{"_id":"69f39d80564de4a65004e8a7","slug":"students-will-not-be-able-to-appear-for-10th-and-12th-board-exams-due-to-delay-in-uploading-marks-jind-news-c-199-1-jnd1010-152573-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: अंक अपलोड करने में देरी पर छात्र नहीं दे पाएंगे 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: अंक अपलोड करने में देरी पर छात्र नहीं दे पाएंगे 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा
विज्ञापन
30जेएनडी09: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जींद।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जींद। जींद जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा परिणाम का डाटा ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल पर समय रहते अपलोड कर दें। पोर्टल 20 अप्रैल से 20 मई तक खुला रहेगा।
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जो स्कूल निर्धारित समय सीमा के भीतर अंक अपलोड करने में विफल रहेंगे तो विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड पारदर्शी रहेगा और अंतिम समय में होने वाली तकनीकी खामियों से बचा जा सकेगा। जिले में कक्षा 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 16 फरवरी से 13 मार्च तक और कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से छह मार्च तक आयोजित की गई थीं।
विज्ञापन
परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद अब स्कूलों को परिणाम संकलित कर पोर्टल पर दर्ज करना है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई स्कूलों ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह बेहतर शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि हर छात्र का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहे।
वर्जन
सभी विद्यालय निर्धारित समय सीमा में विद्यार्थियों के अंक एमआईएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इस कार्य में लापरवाही या देरी कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
-रितु पंघाल जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जो स्कूल निर्धारित समय सीमा के भीतर अंक अपलोड करने में विफल रहेंगे तो विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड पारदर्शी रहेगा और अंतिम समय में होने वाली तकनीकी खामियों से बचा जा सकेगा। जिले में कक्षा 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 16 फरवरी से 13 मार्च तक और कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से छह मार्च तक आयोजित की गई थीं।
परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद अब स्कूलों को परिणाम संकलित कर पोर्टल पर दर्ज करना है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई स्कूलों ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह बेहतर शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि हर छात्र का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहे।
वर्जन
सभी विद्यालय निर्धारित समय सीमा में विद्यार्थियों के अंक एमआईएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इस कार्य में लापरवाही या देरी कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
-रितु पंघाल जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।