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बसपा नेता हरबिलास हत्याकांड: जॉर्जिया से दिल्ली लाए गए इनामी बदमाश वैंकेट गर्ग को एसटीएफ ने हिरासत में लिया
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Published by: मयूर शर्मा
Updated Thu, 11 Jun 2026 04:37 PM IST
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सार
बसपा नेता हरबिलास हत्याकांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर वैंकेट गर्ग को एसटीएफ ने हिरासत में ले लिया है। वैेंकेट पर हत्या व रंगदारी समेत 30 मामले दर्ज है।
गैंगस्टर वेंकेट गर्ग भारत लाया गया
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अंबाला जिले के नारायणगढ़ में बसपा नेता हरबिलास सहित हत्या व रंगदारी समेत 30 मामलों में नामजद बदमाश वैंकेट गर्ग को जॉर्जिया से दिल्ली लाए जाने के बाद गुरुवार को एसटीएफ हरियाणा ने हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसी द्वारा सुबह वेंकेट को भारत लाया गया। यह भारत और जॉर्जिया के बीच पहला प्रत्यर्पण मामला है।
वैंकेट गर्ग पर 30 मामले दर्ज
साल 2026 में एसटीएफ हरियाणा द्वारा विदेशों से अपराधियों को वापस लाने की यह 10वीं बड़ी कार्रवाई है। वेंकेट गर्ग मूल रूप से नारायणगढ़ की चंदना कॉलोनी वार्ड नंबर 4 का रहने वाला है। आरोपी अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में सक्रिय 53 सदस्यीय गिरोह का संचालन करता है। आरोपी के खिलाफ हत्या, टारगेट किलिंग, जानलेवा हमला और रंगदारी जैसे कुल 30 गंभीर मामले दर्ज हैं। भारत से भागने से पहले उसके खिलाफ 20 मामले दर्ज थे।
विदेश भागने के बाद भी वेंकेट का नहीं थमा नेटवर्क
वेंकेट गर्ग ने विदेश भागने के बाद भी अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी और फायरिंग का धंधा जारी रखा, जिसके बाद उस पर 10 और मामले दर्ज किए गए। नारायणगढ़ में बसपा नेता हरबिलास की हत्या और अंबाला-यमुनानगर में व्यापारियों पर रंगदारी के लिए की गई अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं में इसी गैंग का हाथ था। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि वेंकेट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से फर्जी पासपोर्ट के सहारे संयुक्त अरब अमीरात भागा था। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को वह जॉर्जिया पहुंच गया था।
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वेंकेट ने गुरुग्राम के सेक्टर-67 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स का फर्जी पता देकर पासपोर्ट हासिल किया था। इस धोखाधड़ी को लेकर नारायणगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एसटीएफ की सिफारिश पर 4 फरवरी 2025 को उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था। अदालत से 6 ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट हासिल करने के साथ ही उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से इनपुट मिलते ही जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी का पता चला और तुरंत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई।
वैंकेट गर्ग पर 30 मामले दर्ज
साल 2026 में एसटीएफ हरियाणा द्वारा विदेशों से अपराधियों को वापस लाने की यह 10वीं बड़ी कार्रवाई है। वेंकेट गर्ग मूल रूप से नारायणगढ़ की चंदना कॉलोनी वार्ड नंबर 4 का रहने वाला है। आरोपी अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में सक्रिय 53 सदस्यीय गिरोह का संचालन करता है। आरोपी के खिलाफ हत्या, टारगेट किलिंग, जानलेवा हमला और रंगदारी जैसे कुल 30 गंभीर मामले दर्ज हैं। भारत से भागने से पहले उसके खिलाफ 20 मामले दर्ज थे।
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विदेश भागने के बाद भी वेंकेट का नहीं थमा नेटवर्क
वेंकेट गर्ग ने विदेश भागने के बाद भी अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी और फायरिंग का धंधा जारी रखा, जिसके बाद उस पर 10 और मामले दर्ज किए गए। नारायणगढ़ में बसपा नेता हरबिलास की हत्या और अंबाला-यमुनानगर में व्यापारियों पर रंगदारी के लिए की गई अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं में इसी गैंग का हाथ था। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि वेंकेट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से फर्जी पासपोर्ट के सहारे संयुक्त अरब अमीरात भागा था। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को वह जॉर्जिया पहुंच गया था।
वेंकेट ने गुरुग्राम के सेक्टर-67 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स का फर्जी पता देकर पासपोर्ट हासिल किया था। इस धोखाधड़ी को लेकर नारायणगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एसटीएफ की सिफारिश पर 4 फरवरी 2025 को उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था। अदालत से 6 ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट हासिल करने के साथ ही उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से इनपुट मिलते ही जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी का पता चला और तुरंत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई।