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Bhiwani News: ठिठुरन भरी सुबह... खेतों में पाले ने ओढ़ाई सरसों और गेहूं पर सफेद चादर
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:29 PM IST
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गांव अजीतपुर के खेतों में शुक्रवार को लकड़ी पर जमीं बर्फ।
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भिवानी। बारिश के बाद भिवानी में रात के समय पारा शून्य के करीब पहुंच गया जिससे शनिवार की सुबह खेतों में पाला जमा नजर आया। सुबह न्यूनतम तापमान तीन डिग्री दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री से ऊपर नहीं पहुंचा। लगातार 13 किलोमीटर प्रति घंटा की हवाओं के चलते शीतलहर का प्रकोप बना रहा जिससे मौसम में ठिठुरन भी बढ़ गई।
वीरवार रात को जिले में गरज के साथ बारिश हुई थी जबकि शुक्रवार अलसुबह भी कुछ जगहों पर वर्षा दर्ज की गई। जिले भर में कुल मिलाकर लगभग 28 एमएम बारिश हुई। बारिश के बाद किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद थी लेकिन तेज हवाओं की वजह से कई जगह सरसों और गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। शनिवार की सुबह खेतों में जमा पाले के साथ सड़क किनारे झाड़ियों, पेड़ों की टहनियों और सरसों के फूलों पर भी पाला नजर आया।
कृषि वैज्ञानिक देवीलाल ने बताया कि पाला सरसों की फसल के लिए हानिकारक हो सकता है लेकिन गेहूं की फसल के लिए जरूरी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि रात के समय पाले से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपाय अपनाए जाएं। जहां अच्छी बारिश नहीं हुई है वहां हल्की सिंचाई कर फसलों की रक्षा की जा सकती है।
जिले में करीब सात लाख 30 हजार एकड़ भूमि पर रबी फसल की बुवाई की गई है। सरसों की फसल फिलहाल पीले फूलों के साथ बढ़वार के चरम पर है और फरवरी के अंत तक पक कर तैयार हो जाएगी। ऐसे में खेतों में पाले के जमने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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कृषि वैज्ञानिक देवीलाल ने बताया कि पाला सरसों की फसल के लिए हानिकारक हो सकता है लेकिन गेहूं की फसल के लिए जरूरी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि रात के समय पाले से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपाय अपनाए जाएं। जहां अच्छी बारिश नहीं हुई है वहां हल्की सिंचाई कर फसलों की रक्षा की जा सकती है।
जिले में करीब सात लाख 30 हजार एकड़ भूमि पर रबी फसल की बुवाई की गई है। सरसों की फसल फिलहाल पीले फूलों के साथ बढ़वार के चरम पर है और फरवरी के अंत तक पक कर तैयार हो जाएगी। ऐसे में खेतों में पाले के जमने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।