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Gorakhpur News: सीएम ने पूछा, आरोपी सिपाही जेल गया फिर कैसे मिली तैनाती

Fri, 07 Aug 2026 02:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:42 AM IST
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The CM has sought a detailed report from the SSP; all aspects, including the accused's service record and reinstatement, will be investigated.
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में बच्ची के अपहरण के बाद दरिंदगी और हत्या के आरोपी बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादवकी तैनाती पर सवाल उठाए। पूछा कि जेल जाने और विभागीय जांच लंबित रहने के बावजूद अभिषेक यादव को डॉयल-112 में किस आधार पर तैनाती दी गई। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस महकमे ने पूरे प्रकरण का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
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आरोपी सिपाही के आठ वर्षों तक एक ही जिले में लगातार तैनाती के कारणों का भी ब्योरा शासन को भेजा जाएगा। अमर उजाला ने विवादों में रहने के बाद भी आरोपी सिपाही की तैनाती को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें बताया गया कि गंभीर आरोपों में घिरने से पहले भी अभिषेक यादव का सेवा रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा। उसके खिलाफ एक बार निलंबन और ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के तीन मामलों में विभागीय कार्रवाई हुई थी। पिपराइच, गोरखनाथ थाना, विधायक के सुरक्षाकर्मी और बाद में डॉयल-112 में तैनाती के दौरान उसके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर कई बार अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचीं। कार्रवाई होने के बावजूद उसकी तैनाती लगातार होती रही।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभिषेक यादव को दो फरवरी 2025 को निलंबित किया गया था। गोरखनाथ थाने में दर्ज मुकदमे में विवेचना के दौरान विभिन्न धाराएं बढ़ाई गईं और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसके बावजूद 15 सितंबर 2025 को उसकी बहाली कर डॉयल-112 में तैनात कर दिया गया। अब बहाली और तैनाती की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पूरे प्रकरण में प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होने की संभावना है। शासन ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बोले अधिकारीवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोपी सिपाही की पूर्व तैनाती, जेल जाने और उसके बाद दोबारा तैनाती से जुड़े प्रकरण का भी जिक्र किया था। शासन के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। सेवा रिकॉर्ड, विभागीय कार्रवाई और तैनाती से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी
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