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Charkhi Dadri News: मंडी में लगाई जाएंगी 6 बायोमेट्रिक मशीन, अंगूठा लगाकर ही होगी फसल की बिक्री, किसान तीन लोगों को कर सकेंगे अधिकृत
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:34 AM IST
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दादरी की नई अनाज मंडी का गेट।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले में सरसों और गेहूं की खरीद प्रक्रिया को इस बार पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रशासन ने नए नियम लागू किए हैं। अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम के तहत अंगूठा लगाना अनिवार्य होगा। किसान अपने परिवार, दोस्त, आढ़ती या किसी रिश्तेदार सहित अधिकतम तीन लोगों को फसल बेचने के लिए रजिस्टर कर सकते हैं, ये लोग मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर किए जा सकते हैं।
मंडी में लगेंगी 6 बायोमेट्रिक मशीन
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी प्रशासन की आरे से नई अनाज मंडी में छह स्थानों पर बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों के माध्यम से किसान या उनके अधिकृत व्यक्ति अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे। मंडी में ये मशीनें गेट पर नहीं लगाई जाएंगी। एंट्री होने के बाद किसान को खरीद के दौरान अंगूठा लगाना जरूरी होगा।
क्यूआर कोड से होगी एंट्री
मंडी में प्रवेश के लिए भी अब डिजिटल प्रक्रिया अपनाई गई है। किसानों को मोबाइल एप के जरिए गेटपास बनाना होगा और उसी के क्यूआर कोड के आधार पर मंडी में एंट्री दी जाएगी। आढ़तियों को भी इस बारे में अवगत कराया गया है। बगैर नंबर प्लेट के वाहन को मंडी में एंटी नहीं मिलेगी। खरीद के दौरान गेट पर पुलिस का पहरा रहेगा।
बाजार में भाव तेज, मंडी रह सकती विरान
जिले की चार प्रमुख मंडियों में इस बार सरसों की खरीद की व्यवस्था की गई है लेकिन वर्तमान बाजार परिस्थितियों को देखते हुए मंडियां सुनी रहने की आशंका जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि खुले बाजार में सरसों के दाम इससे काफी अधिक चल रहे हैं। मिलों में सरसों 6900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है जबकि खुले बाजार में भी 6700 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है।
अभी तक नहीं पहुंची काेई एजेंसी
खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभी तक किसी भी खरीद एजेंसी ने मंडियों में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है। इससे किसानों और आढ़तियों दोनों में असमंजस का माहौल है। अभी तक मंडी में बारदाना, खरीद प्रक्रिया, मजदूरों के ठेके आदि की व्यवस्था नहीं हो पाई है। मंगलवार तक मंडी में एजेंसियां पहुंचने की उम्मीद है। इस बार तीन एजेंसियां खरीद करेंगी।
वर्सन:
डिजिटल व्यवस्था के जरिए खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने का प्रयास कर रहा है। किसानों को इस डिजिटल तकनीक से किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी, यह किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा। किसान बिना किसी परेशानी के फसल बेच पाएंगे। - विजय कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी।
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मंडी में लगेंगी 6 बायोमेट्रिक मशीन
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी प्रशासन की आरे से नई अनाज मंडी में छह स्थानों पर बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों के माध्यम से किसान या उनके अधिकृत व्यक्ति अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे। मंडी में ये मशीनें गेट पर नहीं लगाई जाएंगी। एंट्री होने के बाद किसान को खरीद के दौरान अंगूठा लगाना जरूरी होगा।
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क्यूआर कोड से होगी एंट्री
मंडी में प्रवेश के लिए भी अब डिजिटल प्रक्रिया अपनाई गई है। किसानों को मोबाइल एप के जरिए गेटपास बनाना होगा और उसी के क्यूआर कोड के आधार पर मंडी में एंट्री दी जाएगी। आढ़तियों को भी इस बारे में अवगत कराया गया है। बगैर नंबर प्लेट के वाहन को मंडी में एंटी नहीं मिलेगी। खरीद के दौरान गेट पर पुलिस का पहरा रहेगा।
बाजार में भाव तेज, मंडी रह सकती विरान
जिले की चार प्रमुख मंडियों में इस बार सरसों की खरीद की व्यवस्था की गई है लेकिन वर्तमान बाजार परिस्थितियों को देखते हुए मंडियां सुनी रहने की आशंका जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि खुले बाजार में सरसों के दाम इससे काफी अधिक चल रहे हैं। मिलों में सरसों 6900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है जबकि खुले बाजार में भी 6700 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है।
अभी तक नहीं पहुंची काेई एजेंसी
खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभी तक किसी भी खरीद एजेंसी ने मंडियों में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है। इससे किसानों और आढ़तियों दोनों में असमंजस का माहौल है। अभी तक मंडी में बारदाना, खरीद प्रक्रिया, मजदूरों के ठेके आदि की व्यवस्था नहीं हो पाई है। मंगलवार तक मंडी में एजेंसियां पहुंचने की उम्मीद है। इस बार तीन एजेंसियां खरीद करेंगी।
वर्सन:
डिजिटल व्यवस्था के जरिए खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने का प्रयास कर रहा है। किसानों को इस डिजिटल तकनीक से किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी, यह किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा। किसान बिना किसी परेशानी के फसल बेच पाएंगे। - विजय कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी।