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Gorakhpur News: खुद व सरकारी कर्मचारियों के सर्वे में 68 हजार मिले आवास विहीन
Sat, 01 Aug 2026 03:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 01 Aug 2026 03:13 AM IST
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गोरखपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों के चयन के लिए शासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों के अलावा लाभार्थियों ने खुद सर्वें किया था। इस तरह से खुद व सरकारी कर्मचारियों की जो सर्वे रिपोर्ट आई उसके अनुसार 68136 लोग आवास विहीन हैं। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है। अब वहीं से प्राथमिकता तय होगी कि कौन पात्र है ओर कौन अपात्र है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीब बेघर लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। गांवों में रहने वाले लोगों को जिनके पास आवास नही है उनको पक्का घर बनवाने के लिए सरकार इस योजना में 1.20 लाख देती है। यह धनराशि तीन किस्तों में 40 हजार 70 व 10 हजार के रूप में दी जाएगी। इस योजना में पांच साल में एक बार सर्वे होता है। कोन पात्र है इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों को लगाकर गांव-गांव सर्वे कराया गया। इसके अलावा शासन स्तर से यह भी कहा गया कि जो लोग चाहें तो वह लोग खुद अपना सर्वे कर रिपोर्ट भेज दें केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी। इस तरह से 33784 लोगों ने खंद सर्वे कर यह बताया कि वह लोग प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र हैं, उनके पास आवास नही है। दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों ने 34352 लोगों का सर्वे कर बताया कि यह लोग पात्र हैं इन्हें प्रधानमंत्री आवास मिलना चाहिए।
इस तरह से 68136 लोगों की सूची केंद्र सरकार को भेजी गई है। अब केंद्र सरकार की ओर से प्राथकिता तय की जाएगी कि कोन-कौन पात्र हें जिन्हें प्रधानमंत्री आवास मिलना चाहिए। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर के माध्यम से होगी। जो रिपोर्ट है उसे कंप्यूटर में फीड कर दिया गया है। लक्ष्य भी अब केंद्र सरकार की ओर से तय किया जाएगा। यह लक्ष्य तय होने के बाद पांच साल में लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। हर साल जिले के लाभार्थियों के नाम से आवास आएगा।जिसके नाम से आवास आएगा उसे दिया जाएगा।
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लक्ष्य केंद्र सरकार की तरफ से यूपी का आएगा, वहां से हमलोगों के पास जिले का लक्ष्य आएगा। जैसे सूची आएगी वैसे धन का आवंटन लाभार्थियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। पूरी उम्मीद है कि बहुत ही जल्द लक्ष्य आ जाएगा।
- दीपक कुमार सिंह पीडी
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प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीब बेघर लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। गांवों में रहने वाले लोगों को जिनके पास आवास नही है उनको पक्का घर बनवाने के लिए सरकार इस योजना में 1.20 लाख देती है। यह धनराशि तीन किस्तों में 40 हजार 70 व 10 हजार के रूप में दी जाएगी। इस योजना में पांच साल में एक बार सर्वे होता है। कोन पात्र है इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों को लगाकर गांव-गांव सर्वे कराया गया। इसके अलावा शासन स्तर से यह भी कहा गया कि जो लोग चाहें तो वह लोग खुद अपना सर्वे कर रिपोर्ट भेज दें केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी। इस तरह से 33784 लोगों ने खंद सर्वे कर यह बताया कि वह लोग प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र हैं, उनके पास आवास नही है। दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों ने 34352 लोगों का सर्वे कर बताया कि यह लोग पात्र हैं इन्हें प्रधानमंत्री आवास मिलना चाहिए।
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इस तरह से 68136 लोगों की सूची केंद्र सरकार को भेजी गई है। अब केंद्र सरकार की ओर से प्राथकिता तय की जाएगी कि कोन-कौन पात्र हें जिन्हें प्रधानमंत्री आवास मिलना चाहिए। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर के माध्यम से होगी। जो रिपोर्ट है उसे कंप्यूटर में फीड कर दिया गया है। लक्ष्य भी अब केंद्र सरकार की ओर से तय किया जाएगा। यह लक्ष्य तय होने के बाद पांच साल में लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। हर साल जिले के लाभार्थियों के नाम से आवास आएगा।जिसके नाम से आवास आएगा उसे दिया जाएगा।
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लक्ष्य केंद्र सरकार की तरफ से यूपी का आएगा, वहां से हमलोगों के पास जिले का लक्ष्य आएगा। जैसे सूची आएगी वैसे धन का आवंटन लाभार्थियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। पूरी उम्मीद है कि बहुत ही जल्द लक्ष्य आ जाएगा।
- दीपक कुमार सिंह पीडी