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UP:ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करते थे जालसाजी, 2 गिरफ्तार- पीलीभीत से खुला गोरखपुर 'फर्जी कॉल' सेंटर का खेल

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 09 Dec 2025 11:05 AM IST
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सार

4 दिसंबर को पीलीभीत पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिये जालसाजी करने वाले गिरोह को पकड़ा। वहां पकड़े गए विक्की पंडित ने बताया कि वह पहले गोरखपुर में आरोपी राकेश के साथ कॉल सेंटर चलाता था। इसके बाद गुलरिहा पुलिस भी सक्रिय हो गई। इसी के बाद गोरखपुर में भी ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई कर दो को गिरफ्तार किया गया है।

Online gaming scam busted, two including the kingpin arrested in Gorakhpur
ठगों के पास से बरामद मोबाइल, लैपटॉप समेत अन्य सामान। स्रोत पुलिस
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विस्तार
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गुलरिहा पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिये सट्टेबाजी कर करोड़ों की जालसाजी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना राकेश प्रजापति और उसके सहयोगी जान आलम को मदेरहवा से रविवार को गिरफ्तार किया। दोनों पीलीभीत के साइबर जालसाजों से जुड़े थे। इनके कॉल सेंटर से 6 लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, 4 चार्जर और माउस बरामद हुए हैं।

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मामले में पुलिस ने राकेश प्रजापति, जान आलम, बैंककर्मी कमलेश और सुजीत दुबे पर प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भिजवा दिया। वहीं, बैंककर्मी कमलेश व सुजीत दुबे व अन्य भागे आरोपियों की तलाश कर रही है।

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गुलरिहा के नारायणपुर नंबर 2 टोला हीरागंज निवासी राकेश प्रजापति (35) एमबीए करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बैंक रोड पर ऑफिस चलाने वाले विक्की पंडित से हुई, जिसने उसे साइबर जालसाजी सिखाई। बाद में दोनों अलग हो गए, लेकिन राकेश ने खुद का गिरोह तैयार कर लिया।

उसने भटहट चिलबिलवां निवासी जान आलम, गाजीपुर के कमलेश और सुजीत दुबे को साथ जोड़कर शाहपुर के खजांची स्थित इंड्रा अस्पताल के बेसमेंट में कौशल्या इन्वेस्टमेंट नाम से कॉल सेंटर खोल लिया। यहां फेयर प्ले ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये सट्टेबाजी कर लोगों से मोटी रकम हड़पनी शुरू कर दी।

रुपयों के लेनदेन के लिए राकेश को बैंक खातों की जरूरत थी। उसने बैंककर्मी कमलेश की मदद से गुलरिहा क्षेत्र के आईडीएफसी बैंक में अनपढ़ और गरीब परिचितों के नाम पर म्यूल खाते खुलवाए। विवेचना में सामने आया कि प्रत्येक खाते में साइबर जालसाजी के 10 से 15 लाख रुपये तक रोजाना आते थे। अब तक 6 म्यूल खातों का संचालन सामने आया है।

मामला तब प्रकाश में आया जब 4 दिसंबर को पीलीभीत पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिये जालसाजी करने वाले गिरोह को पकड़ा। वहां पकड़े गए विक्की पंडित ने बताया कि वह पहले गोरखपुर में आरोपी राकेश के साथ कॉल सेंटर चलाता था। इसके बाद गुलरिहा पुलिस भी सक्रिय हो गई।

एक म्यूल खाते ने खोलीं ठगी की परतें
आरोपी राकेश के गांव का रहने वाला विजय चौहान पुलिस के पास तहरीर लेकर पहुंचा था। उसने बताया कि राकेश ने आधार लेकर उसका बैंक खाता खुलवाया और कहा कि महीने में दो हजार रुपये मिलेंगे, बाकी काम हम देख लेंगे। एक रात राकेश ने उसे फोन कर कहा कि इंटरनेट चालू रखना, फिर कुछ ही देर में उसके मोबाइल पर 20 हजार, 10 हजार के जमा होने के मैसेज आने लगे।

संदेह होने पर जब विजय अगले दिन बैंक पहुंचा तो आरोप है कि कर्मचारी कमलेश ने राकेश को बुलाकर उसे डरा-धमकाकर चुप रहने को कह दिया। विजय की तहरीर ने ही पुलिस को कॉल सेंटर का पूरा खेल उजागर करने का रास्ता दिखा दिया।

कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच जारी है। भागे आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारियां जुटाईं जा रही हैं: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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