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Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षक ने बाइक से 3454 किमी की शहीद स्मारक यात्रा की पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:40 PM IST
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फोटो संख्या:56-पंजाब के भ्रमण के दौरान मदन मोहन कौशिक--स्रोत स्वयं
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कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के अंग्रेजी प्रवक्ता गांव झगड़ोली निवासी मदन मोहन कौशिक ने अपनी पांच दिवसीय 3454 किलोमीटर लंबी बाइक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इस विशेष यात्रा का उद्देश्य देश की ऐतिहासिक धरोहरों का दर्शन करना और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करना रहा।
मदन मोहन कौशिक ने बताया कि उनकी यह यात्रा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित 57 जिलों से होकर गुजरी। इस दौरान उन्होंने 10 से अधिक शहीद स्मारकों और वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने थार मरुस्थल और ऐतिहासिक रण ऑफ कच्छ का भी भ्रमण किया। यात्रा के दौरान उन्होंने देश के बड़े जिलों कच्छ, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर सहित पूर्व में लेह क्षेत्र का भी भ्रमण किया।
सतलुज, घग्गर, गंग नहर, काकनी, क्षिप्रा, चंबल, साबरमती, विश्वामित्री, दुधिमती, चंद्रभागा और काली नदियों को पार करते हुए अरावली पर्वत शृंखला का भी अनुभव किया।
उन्होंने राष्ट्रीय शहीद स्मारक हुसैनीवाला, जैसलमेर वॉर मेमोरियल, सरदार वल्लभभाई पटेल के पैतृक स्थान करमसद (जिला आनंद, गुजरात), क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पैतृक गांव (अलीराजपुर, मध्य प्रदेश), झाबुआ में तात्या भील की समाधि, उज्जैन के महाकाल मंदिर व चित्तौड़गढ़ किले का भी दौरा किया।
मदन मोहन कौशिक ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को सहेजना और युवाओं तक क्रांतिकारियों की देशभक्ति व विचारों को पहुंचाना है। इस यात्रा के साथ ही उनके द्वारा बाइक से भ्रमण किए गए जिलों की कुल संख्या बढ़कर 542 हो गई है।
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मदन मोहन कौशिक ने बताया कि उनकी यह यात्रा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित 57 जिलों से होकर गुजरी। इस दौरान उन्होंने 10 से अधिक शहीद स्मारकों और वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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उन्होंने थार मरुस्थल और ऐतिहासिक रण ऑफ कच्छ का भी भ्रमण किया। यात्रा के दौरान उन्होंने देश के बड़े जिलों कच्छ, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर सहित पूर्व में लेह क्षेत्र का भी भ्रमण किया।
सतलुज, घग्गर, गंग नहर, काकनी, क्षिप्रा, चंबल, साबरमती, विश्वामित्री, दुधिमती, चंद्रभागा और काली नदियों को पार करते हुए अरावली पर्वत शृंखला का भी अनुभव किया।
उन्होंने राष्ट्रीय शहीद स्मारक हुसैनीवाला, जैसलमेर वॉर मेमोरियल, सरदार वल्लभभाई पटेल के पैतृक स्थान करमसद (जिला आनंद, गुजरात), क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पैतृक गांव (अलीराजपुर, मध्य प्रदेश), झाबुआ में तात्या भील की समाधि, उज्जैन के महाकाल मंदिर व चित्तौड़गढ़ किले का भी दौरा किया।
मदन मोहन कौशिक ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को सहेजना और युवाओं तक क्रांतिकारियों की देशभक्ति व विचारों को पहुंचाना है। इस यात्रा के साथ ही उनके द्वारा बाइक से भ्रमण किए गए जिलों की कुल संख्या बढ़कर 542 हो गई है।