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मोतियाबिंद ऑपरेशन प्रकरण : यूपी मेडिकल काउंसिल ने संचालक और सर्जन को किया तलब
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:57 AM IST
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- न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद 19 मरीज हुए थे संक्रमित, नौ की आंख निकालनी पड़ी थी
गोरखपुर। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में एक फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन में मरीजों की आंख में हुए गंभीर संक्रमण के मामले में यूपी मेडिकल काउंसिल ने सख्त रुख अपनाया है। संचालक के साथ सर्जरी करने वाले डॉक्टर को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है।
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से यूपी मेडिकल काउंसिल को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई थी। इस पत्र के आधार पर मेडिकल काउंसिल ने सर्जरी करने वाले डॉ. पराग अग्रवाल को तलब किया है। मेडिकल काउंसिल ने अस्पताल संचालक को भी संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है।
वहीं, अस्पताल संचालक ने काउंसिल को पत्र भेजकर आपत्ति जताई है। संचालक राजेश राय का कहना है कि काउंसिल का अधिकार क्षेत्र मुख्यतः पंजीकृत चिकित्सकों तक सीमित है। ऐसे में एक नॉन-मेडिको अस्पताल संचालक को सीधे तलब करने का आदेश किस विधिक प्रावधान के तहत दिया गया है।
दरअसल, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 30 मरीजों में से 19 मरीज गंभीर संक्रमण का शिकार हो गए थे, जिनमें से नौ मरीजों की आंख तक निकालनी पड़ी थी। इस मामले में अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। इस संबंध में एडिशनल सीएमओ अनिल सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है, पत्र का जवाब दिया जाएगा।
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गोरखपुर। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में एक फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन में मरीजों की आंख में हुए गंभीर संक्रमण के मामले में यूपी मेडिकल काउंसिल ने सख्त रुख अपनाया है। संचालक के साथ सर्जरी करने वाले डॉक्टर को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है।
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से यूपी मेडिकल काउंसिल को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई थी। इस पत्र के आधार पर मेडिकल काउंसिल ने सर्जरी करने वाले डॉ. पराग अग्रवाल को तलब किया है। मेडिकल काउंसिल ने अस्पताल संचालक को भी संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है।
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वहीं, अस्पताल संचालक ने काउंसिल को पत्र भेजकर आपत्ति जताई है। संचालक राजेश राय का कहना है कि काउंसिल का अधिकार क्षेत्र मुख्यतः पंजीकृत चिकित्सकों तक सीमित है। ऐसे में एक नॉन-मेडिको अस्पताल संचालक को सीधे तलब करने का आदेश किस विधिक प्रावधान के तहत दिया गया है।
दरअसल, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 30 मरीजों में से 19 मरीज गंभीर संक्रमण का शिकार हो गए थे, जिनमें से नौ मरीजों की आंख तक निकालनी पड़ी थी। इस मामले में अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। इस संबंध में एडिशनल सीएमओ अनिल सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है, पत्र का जवाब दिया जाएगा।