्र के अमित वर्मा ने बताया कि 19 मार्च को गैस सिलिंडर बुक कराया था लेकिन डीएसी कोड नहीं आया। उसी दिन एजेंसी आया तो कर्मचारी ने बताया कि सर्वर डाउन चल रहा है, एक दो दिन में डीएसी व ओटीपी आ जाएगा। रविवार को मैसेज आया कि आपके गैस सिलिंडर की डिलीवरी हो गई है।
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उपभोक्ता के पूछने पर झल्ला जा रहे एजेंसी वाले
एजेंसियों पर आने वाले उपभोक्ता अपनी परेशानी बता रहे हैं तो वितरक झल्ला जा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गैस एजेंसी पर पहुंचे उपभोक्ता बुद्धेश्वर ने बताया कि उन्होंने संचालक से सिर्फ इतना पूछा कि बिना गैस लिए डिलीवरी का मैसेज क्यों आ गया? इसी बात वह झल्लाकर भगाने लगे। गंगा गैस एजेंसी के वितरक ने बताया कि 360 गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी और 450 गैस सिलिंडर को गोदाम से उपभोक्ताओं को दिया गया। उधर, गोल्डेन गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि 300 गैस सिलिंडर होम डिलीवरी और 350 से ज्यादा गैस सिलिंडर को गोदाम से वितरित किया गया। सोमवार को एजेंसी बंद होने के कारण जिन उपभोक्ताओं को आपूर्ति नहीं हुई है, उन्हें मंगलवार सुबह आठ बजे आने के लिए कहा गया है।
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कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति अब बढ़ रही है। इससे होटल व ढाबा वालों को सुविधा होगी। वहीं अब सबसे ज्यादा होम डिलिवरी करवाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे एजेंसियों पर भीड़ कम लग सके। सर्वर की समस्या से परेशानी हो रही है। वह भी जल्द ही दूर हो जाएगी।
- रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
- होम डिलिवरी कम, एम्स और रेलवे को दिए जा रहे मांग के अनुसार कामर्शियल सिलिंडर
गोरखपुर। शहर में रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बहुत सारे उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर गैस सिलिंडर की डिलीवरी के मैसेज तो आ रहे हैं लेकिन हकीकत में उन्हें मिल नहीं पा रहा है। एजेंसियों से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं एम्स व रेलवे कैंटीन के लिए कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है।
रविवार को भी शहर के विभिन्न एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखी गई। उपभोक्ताओं का कहना था कि केवाईसी अपडेट न होने और डीएसी (डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड) न मिलने की वजह से भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलिंडर वापस लौट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर होम डिलिवरी की व्यवस्था भी लगभग ठप होती नजर आ रही है। पहले जहां अधिकांश उपभोक्ताओं को घर पर ही सिलिंडर मिल जाता था, अब उन्हें एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस एजेंसी के भारत गैस गोदाम पर सिलिंडर लदी गाड़ी डेढ़ घंटे देरी से पहुंची, इसके चलते सुबह 9:30 बजे से वितरण शुरू हुआ। दोपहर करीब एक बजे गैस सिलिंडर खत्म हो गया। इसके चलते अधिकतर लोगों को बिना गैस सिलिंडर के मायूस लौटना पड़ा। गोदाम पर पहुंची वीना राव ने बताया कि 18 मार्च को बुकिंग हुई थी। होम डिलीवरी के लिए कई दिनों से हॉकर को फोन करने पर भी गैस सिलिंडर नहीं मिला। रविवार को मोबाइल पर गैस सिलिंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया। इसकी शिकायत करने आई हूं।
वहीं गोल्डेन गैस एजेंसी पर पहुंचे गीता प्रेस क्षेत्र के अमित वर्मा ने बताया कि 19 मार्च को गैस सिलिंडर बुक कराया था लेकिन डीएसी कोड नहीं आया। उसी दिन एजेंसी आया तो कर्मचारी ने बताया कि सर्वर डाउन चल रहा है, एक दो दिन में डीएसी व ओटीपी आ जाएगा। रविवार को मैसेज आया कि आपके गैस सिलिंडर की डिलीवरी हो गई है।
उपभोक्ता के पूछने पर झल्ला जा रहे एजेंसी वाले
एजेंसियों पर आने वाले उपभोक्ता अपनी परेशानी बता रहे हैं तो वितरक झल्ला जा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गैस एजेंसी पर पहुंचे उपभोक्ता बुद्धेश्वर ने बताया कि उन्होंने संचालक से सिर्फ इतना पूछा कि बिना गैस लिए डिलीवरी का मैसेज क्यों आ गया? इसी बात वह झल्लाकर भगाने लगे। गंगा गैस एजेंसी के वितरक ने बताया कि 360 गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी और 450 गैस सिलिंडर को गोदाम से उपभोक्ताओं को दिया गया। उधर, गोल्डेन गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि 300 गैस सिलिंडर होम डिलीवरी और 350 से ज्यादा गैस सिलिंडर को गोदाम से वितरित किया गया। सोमवार को एजेंसी बंद होने के कारण जिन उपभोक्ताओं को आपूर्ति नहीं हुई है, उन्हें मंगलवार सुबह आठ बजे आने के लिए कहा गया है।
कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति अब बढ़ रही है। इससे होटल व ढाबा वालों को सुविधा होगी। वहीं अब सबसे ज्यादा होम डिलिवरी करवाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे एजेंसियों पर भीड़ कम लग सके। सर्वर की समस्या से परेशानी हो रही है। वह भी जल्द ही दूर हो जाएगी।
- रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी