{"_id":"69aed8ef7fd44076bd08a174","slug":"narrated-the-story-of-dhruva-character-and-kapil-avatar-jind-news-c-199-1-sroh1009-149662-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ध्रुव चरित्र और कपिल अवतार का सुनाया प्रसंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ध्रुव चरित्र और कपिल अवतार का सुनाया प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:57 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
नरवाना। दबलैन स्थित डेरा बाबा फकीरां वाला में डेरा महंत हरिओम भारती के सानिध्य में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को कथा हुई। यहां कथावाचक बाल योगी रंजना नंद दास महाराज ने ध्रुव चरित्र और भगवान कपिल अवतार का प्रसंग संगीतमय शैली में सुनाया।
कथावाचक ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि बालक ध्रुव ने जीवन में अपमान सहने के बाद भी हार नहीं मानी। उन्होंने दृढ़ निश्चय और भगवान विष्णु की कठोर तपस्या के बल पर वह स्थान प्राप्त किया जो आज तक अडिग है। ध्रुव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और आशीर्वाद स्वरूप ध्रुव तारा बनने का वरदान दिया।
उन्होंने कहा कि ध्रुव की कथा यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के साथ असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। इसके बाद कथा में भगवान कपिल के अवतार का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक ने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता देवहूति को सांख्य योग का ज्ञान देकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर चलना चाहिए। कपिल भगवान का संदेश आज भी मानव जीवन के लिए प्रासंगिक है क्योंकि यह आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मंगलवार को कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया जाएगा। इस मौके पर सरपंच कुलदीप मोर उर्फ काला, पूर्व सरपंच राजवीर मोर, तेजपाल शर्मा, पूर्व सरपंच अंग्रेज पाल, जसवीर मोर, जयप्रकाश मोर, ठेकेदार सुभाष चहल, भीम पंघाल, प्रदीप गिल, रमेश नंबरदार मौजूद रहे।
Trending Videos
कथावाचक ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि बालक ध्रुव ने जीवन में अपमान सहने के बाद भी हार नहीं मानी। उन्होंने दृढ़ निश्चय और भगवान विष्णु की कठोर तपस्या के बल पर वह स्थान प्राप्त किया जो आज तक अडिग है। ध्रुव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और आशीर्वाद स्वरूप ध्रुव तारा बनने का वरदान दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ध्रुव की कथा यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के साथ असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। इसके बाद कथा में भगवान कपिल के अवतार का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक ने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता देवहूति को सांख्य योग का ज्ञान देकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर चलना चाहिए। कपिल भगवान का संदेश आज भी मानव जीवन के लिए प्रासंगिक है क्योंकि यह आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मंगलवार को कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया जाएगा। इस मौके पर सरपंच कुलदीप मोर उर्फ काला, पूर्व सरपंच राजवीर मोर, तेजपाल शर्मा, पूर्व सरपंच अंग्रेज पाल, जसवीर मोर, जयप्रकाश मोर, ठेकेदार सुभाष चहल, भीम पंघाल, प्रदीप गिल, रमेश नंबरदार मौजूद रहे।