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Gorakhpur News: एजेंसियों से शुरू हुई होम डिलिवरी तो गोदामों पर कम हुई भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 03:15 AM IST
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गोरखपुर। रसाई गैस सिलिंडरों की अब होम डिलिवरी एजेंसियों से शुरू हो गई है। इसके बाद गोदामों पर भीड़ कम होने लगी है। बुधवार को जिले में 20,124 घरेलू गैस सिलिंडरों का वितरण अधिकारियों की निगरानी में कराया गया। इसमें छह हजार सिलिंडर की होम डिलिवरी हुई और करीब 14 हजार गैस एजेंसियों के गोदाम से दिया गया। इसके बाद भी 6 से 7 एजेंसियों पर गैस सिलिंडर के वितरण का दबाव बना हुआ है। बैकलॉग खत्म करने में तीन से चार दिन लग सकते हैं।
हालांकि, शहर में महेवा फलमंडी के पास गंगा गैस एजेंसी के गोदाम पर बुधवार को लंबी लाइन लगी रही। सुबह तीन से चार बजे ही लोग आकर लाइनों में लग गए। महावीर छपरा और ताल नवर क्षेत्र के रहने वाले जसवंत और पन्नेलाल ने बताया कि वे सुबह करीब 3 बजे ही एजेंसी पर पहुंच गए थे। लंबी कतार में कई घंटे इंतजार करने के बाद किसी तरह उन्हें गैस सिलिंडर मिल सका। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं, लेकिन गैस सिलिंडर लेने के लिए आज मजदूरी छोड़नी पड़ी। सिलेंडर की कमी के कारण मजबूरी में पूरा दिन एजेंसी पर बीताना पड़ा। वहीं, कई एजेंसियों पर पर्ची लेने के लिए लोग परेशान रहे।
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले की अधिकांश गैस एजेंसियों पर आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। जिले में कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें से 19 एजेंसियां पूरी तरह संतुलित ढंग से संचालित हो रही हैं और वहां किसी प्रकार का बैकलॉग नहीं है। 6 से 7 एजेंसियों पर अभी भी उपभोक्ताओं का दबाव अपेक्षाकृत अधिक है, जिसके कारण वितरण प्रभावित हो रहा है। इन एजेंसियों पर लंबित मांग को सामान्य करने में लगभग 3 से 4 दिन का समय लग सकता है। बुधवार की आपूर्ति के बाद भी बृहस्पतिवार के लिए 15,358 घरेलू गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं, जिससे अगले दिन भी वितरण प्रक्रिया सुचारु रूप से चलाने की तैयारी की गई है। आपूर्ति विभाग ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं को समय से गैस उपलब्ध कराई जाए और अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए। विभाग की निगरानी में लगातार वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समय पर सिलिंडर पहुंच सके।
वहीं, बुधवार को कुल 20,124 घरेलू गैस सिलिंडरों लोगों तक पहुंचाए गए। 191 कमर्शियल सिलिंडरों की भी डिलीवरी की गई, जिससे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिली।
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हालांकि, शहर में महेवा फलमंडी के पास गंगा गैस एजेंसी के गोदाम पर बुधवार को लंबी लाइन लगी रही। सुबह तीन से चार बजे ही लोग आकर लाइनों में लग गए। महावीर छपरा और ताल नवर क्षेत्र के रहने वाले जसवंत और पन्नेलाल ने बताया कि वे सुबह करीब 3 बजे ही एजेंसी पर पहुंच गए थे। लंबी कतार में कई घंटे इंतजार करने के बाद किसी तरह उन्हें गैस सिलिंडर मिल सका। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं, लेकिन गैस सिलिंडर लेने के लिए आज मजदूरी छोड़नी पड़ी। सिलेंडर की कमी के कारण मजबूरी में पूरा दिन एजेंसी पर बीताना पड़ा। वहीं, कई एजेंसियों पर पर्ची लेने के लिए लोग परेशान रहे।
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जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले की अधिकांश गैस एजेंसियों पर आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। जिले में कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें से 19 एजेंसियां पूरी तरह संतुलित ढंग से संचालित हो रही हैं और वहां किसी प्रकार का बैकलॉग नहीं है। 6 से 7 एजेंसियों पर अभी भी उपभोक्ताओं का दबाव अपेक्षाकृत अधिक है, जिसके कारण वितरण प्रभावित हो रहा है। इन एजेंसियों पर लंबित मांग को सामान्य करने में लगभग 3 से 4 दिन का समय लग सकता है। बुधवार की आपूर्ति के बाद भी बृहस्पतिवार के लिए 15,358 घरेलू गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं, जिससे अगले दिन भी वितरण प्रक्रिया सुचारु रूप से चलाने की तैयारी की गई है। आपूर्ति विभाग ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं को समय से गैस उपलब्ध कराई जाए और अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए। विभाग की निगरानी में लगातार वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समय पर सिलिंडर पहुंच सके।
वहीं, बुधवार को कुल 20,124 घरेलू गैस सिलिंडरों लोगों तक पहुंचाए गए। 191 कमर्शियल सिलिंडरों की भी डिलीवरी की गई, जिससे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिली।