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Kurukshetra News: गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व को समर्पित चेतना फेरी निकाली
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कुरुक्षेत्र। पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरु पर्व को समर्पित गुरु मान्यो ग्रंथ चेतना फेरी रविवार सुबह निकाली गई। यह फेरी गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार से श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हुई।
साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की छत्रछाया में पंज प्यारों ने इसका नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में संगत ने इस चेतना फेरी में भाग लिया। फेरी जगदीश दांतों वाला चौक, माजरी मोहल्ला, सिटी पुलिस चौकी रोड, शिव मंदिर रोड, स्टेशन माजरी और मेन बाजार से गुजरी। इसके बाद यह पुनः गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार पहुंची। फूलों से सजी पालकी साहिब के दर्शन कर संगत भाव-विभोर हो गई। सतनाम श्री वाहेगुरु साहिब जी की स्वर लहरियों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों और शब्दी जत्थे के भाइयों ने पालकी साहिब के साथ गुरबाणी शब्द-कीर्तन किया।
प्रातः पांच बजे कथावाचक ज्ञानी साहिब सिंह ने अरदास कर फेरी का शुभारंभ किया। रास्ते में कई परिवारों, सभाओं तथा गुरुद्वारा प्रबंधकों ने स्वागत द्वार सजाए। संगत के लिए प्रसाद और जलपान की व्यवस्था भी की गई। श्रद्धालु जगह-जगह सिर झुकाकर पालकी साहिब को नमन करते रहे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी फेरी में शामिल होकर अपनी श्रद्धा प्रकट की।
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साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की छत्रछाया में पंज प्यारों ने इसका नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में संगत ने इस चेतना फेरी में भाग लिया। फेरी जगदीश दांतों वाला चौक, माजरी मोहल्ला, सिटी पुलिस चौकी रोड, शिव मंदिर रोड, स्टेशन माजरी और मेन बाजार से गुजरी। इसके बाद यह पुनः गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार पहुंची। फूलों से सजी पालकी साहिब के दर्शन कर संगत भाव-विभोर हो गई। सतनाम श्री वाहेगुरु साहिब जी की स्वर लहरियों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों और शब्दी जत्थे के भाइयों ने पालकी साहिब के साथ गुरबाणी शब्द-कीर्तन किया।
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प्रातः पांच बजे कथावाचक ज्ञानी साहिब सिंह ने अरदास कर फेरी का शुभारंभ किया। रास्ते में कई परिवारों, सभाओं तथा गुरुद्वारा प्रबंधकों ने स्वागत द्वार सजाए। संगत के लिए प्रसाद और जलपान की व्यवस्था भी की गई। श्रद्धालु जगह-जगह सिर झुकाकर पालकी साहिब को नमन करते रहे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी फेरी में शामिल होकर अपनी श्रद्धा प्रकट की।