{"_id":"69af26139de32560260c98ce","slug":"two-new-pump-houses-will-be-built-along-the-bhiwani-ghaggar-drain-to-prevent-water-pressure-from-breaking-during-floods-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-147841-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जलभराव में पानी के दबाव से नहीं टूटेंगे भिवानी-घग्गर ड्रेन के किनारे, बनेंगे दो नए पंप हाउस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जलभराव में पानी के दबाव से नहीं टूटेंगे भिवानी-घग्गर ड्रेन के किनारे, बनेंगे दो नए पंप हाउस
विज्ञापन
भिवानी-घग्गर ड्रेन।
विज्ञापन
भिवानी। अब जलभराव में अतिरिक्त पानी के दबाव में भिवानी-घग्गर ड्रेन के किनारे नहीं टूटेंगे। इसके लिए सिंचाई विभाग ड्रेन पर अत्यधिक दबाव वाली जगहों पर दो नए पंप हाउस बनाएगा जिनके जरिए ड्रेन का अतिरिक्त पानी नजदीकी लिंक ड्रेनों में डाला जाएगा। विभाग ने करीब 25 करोड़ की लागत से 18 कार्यों के टेंडर कराए हैं जिनके वर्क ऑर्डर इसी माह अलॉट होंगे।
इन कार्यों को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे इस बार मानसून के सीजन से पहले ही जिले के 25 गांवों में स्थायी समाधान होगा और करीब 45 हजार एकड़ भूमि बाढ़ से बचाई जा सकेगी। भिवानी शहर और आसपास के गांवों के दूषित पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन में होती है। भिवानी से हिसार के गांव कंवारी तक करीब 45 किलोमीटर लंबी इस ड्रेन पर मानसून के सीजन में अत्यधिक दबाव रहता है। क्षमता से अधिक पानी डाले जाने से ड्रेन कई गांवों में टूट जाती है जिससे पानी आबादी की तरफ बह जाता है। पिछले साल भी करीब 25 गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी थी और हजारों एकड़ भूमि पर जलभराव हुआ था।
सिंचाई विभाग ने 18 कार्यों में से दो करोड़ 58 लाख के बजट से दोनों तरफ ईंटों से किनारे मजबूत किए जाएंगे और दो करोड़ 84 लाख के बजट से पत्थर लगाकर किनारे और मजबूत किए जाएंगे ताकि ड्रेन पानी का दबाव झेल सके। भिवानी-घग्गर ड्रेन पर गांव सूई-बलियाली के समीप नया पंप हाउस दो करोड़ से अधिक के बजट से बनेगा जिससे अतिरिक्त पानी निगाना फीडर में डाला जाएगा। वहीं गांव धनाना के समीप एक करोड़ 22 लाख के बजट से पंप हाउस बनाकर अतिरिक्त पानी जूई फीडर में छोड़ा जाएगा।
सिवाड़ा-तालू लिंक ड्रेन पर 81 लाख के बजट से पाइप लाइन डालकर आसपास के खेतों से पानी निकासी होगी। गांव अलखपुरा के खेतों में बरसाती जलभराव से निजात के लिए 1.60 करोड़ की लागत से पाइप लाइन डालकर पानी सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में छोड़ा जाएगा। गांव जताई के खेतों से पानी की निकासी के लिए मिताथल फीडर तक पाइप लाइन 45 लाख की लागत से डाली जाएगी। मुंढाल कलां और मुंढाल खुर्द के खेतों से पानी की निकासी के लिए मुंढाल-तालू लिंक ड्रेन तक 70 लाख के बजट से पाइप लाइन डाली जाएगी। साथ ही सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर पर डेढ़ करोड़ की लागत से नया पंप हाउस भी बनाया जाएगा।
जाटू लुहारी की आबादी क्षेत्र से पानी निकासी पर खर्च होंगे तीन करोड़ 80 लाख रुपये
गांव जाटू लुहारी में बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन करोड़ 80 लाख का बजट रखा गया है। सिंचाई विभाग भिवानी-हांसी फोरलेन के समीप पाइप लाइन डालकर बारिश का अतिरिक्त पानी सीधा ड्रेन तक पहुंचाएगा। पिछले मानसून में चार माह तक पानी निकासी नहीं हो पाई थी अब यहां स्थायी प्रबंध किए जाएंगे।
