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Fatehabad News: आंधी के बाद आठ दिन से बिजली, पानी संकट बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:33 PM IST
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बिजली पानी समस्या को लेकर एसडीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीण। संवाद
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टोहाना। गांव जमालपुर और खनोरा में 8-9 जून को आई आंधी के बाद से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। आठ दिन से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण ग्रामीणों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है वहीं खेतों में तैयार धान की पनीरी भी सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
दोनों गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को एसडीएम आकाश शर्मा से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग की। एसडीएम ने तीन दिन में गांव और खेतों की बिजली आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया है। गांव जमालपुर के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण सैनी ने बताया कि आंधी के दौरान समैन से आने वाली बिजली लाइन के करीब 50 से 60 पोल टूट गए थे। इसके बाद से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है।
गांव की ढाणियों में लोगों और पशुओं के लिए पीने के पानी तक का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि किसानों ने खेतों में धान की पनीरी तैयार की हुई है लेकिन सिंचाई नहीं होने से फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। यदि पनीरी नष्ट हो गई तो धान रोपाई प्रभावित होगी।ग्रामीणों का कहना है कि आंधी से पहले भी जर्जर पोल बदलने के लिए बिजली निगम को कई बार शिकायत दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले एसडीएम से भी मुलाकात की गई थी। उस समय जल्द समाधान का भरोसा मिला था, लेकिन अब तक मौके पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण मिठू राम ने बताया कि जमालपुर और खनोरा में हालात गंभीर हैं जबकि आसपास के दमकोरा और अमानी गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य है।
उन्होंने कहा कि डीसी, एसई, एक्सईएन और एसडीएम को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में बिजली बहाल नहीं हुई तो दोनों गांवों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
दोनों गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को एसडीएम आकाश शर्मा से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग की। एसडीएम ने तीन दिन में गांव और खेतों की बिजली आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया है। गांव जमालपुर के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण सैनी ने बताया कि आंधी के दौरान समैन से आने वाली बिजली लाइन के करीब 50 से 60 पोल टूट गए थे। इसके बाद से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है।
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गांव की ढाणियों में लोगों और पशुओं के लिए पीने के पानी तक का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि किसानों ने खेतों में धान की पनीरी तैयार की हुई है लेकिन सिंचाई नहीं होने से फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। यदि पनीरी नष्ट हो गई तो धान रोपाई प्रभावित होगी।ग्रामीणों का कहना है कि आंधी से पहले भी जर्जर पोल बदलने के लिए बिजली निगम को कई बार शिकायत दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले एसडीएम से भी मुलाकात की गई थी। उस समय जल्द समाधान का भरोसा मिला था, लेकिन अब तक मौके पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण मिठू राम ने बताया कि जमालपुर और खनोरा में हालात गंभीर हैं जबकि आसपास के दमकोरा और अमानी गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य है।
उन्होंने कहा कि डीसी, एसई, एक्सईएन और एसडीएम को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में बिजली बहाल नहीं हुई तो दोनों गांवों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।