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UP: 'काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल', आतंकियों ने पोस्ट की फोटो, ज्ञानवापी का सर्वे आदेश देने वाले जज को धमकी

अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 25 Jun 2026 08:42 AM IST
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सार

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने एसएसपी संजय कुमार वर्मा को एक पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया है।

Judge Ravi Kumar Diwakar seeks 24-hour security his residence who order Gyanvapi survey Terrorists post photos
Judge Ravi Kumar Diwakar - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने एसएसपी संजय कुमार वर्मा को एक पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया है। न्यायाधीश दिवाकर ने चार साल पहले वाराणसी में अपनी तैनाती के दौरान शृंगार गौरी मामले की सुनवाई और ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे के आदेश के बाद आतंकवादियों से मिली धमकियों का उल्लेख किया है।


संवेदनशील परिस्थितियों पर चिंता
न्यायाधीश दिवाकर, जिन्होंने लगभग 80 दिनों में नौ लोगों को फांसी की सजा सुनाई है, ने चिंता व्यक्त की है कि वर्तमान परिस्थितियां उनकी बरेली में पिछली तैनाती से कहीं अधिक संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सुरक्षा में कटौती चिंता का विषय है। न्यायाधीश ने अपने पत्र में बताया कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2022 से सुरक्षा प्राप्त है।
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सुरक्षा में कटौती का आरोप
उन्होंने बताया कि बरेली में तैनाती के दौरान उन्हें दो निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) और सात दिनों तक, दो शिफ्टों में, आवासीय गारद सुरक्षा प्रदान की गई थी। इसके विपरीत, मुजफ्फरनगर में 29 नवंबर, 2025 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्हें केवल दो पीएसओ ही मिले हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिए अपर्याप्त हैं।
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वाराणसी की तैनाती का अनुभव
न्यायाधीश दिवाकर ने वाराणसी में अपनी पिछली तैनाती का अनुभव भी साझा किया। जून 2022 में, उन्हें "इस्लामिक आगाज मूवमेंट" नामक संगठन से एक धमकी भरा पत्र मिला था। इस पत्र में उन्हें "काफिर बुतपरस्त हिंदू न्यायाधीश" कहकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। न्यायाधीश ने बताया कि उन्हें मिली दोनों धमकियों की भाषा एक जैसी है, जो उनकी चिंता को और बढ़ाती है।

आतंकवादियों ने पोस्ट की थी न्यायाधीश की तस्वीर
एसएसपी को भेजे पत्र में उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच का हवाला दिया है। जांच में सामने आया कि आईएसआईएस से जुड़े दो आतंकवादियों को 25 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इन आतंकियों ने दिल्ली के बाजारों और उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आत्मघाती हमले की साजिश रची थी। 
 

अयोध्या का राम मंदिर भी इनमें शामिल था। आतंकवादी अदनान खान ने इंस्टाग्राम पर न्यायाधीश दिवाकर की तस्वीर पोस्ट करते हुए तस्वीर पर लाल रंग से काफिर लिखा और जान से मारने की धमकी दी थी।

'काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है'
अदनान खां ने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश को यह कहते हुए धमकी दी थी कि काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है, जो तुम्हारे दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं । 

मुजफ्फरनगर में फांसी की सजा का बनाया रिकॉर्ड
न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पिछले 80 दिन में फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड बनाया है। तीन मामलों में अब तक नौ लोगों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। एडवोकेट समीर सैफी, भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर, चरथावल के राजेश देवी और उसके मासूम बेटे हिमांशु और राजेंद्र सैनी की हत्या के मामले में नौ दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

पत्र नहीं मिला, गार्ड और गनर दे चुके
एसएसपी संजय वर्मा का कहना है कि अभी उन्हें इस तरह का कोई पत्र नहीं मिला है। हालांकि पुलिस लाइन से गार्ड में तीन पुलिसकर्मी और एक गनर पहले ही दिया जा चुका है।
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