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Gorakhpur News: एक लाख का इनामी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, मुख्य आरक्षी घायल
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गोरखपुर। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान बाबू और मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को जिलाअस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मुस्तफिजुल रहमान को मृत घोषित कर दिया। वह आजमगढ़ में बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का आरोपित था और 2024 से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल का पुलिस से सामना हो गया। पुलिस के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा।
मुस्तफिजुल की ओर से की गई फायरिंग में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। मौके से पुलिस ने .32 बोर का एक पिस्टल, एक बाइक और भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए। पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2021 के हत्या के मामले में उसके खिलाफ एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
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आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे
पुलिस के अनुसार मुस्तफिजुल के विरुद्ध सबसे पहला मुकदमा वर्ष 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। वर्ष 2011 में वह एक अन्य हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हुआ, जिसके बाद से वह फरार था। वर्ष 2012 में आरोपी के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में बाद में न्यायालय के आदेश पर उसके विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा एवं संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई। वर्ष 2021 में हत्या के एक मामले में इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसी वर्ष उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 174-ए तथा धारा 506 के तहत अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए। वर्ष 2024 में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हुए। वहीं, 10 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत से फरार होने का एक और मामला उसके खिलाफ दर्ज किया गया। वर्ष 2026 में हरदोई जिले के बिलग्राम थाने में आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 303(2) के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल का पुलिस से सामना हो गया। पुलिस के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा।
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मुस्तफिजुल की ओर से की गई फायरिंग में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। मौके से पुलिस ने .32 बोर का एक पिस्टल, एक बाइक और भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए। पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2021 के हत्या के मामले में उसके खिलाफ एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
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आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे
पुलिस के अनुसार मुस्तफिजुल के विरुद्ध सबसे पहला मुकदमा वर्ष 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। वर्ष 2011 में वह एक अन्य हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हुआ, जिसके बाद से वह फरार था। वर्ष 2012 में आरोपी के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में बाद में न्यायालय के आदेश पर उसके विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा एवं संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई। वर्ष 2021 में हत्या के एक मामले में इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसी वर्ष उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 174-ए तथा धारा 506 के तहत अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए। वर्ष 2024 में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हुए। वहीं, 10 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत से फरार होने का एक और मामला उसके खिलाफ दर्ज किया गया। वर्ष 2026 में हरदोई जिले के बिलग्राम थाने में आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 303(2) के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।