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पेपर लीक पर अब लगेगा ब्रेक: पेपर सेटिंग से प्रिंटिंग-पैकिंग तक एआई करेगा काम, 5000 सेट का बनेगा बैंक
Tue, 15 Sep 2026 11:45 AM IST
Rohit Singh
पुरुषोत्तम राय, गोरखपुर
पुरुषोत्तम राय, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:45 AM IST
सार
एआई आधारित इस तकनीक से अधिकतम 5,000 हजार पेपर सेट का बैंक रहेगा। जितने सवाल के प्रश्नपत्र तैयार करने हैं, उसका कमांड देना होगा और एआई विश्वविद्यालय के तय पैटर्न के अनुसार पेपर सेट करके प्रिंट और पैक भी कर देगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई भी मानव हस्तक्षेप नहीं रहेगा और इसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी।
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एमएमएमयूटी( सांकेतिक)
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
नीट पेपर लीक से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने बड़ा सबक लिया है। विश्वविद्यालय परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल करने जा रहा है। योजना के तहत प्रश्नपत्रों का पेपर बैंक तैयार किया जाएगा और एआई की मदद से प्रश्नपत्र तैयार कराए जाएंगे। प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग और पैकिंग की प्रक्रिया भी एआई ही पूरी करेगा।
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एमएमएमयूटी में वर्तमान व्यवस्था के तहत शिक्षकों से चार सेट में पेपर तैयार कराया जाता है और उसमें से एक सेट परीक्षा के लिए चुना जाता है। इसमें पेपर लीक होने की संभावना बनी रहती है। अब नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों से प्रत्येक सेमेस्टर के लिए प्रश्न पत्रों का डेटा बैंक तैयार कराया जाएगा।
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पहले सेमेस्टर में तैयार प्रश्नपत्र तब तक नहीं हटाए जाएंगे जब तक पेपर का पैटर्न नहीं बदलेगा। एआई डेटा बैंक से पाठ्यक्रम और कठिनाई के स्तर का संतुलन बनाकर प्रश्नपत्र तैयार कर देगा। इससे यह नहीं पता चल सकेगा कि प्रश्नपत्र में किस मॉडल के प्रश्न शामिल किए गए हैं। इसका फायदा यह होगा कि पेपर के बहुत आसान या कठिन होने की शिकायतें भी काफी कम हो जाएंगी।
तैयार प्रश्नपत्रों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटे पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। एआई सिस्टम को ईजाद करने वाली निजी कंपनी से विश्वविद्यालय जल्द ही अनुबंध करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इस सिस्टम का इस्तेमाल अगले सत्र से करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप घटने से गोपनीयता भी पूरी तरह से बनी रहेगी।
ऐसी बनी रहेगी गोपीनयता
एआई आधारित इस तकनीक से अधिकतम 5,000 हजार पेपर सेट का बैंक रहेगा। जितने सवाल के प्रश्नपत्र तैयार करने हैं, उसका कमांड देना होगा और एआई विश्वविद्यालय के तय पैटर्न के अनुसार पेपर सेट करके प्रिंट और पैक भी कर देगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई भी मानव हस्तक्षेप नहीं रहेगा और इसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी।
एआई आधारित इस तकनीक से अधिकतम 5,000 हजार पेपर सेट का बैंक रहेगा। जितने सवाल के प्रश्नपत्र तैयार करने हैं, उसका कमांड देना होगा और एआई विश्वविद्यालय के तय पैटर्न के अनुसार पेपर सेट करके प्रिंट और पैक भी कर देगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई भी मानव हस्तक्षेप नहीं रहेगा और इसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी।
पेपर लीक पर पूरी तरह ब्रेक लगाने के लिए परीक्षा प्रणाली में नए प्रयोग की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पेपर बैंक बनाया जाएगा। इसी बैंक से एआई प्रश्नपत्र तैयार करेगा। प्रश्नपत्र का पैकेट खुलने तक किसी को भी पता नहीं चल सकेगा कि एआई ने किन प्रश्नों का चयन किया है। इसके लिए एक एजेंसी से प्रारंभिक वार्ता हो चुकी है: प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति, एमएमएमयूटी