दिल्ली-सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग मुंढाल के समीप अब नहीं होगा जलभराव
दिल्ली-सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर मुंढाल कस्बे के समीप 60 लाख के बजट से पाइप लाइन डालकर बरसाती पानी सीधे पुट्ठी-मुंढाल लिंक ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इससे नेशनल हाईवे और आसपास के खेतों में जलभराव की समस्या समाप्त होगी।
तालू-सिवाड़ा लिंक ड्रेन से जुड़ेगी सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी, होगी पानी की निकासी
बवानीखेड़ा क्षेत्र के तालू, सिवाड़ा, पुर और आसपास के गांवों में बरसाती जलभराव से निजात दिलाने के लिए छह करोड़ 55 लाख की लागत से पाइप लाइन डाली जाएगी। इस पाइप लाइन के जरिए तालू-सिवाड़ा लिंक ड्रेन सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी से जुड़ जाएगी। इससे करीब 25,000 एकड़ भूमि और आबादी क्षेत्र जलभराव से बचाई जाएगी।
बरसाती जलभराव से बचाने और भिवानी-घग्गर के अतिरिक्त पानी के दबाव में किनारे टूटने से बचाव के लिए सिंचाई विभाग ने 18 कार्याें के टेंडर कराए हैं। इनमें लिंक ड्रेनों के अतिरिक्त पानी को नजदीकी माइनरों से जोड़ा जाएगा वहीं नए पंप हाउस भी बनाए जाएंगे ताकि इनके जरिए बारिश के अतिरिक्त पानी को समय रहते निकासी कराया जा सके। इन कार्यों को मार्च में ही अलॉट कर 30 जून तक हर हाल में काम पूरा कराया जाएगा। इस साल मानसून में पिछले साल की परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। -राहुल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
मैंने बरसाती जलभराव वाले इलाकों का खुद निरीक्षण किया था। मौके पर ही मैंने सिंचाई अधिकारियों को इस इलाके के लोगों व किसानों की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान के लिए निर्देश दिए थे। जिस पर सरकार से समय रहते बजट मंजूर कराया गया। इस साल मानसून से पहले ये काम पूरा कर लिया जाएगा। जिससे इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। भविष्य में इन इलाकों में लोगों को जलभराव की वजह से न तो घर छोड़ना पड़ेगा और न फसल खराब होने पर नुकसान झेलना पड़ेगा। -श्रुति चौधरी, सिंचाई एवं महिला एवं बाल कल्याण विभाग मंत्री, हरियाणा सरकार।
Trending Videos
इन कार्यों को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे इस बार मानसून के सीजन से पहले ही जिले के 25 गांवों में स्थायी समाधान होगा और करीब 45 हजार एकड़ भूमि बाढ़ से बचाई जा सकेगी। भिवानी शहर और आसपास के गांवों के दूषित पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन में होती है। भिवानी से हिसार के गांव कंवारी तक करीब 45 किलोमीटर लंबी इस ड्रेन पर मानसून के सीजन में अत्यधिक दबाव रहता है। क्षमता से अधिक पानी डाले जाने से ड्रेन कई गांवों में टूट जाती है जिससे पानी आबादी की तरफ बह जाता है। पिछले साल भी करीब 25 गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी थी और हजारों एकड़ भूमि पर जलभराव हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई विभाग ने 18 कार्यों में से दो करोड़ 58 लाख के बजट से दोनों तरफ ईंटों से किनारे मजबूत किए जाएंगे और दो करोड़ 84 लाख के बजट से पत्थर लगाकर किनारे और मजबूत किए जाएंगे ताकि ड्रेन पानी का दबाव झेल सके। भिवानी-घग्गर ड्रेन पर गांव सूई-बलियाली के समीप नया पंप हाउस दो करोड़ से अधिक के बजट से बनेगा जिससे अतिरिक्त पानी निगाना फीडर में डाला जाएगा। वहीं गांव धनाना के समीप एक करोड़ 22 लाख के बजट से पंप हाउस बनाकर अतिरिक्त पानी जूई फीडर में छोड़ा जाएगा।
