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Gorakhpur News: चौरीचौरा पुलिस ने 1611 शीशी अवैध शराब पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार
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हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी खेप, मॉडिफाइड कार और बदले नंबर प्लेट से कर रहे थे तस्करी
करीब 290 लीटर व्हिस्की जब्त, पूछताछ में खुला राज्यों के बीच फैला नेटवर्क
हरियाणा के सोनीपत के हैं आरोपी दीपक और धीरज अहलावत, कोर्ट ने भेजा जेल
सरदारनगर (गोरखपुर)। चौरीचौरा पुलिस ने हरियाणा निर्मित 1611 शीशी अवैध शराब बरामद कर हरियाणा के सोनीपत निवासी दीपक और धीरज अहलावत को गिरफ्तार किया है। उनकी कार भी पकड़ी गई है। पकड़े गए आरोपी मॉडिफाइड कार में नंबर प्लेट बदलकर शराब की तस्करी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि चौरीचौरा थाने में तैनात एसआई राजू रंजन सिंह अपने हमराही एसआई सौरभ झा, एसआई रजनीश मिश्रा और कांस्टेबल सरवर आलम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हरियाणा निर्मित अवैध शराब एक कार से बिहार ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम निबियहवा पुल के पास चेकिंग शुरू कर दी।
चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया लेकिन दो सवार कुछ दूरी पहले ही वाहन रोककर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी दीपक और धीरज अहलावत के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नकदी और मोबाइल बरामद हुए।
वाहन पर बिहार का नंबर प्लेट लगा था लेकिन इंजन और चेसिस नंबर अलग-अलग पाए गए। जांच में वाहन पूर्वी चंपारण, बिहार में पंजीकृत निकला। कार की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई 180 एमएल की 1611 प्लास्टिक शीशी में पैक ब्लू स्ट्रोक व्हिस्की बरामद हुई, जिसका कुल मात्रा लगभग 289.980 लीटर है। आरोपियों के पास शराब से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं मिले।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हरियाणा से कम कीमत पर शराब लाकर गोरखपुर तक हरियाणा नंबर प्लेट से पहुंचे और वहां से बिहार का नंबर लगाकर आगे सप्लाई करने जा रहे थे। मौके से हरियाणा का नंबर प्लेट भी बरामद हुआ।
तस्करी के लिए कार को किया गया था मॉडिफाई
तस्करों ने वाहन को पूरी तरह से मॉडिफाई कराया था। सीएनजी सिलिंडर हटाकर डिकी को खाली किया गया था और उसके नीचे शराब छिपाकर ले जाई जा रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह हरियाणा से करीब डेढ़ लाख रुपये में खरीदी गई शराब को बिहार में 3.5 लाख रुपये में पहुंचाया जाता है। वहां फुटकर बिक्री में इसकी कीमत सात से आठ लाख रुपये तक हो जाती।
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हरियाणा के सोनीपत के हैं आरोपी दीपक और धीरज अहलावत, कोर्ट ने भेजा जेल
सरदारनगर (गोरखपुर)। चौरीचौरा पुलिस ने हरियाणा निर्मित 1611 शीशी अवैध शराब बरामद कर हरियाणा के सोनीपत निवासी दीपक और धीरज अहलावत को गिरफ्तार किया है। उनकी कार भी पकड़ी गई है। पकड़े गए आरोपी मॉडिफाइड कार में नंबर प्लेट बदलकर शराब की तस्करी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि चौरीचौरा थाने में तैनात एसआई राजू रंजन सिंह अपने हमराही एसआई सौरभ झा, एसआई रजनीश मिश्रा और कांस्टेबल सरवर आलम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हरियाणा निर्मित अवैध शराब एक कार से बिहार ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम निबियहवा पुल के पास चेकिंग शुरू कर दी।
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चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया लेकिन दो सवार कुछ दूरी पहले ही वाहन रोककर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी दीपक और धीरज अहलावत के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नकदी और मोबाइल बरामद हुए।
वाहन पर बिहार का नंबर प्लेट लगा था लेकिन इंजन और चेसिस नंबर अलग-अलग पाए गए। जांच में वाहन पूर्वी चंपारण, बिहार में पंजीकृत निकला। कार की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई 180 एमएल की 1611 प्लास्टिक शीशी में पैक ब्लू स्ट्रोक व्हिस्की बरामद हुई, जिसका कुल मात्रा लगभग 289.980 लीटर है। आरोपियों के पास शराब से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं मिले।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हरियाणा से कम कीमत पर शराब लाकर गोरखपुर तक हरियाणा नंबर प्लेट से पहुंचे और वहां से बिहार का नंबर लगाकर आगे सप्लाई करने जा रहे थे। मौके से हरियाणा का नंबर प्लेट भी बरामद हुआ।
तस्करी के लिए कार को किया गया था मॉडिफाई
तस्करों ने वाहन को पूरी तरह से मॉडिफाई कराया था। सीएनजी सिलिंडर हटाकर डिकी को खाली किया गया था और उसके नीचे शराब छिपाकर ले जाई जा रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह हरियाणा से करीब डेढ़ लाख रुपये में खरीदी गई शराब को बिहार में 3.5 लाख रुपये में पहुंचाया जाता है। वहां फुटकर बिक्री में इसकी कीमत सात से आठ लाख रुपये तक हो जाती।