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मॉकड्रिल : शहर में अंधेरा...लड़ाकू विमानों से हुई बमबारी
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एनेक्सी भवन में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले में घायल को छत से नीचे उतारा गया।संवाद
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- दिग्विजयनाथ पार्क में आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की हुई परख
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शाम के ठीक छह बजे तारामंडल क्षेत्र अचानक अंधेरे में डूब गया। आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की परख के लिए मॉकड्रिल की गई। इसमें लड़ाकू विमानों से बमबारी को दिखाया गया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य किए गए।
शाम छह बजे चारों ओर बिजली गुल होते ही लोग एक-दूसरे से कारण पूछने लगे। तभी नागरिक सुरक्षा के सायरनों की तेज आवाज ने पूरे इलाके को सतर्क कर दिया। कुछ ही पलों में सड़कों पर वार्डेन दिखाई देने लगे। मॉकड्रिल के दौरान लाउडस्पीकर के जरिये लोगों से अपील की गई कि दुश्मन देश के संभावित हवाई हमले की सूचना मिली है, इसलिए सभी लोग घरों की लाइट बंद कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
स्थिति और भयावह तब हो गई जब शाम 6:55 बजे दुश्मन देश के दो लड़ाकू विमानों द्वारा बमबारी किए जाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। तेज धमाकों से पूरा इलाका गूंज उठा। नागरिक सुरक्षा के वार्डेन, अग्निशमन व आपात सेवा कर्मी और पुलिस बल लोगों को खुले मैदानों में पहुंचने और जमीन पर लेटकर कान बंद करने के निर्देश देने लगे। तीन मिनट बाद, 6:58 बजे, दोबारा बमबारी का अभ्यास कराया गया। चारों ओर चीख-पुकार मच गई और अंधेरे में लोग इधर-उधर भागते नजर आए। दर्जनों लोग घायल होने का अभन्य करते हुए मदद की गुहार लगाने लगे।
राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया। वार्डेन और पुलिसकर्मी महंत दिग्विजय नाथ पार्क, सर्किट हाउस और एनेक्सी भवन की ओर दौड़े। एनडीआरएफ की ओर से आपातकालीन बिजली व्यवस्था बहाल की गई, जिससे क्षेत्र में रोशनी लौटी। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर लगी आग को बुझाना शुरू किया। घायलों को स्ट्रेचर पर लादकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
इसी दौरान पार्क में एक बम मिलने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। तत्काल क्षेत्र को घेरकर बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। दस्ते के कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर बम का फ्यूज निकालकर उसे निष्क्रिय कर दिया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। इसके बाद एनेक्सी भवन में भी कुछ लोगों के फंसे होने को दर्शाया गया। उन्हें एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता और समन्वय की जांच करना था। जब तक खतरा टलने का सायरन नहीं बजता, तब तक क्षेत्र में पूर्ण प्रकाश प्रतिबंध लागू रहता है, जिससे हवाई हमले के दौरान दुश्मन को शहर की सटीक स्थिति का अनुमान न हो सके।
इस अभ्यास के दौरान मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, डीएम दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नय्यर, चीफ वार्डेन संजीव गुलाटी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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गोरखपुर। शाम के ठीक छह बजे तारामंडल क्षेत्र अचानक अंधेरे में डूब गया। आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की परख के लिए मॉकड्रिल की गई। इसमें लड़ाकू विमानों से बमबारी को दिखाया गया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य किए गए।
शाम छह बजे चारों ओर बिजली गुल होते ही लोग एक-दूसरे से कारण पूछने लगे। तभी नागरिक सुरक्षा के सायरनों की तेज आवाज ने पूरे इलाके को सतर्क कर दिया। कुछ ही पलों में सड़कों पर वार्डेन दिखाई देने लगे। मॉकड्रिल के दौरान लाउडस्पीकर के जरिये लोगों से अपील की गई कि दुश्मन देश के संभावित हवाई हमले की सूचना मिली है, इसलिए सभी लोग घरों की लाइट बंद कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
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स्थिति और भयावह तब हो गई जब शाम 6:55 बजे दुश्मन देश के दो लड़ाकू विमानों द्वारा बमबारी किए जाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। तेज धमाकों से पूरा इलाका गूंज उठा। नागरिक सुरक्षा के वार्डेन, अग्निशमन व आपात सेवा कर्मी और पुलिस बल लोगों को खुले मैदानों में पहुंचने और जमीन पर लेटकर कान बंद करने के निर्देश देने लगे। तीन मिनट बाद, 6:58 बजे, दोबारा बमबारी का अभ्यास कराया गया। चारों ओर चीख-पुकार मच गई और अंधेरे में लोग इधर-उधर भागते नजर आए। दर्जनों लोग घायल होने का अभन्य करते हुए मदद की गुहार लगाने लगे।
राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया। वार्डेन और पुलिसकर्मी महंत दिग्विजय नाथ पार्क, सर्किट हाउस और एनेक्सी भवन की ओर दौड़े। एनडीआरएफ की ओर से आपातकालीन बिजली व्यवस्था बहाल की गई, जिससे क्षेत्र में रोशनी लौटी। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर लगी आग को बुझाना शुरू किया। घायलों को स्ट्रेचर पर लादकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
इसी दौरान पार्क में एक बम मिलने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। तत्काल क्षेत्र को घेरकर बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। दस्ते के कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर बम का फ्यूज निकालकर उसे निष्क्रिय कर दिया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। इसके बाद एनेक्सी भवन में भी कुछ लोगों के फंसे होने को दर्शाया गया। उन्हें एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता और समन्वय की जांच करना था। जब तक खतरा टलने का सायरन नहीं बजता, तब तक क्षेत्र में पूर्ण प्रकाश प्रतिबंध लागू रहता है, जिससे हवाई हमले के दौरान दुश्मन को शहर की सटीक स्थिति का अनुमान न हो सके।
इस अभ्यास के दौरान मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, डीएम दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नय्यर, चीफ वार्डेन संजीव गुलाटी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
