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Gorakhpur News: बेटी को गंवाने की पीड़ा...महसूस नहीं कर सके बेटे के जन्म की खुशी

Sat, 01 Aug 2026 03:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 03:13 AM IST
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The father said that after five daughters, everyone wished for a son.
गोरखपुर। नियति के खेल भी निराले हैं... घर में पांच बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ लेकिन हालात ऐसे कि यह खुशी महसूस नहीं की जा सकी। दरिंदगी की शिकार हुई 10 साल की बिटिया का परिवार के लोगों ने बृहस्पतिवार की सुबह अंतिम संस्कार किया था। देर शाम अस्पताल से बेटे के जन्म की खबर मिली। बिटिया से हुई हैवानियत के गम के बोझ तले दबे परिवार के लिए बेटे की आमद के उत्सव का अवसर भी फीका रहा।
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जिस बेटी को नौ महीने गर्भ में पाला और 10 साल तक अपने आंचल की छांव में हर दुख से बचाकर रखा उसके साथ हुई अमानवीयता ने मां को कभी न खत्म होने वाला दर्द दिया है। बिटिया को गंवाने की तकलीफ में डूबी गर्भवती मां की तबीयत बृहस्पतिवार की सुबह बिगड़ गई थी जैसे-तैसे उसे संभाला गया। इस बीच बिटिया के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी होती रहीं। उधर, प्रसव पीड़ा होने पर मां किसी भी कीमत पर अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं थी। काफी समझा-बुझाकर उसे कोतवाली थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां रात 9:30 बजे बेटे का जन्म हुआ। मां की आंख खुली तो बेटे को देख खुश होने के बजाय उसकी आंखें फिर छलक पड़ीं। मां बोली- भाई के पैदा होने का इंतजार कर रही थी, उसके आने से पहले ही चली गई।
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बाहर बेटियों के साथ मौजूद पिता फफक पड़े। कहने लगे कि सभी बहनों के साथ वह भी भाई के आने का इंतजार कर रही थी। कह रही थी कि इस साल रक्षाबंधन पर वह भी अपने भाई को राखी बांधेगी। पिता ने बताया कि पांच बेटियों के बाद सभी की चाह थी कि एक बेटा हो जाए। इस बार जैसे सभी को यह भरोसा था कि बेटा ही होगा। हम सब बहुत खुश थे। अगवा होने वाले दिन ही सुबह उसने बहन को खाना देने जाने से पहले मां को दुलारते हुए कहा था कि इस बार हमारे यहां भाई आएगा। यह कहते हुए पिता के साथ ही खड़ीं सभी बेटियां रोने लगीं और उन्हें संभालना मुश्किल हो गया।
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