सिवाड़ा-तालू लिंक ड्रेन पर 81 लाख के बजट से पाइप लाइन डालकर आसपास के खेतों से पानी निकासी होगी। गांव अलखपुरा के खेतों में बरसाती जलभराव से निजात के लिए 1.60 करोड़ की लागत से पाइप लाइन डालकर पानी सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में छोड़ा जाएगा। गांव जताई के खेतों से पानी की निकासी के लिए मिताथल फीडर तक पाइप लाइन 45 लाख की लागत से डाली जाएगी। मुंढाल कलां और मुंढाल खुर्द के खेतों से पानी की निकासी के लिए मुंढाल-तालू लिंक ड्रेन तक 70 लाख के बजट से पाइप लाइन डाली जाएगी। साथ ही सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर पर डेढ़ करोड़ की लागत से नया पंप हाउस भी बनाया जाएगा।
जाटू लुहारी की आबादी क्षेत्र से पानी निकासी पर खर्च होंगे तीन करोड़ 80 लाख रुपये
गांव जाटू लुहारी में बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन करोड़ 80 लाख का बजट रखा गया है। सिंचाई विभाग भिवानी-हांसी फोरलेन के समीप पाइप लाइन डालकर बारिश का अतिरिक्त पानी सीधा ड्रेन तक पहुंचाएगा। पिछले मानसून में चार माह तक पानी निकासी नहीं हो पाई थी अब यहां स्थायी प्रबंध किए जाएंगे।
दिल्ली-सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग मुंढाल के समीप अब नहीं होगा जलभराव
दिल्ली-सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर मुंढाल कस्बे के समीप 60 लाख के बजट से पाइप लाइन डालकर बरसाती पानी सीधे पुट्ठी-मुंढाल लिंक ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इससे नेशनल हाईवे और आसपास के खेतों में जलभराव की समस्या समाप्त होगी।
तालू-सिवाड़ा लिंक ड्रेन से जुड़ेगी सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी, होगी पानी की निकासी
बवानीखेड़ा क्षेत्र के तालू, सिवाड़ा, पुर और आसपास के गांवों में बरसाती जलभराव से निजात दिलाने के लिए छह करोड़ 55 लाख की लागत से पाइप लाइन डाली जाएगी। इस पाइप लाइन के जरिए तालू-सिवाड़ा लिंक ड्रेन सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी से जुड़ जाएगी। इससे करीब 25,000 एकड़ भूमि और आबादी क्षेत्र जलभराव से बचाई जाएगी।
बरसाती जलभराव से बचाने और भिवानी-घग्गर के अतिरिक्त पानी के दबाव में किनारे टूटने से बचाव के लिए सिंचाई विभाग ने 18 कार्याें के टेंडर कराए हैं। इनमें लिंक ड्रेनों के अतिरिक्त पानी को नजदीकी माइनरों से जोड़ा जाएगा वहीं नए पंप हाउस भी बनाए जाएंगे ताकि इनके जरिए बारिश के अतिरिक्त पानी को समय रहते निकासी कराया जा सके। इन कार्यों को मार्च में ही अलॉट कर 30 जून तक हर हाल में काम पूरा कराया जाएगा। इस साल मानसून में पिछले साल की परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। -राहुल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
मैंने बरसाती जलभराव वाले इलाकों का खुद निरीक्षण किया था। मौके पर ही मैंने सिंचाई अधिकारियों को इस इलाके के लोगों व किसानों की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान के लिए निर्देश दिए थे। जिस पर सरकार से समय रहते बजट मंजूर कराया गया। इस साल मानसून से पहले ये काम पूरा कर लिया जाएगा। जिससे इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। भविष्य में इन इलाकों में लोगों को जलभराव की वजह से न तो घर छोड़ना पड़ेगा और न फसल खराब होने पर नुकसान झेलना पड़ेगा। -श्रुति चौधरी, सिंचाई एवं महिला एवं बाल कल्याण विभाग मंत्री, हरियाणा सरकार।