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Charkhi Dadri News: पातुवास-महराणा रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेन का जल्द शुरू होगा ठहराव, वाणिज्यिक औचित्य आधार पर मिली मंंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:03 AM IST
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रेलवे स्टेशन से गुजरती ट्रेन।
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चरखी दादरी। गांव पातुवास–महराणा के रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए चली आ रही बड़ी मांग पर अब रेलवे मंडल ने सकारात्मक रुख दिखाया है। ट्रेन संख्या 54085/86 दिल्ली-सातरोड–दिल्ली पैसेंजर वाया रेवाड़ी, गुरुग्राम और ट्रेन संख्या 14705/06 डेहर का बालाजी–भिवानी एक्सप्रेस वाया रिंगस, नारनौल के पातुवास–महराणा स्टेशन पर ठहराव के लिए प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। किसी भी ट्रेन के ठहराव में वाणिज्यिक औचित्य आधार पर मंंजूरी जरूरी होती है। इन दोनों ट्रेनों के ठहराव के लिए ये अनुमति मिल चुकी है। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय बिकानेर ने वाणिज्यिक औचित्य के आधार पर इन ट्रेनों को छह माह की अवधि के लिए प्रायोगिक तौर पर ठहराव की अनुमति दे दी है। जल्द ही ट्रेन का ठहराव शुरू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि क्षेत्रीय रेलवे सलाहकार समिति सदस्य अनुज शर्मा की ओर से इस संबंध में पत्राचार किया गया था। यदि इन ट्रेनों का पातुवास–महराणा स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत होता है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
जानिए..क्या है वाणिज्यिक औचित्य आधार
किसी भी ट्रेन के ठहराव के लिए रेलवे विभाग की ओर से नियम बनाए गए है। यदि किसी स्टेशन पर ट्रेन ठहरती है तो इसके लिए डीजल इंजन के लिए 12 हजार रुपये की टिकट और इलेक्ट्रिक इंजन के लिए 16 हजार रुपये की टिकट उक्त स्टेशन से बिकनी जरूरी होती है। पातुवास-महराणा के स्टेशनों से यह मंजूरी मिल चुकी है। अब डिविजन लेवल से यह मांग बोर्ड के स्तर पर जाएगी, यहां से मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन का ठहराव शुरू हो जाएगा।
लोगों को मिलेगी राहत
फिलहाल स्थानीय यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दादरी, रेवाड़ी या भिवानी जैसे बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों अतिरिक्त खर्च होते हैं। ट्रेनों के ठहराव से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे लोगों का समय भी बचेगा और धन भी। इसके अलावा ट्रेन पकड़ने के लिए होने वाली विभिन्न परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
भिवानी महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चौ. धर्मबीर सिंह, बाढड़ा विधायक उम्मेद पातुवास के प्रयास से जल्द से जल्द ट्रेनों का ठहराव शुरू करवाया जाएगा। फिलहाल वाणिज्यिक औचित्य आधार पर मंजूरी मिल चुकी है, जल्द ही बोर्ड से ठहराव का पत्र जारी होने की उम्मीद है। -अनुज शर्मा, क्षेत्रीय रेलवे सलाहकार
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जानिए..क्या है वाणिज्यिक औचित्य आधार
किसी भी ट्रेन के ठहराव के लिए रेलवे विभाग की ओर से नियम बनाए गए है। यदि किसी स्टेशन पर ट्रेन ठहरती है तो इसके लिए डीजल इंजन के लिए 12 हजार रुपये की टिकट और इलेक्ट्रिक इंजन के लिए 16 हजार रुपये की टिकट उक्त स्टेशन से बिकनी जरूरी होती है। पातुवास-महराणा के स्टेशनों से यह मंजूरी मिल चुकी है। अब डिविजन लेवल से यह मांग बोर्ड के स्तर पर जाएगी, यहां से मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन का ठहराव शुरू हो जाएगा।
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लोगों को मिलेगी राहत
फिलहाल स्थानीय यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दादरी, रेवाड़ी या भिवानी जैसे बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों अतिरिक्त खर्च होते हैं। ट्रेनों के ठहराव से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे लोगों का समय भी बचेगा और धन भी। इसके अलावा ट्रेन पकड़ने के लिए होने वाली विभिन्न परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
भिवानी महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चौ. धर्मबीर सिंह, बाढड़ा विधायक उम्मेद पातुवास के प्रयास से जल्द से जल्द ट्रेनों का ठहराव शुरू करवाया जाएगा। फिलहाल वाणिज्यिक औचित्य आधार पर मंजूरी मिल चुकी है, जल्द ही बोर्ड से ठहराव का पत्र जारी होने की उम्मीद है। -अनुज शर्मा, क्षेत्रीय रेलवे सलाहकार