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Gorakhpur News: रात में अकेली फंसी तो पहुंचेगी महिला स्कॉर्ट, सुरक्षा के लिए शहर में चार वाहन तैनात

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:49 AM IST
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Police woke up after incidents of molestation and assault of girl students going to tuition
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ट्यूशन जा रही छात्राओं से छेड़खानी और मारपीट की घटना के बाद खुली पुलिस की नींद
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स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी छात्राओं तक पहुंचाई जाएगी

गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र में ट्यूशन के लिए जा रही छात्राओं के साथ छेड़खानी और मारपीट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े किए तो पुलिस की नींद खुली। पुलिस ने नाइट स्कॉर्ट सर्विस को सक्रिय कर दिया गया है। महिला सुरक्षा को लेकर बनी हेल्पलाइन, पीआरवी नेटवर्क और मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने शहर में बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र खड़ा करने का दावा किया है। महिला स्कॉर्ट सुरक्षा योजना के तहत चार विशेष स्कॉर्ट वाहन तैनात हैं। नोडल अधिकारी का कहना है कि यदि किसी महिला या छात्रा को देर शाम, रात अथवा सुनसान इलाके में सुरक्षित आवागमन का साधन नहीं मिल रहा है तो वह 112 या 181 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकती है। सूचना मिलने पर स्कॉर्ट वाहन उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था करता है। पुलिस ने कहा कि स्कूल-कॉलेज की छुट्टियां खत्म होने पर सभी हेल्पलाइन को लेकर छात्राओं को जागरूक किया जाएगा।
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पिंक बूथ से भी मिलती है मदद

महिलाओं की सहायता के लिए शहर के नौकायन क्षेत्र में पिंक बूथ भी स्थापित किया गया है। यहां महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्काल मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाती है। महिला सुरक्षा योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिले के सभी थानों पर मिशन शक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर महिला उपनिरीक्षक और महिला कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। महिला हेल्प डेस्क चौबीस घंटे सक्रिय रहती है और महिला संबंधी शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी संभालती है। शिकायत प्राप्त होने पर पीड़िता की बात सुनने से लेकर कानूनी कार्रवाई, काउंसलिंग और न्यायिक सहायता तक की प्रक्रिया मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से पूरी कराई जाती है।
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शहर में 97 पीआरवी वाहन सक्रिय
आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के लिए जिले में 97 पीआरवी वाहन सक्रिय हैं। इनमें 62 चारपहिया और 35 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
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