{"_id":"69d42a381e0d9968bc0004e7","slug":"books-reached-government-schools-providing-relief-to-73000-students-from-classes-6th-to-8th-panipat-news-c-244-1-sknl1016-155032-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सरकारी स्कूलों में पहुंची पुस्तक, छठी से आठवीं के 73 हजार विद्यार्थियों को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सरकारी स्कूलों में पहुंची पुस्तक, छठी से आठवीं के 73 हजार विद्यार्थियों को राहत
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। जिले के सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों के वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद पहली से आठवीं कक्षा तक की किताबें स्कूलों में पहुंचाई जा रही हैं और विद्यार्थियों को वितरित भी की जा रही हैं। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्कूलों में पढ़ाई सामान्य हो जाएगी। वहीं छठी कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते अभी पुस्तकों के लिए कुछ इंतजार करना पड़ेगा।
शिक्षा सत्र एक अप्रैल को शुरू हो गया। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए पुस्तक नहीं पहुंच पाई थी। करीब 292 स्कूलों के 73 हजार विद्यार्थियों के सामने किताबाें के बिना पढ़ाई करना चुनौती बना हुआ था। इसके लिए मैदान पर पड़ताल कर पुस्तकों की कमी के समाचार प्रकाशित किए थे। इनमें विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया गया था। शिक्षा विभाग इनके लिए हरकत में आया। अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किताब मिलते ही तत्काल वितरण सुनिश्चित किया जाए। अधिकतर स्कूलों में वितरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ स्कूलों में आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक या दो दिन में सभी स्कूलों में किताब उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते छठी कक्षा के विद्यार्थियों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।
विभाग के अनुसार नई पुस्तकों की आपूर्ति में तकनीकी कारणों से देरी हुई है, जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर वर्ष मिलने वाली मुफ्त पाठ्य पुस्तकें इस बार समय पर नहीं पहुंच सकीं थी। इसके कारण विद्यार्थियों को बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू करनी पड़ी और अभिभावकों व शिक्षकों ने चिंता जताई थी।
वर्जन :
अधिकांश स्कूलों में किताबें पहुंचा दी गई हैं। जिन स्कूलों में अब भी सप्लाई बाकी है। बाकी में जल्द ही वितरण सुनिश्चित कर दिया जाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
Trending Videos
शिक्षा सत्र एक अप्रैल को शुरू हो गया। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए पुस्तक नहीं पहुंच पाई थी। करीब 292 स्कूलों के 73 हजार विद्यार्थियों के सामने किताबाें के बिना पढ़ाई करना चुनौती बना हुआ था। इसके लिए मैदान पर पड़ताल कर पुस्तकों की कमी के समाचार प्रकाशित किए थे। इनमें विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया गया था। शिक्षा विभाग इनके लिए हरकत में आया। अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किताब मिलते ही तत्काल वितरण सुनिश्चित किया जाए। अधिकतर स्कूलों में वितरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ स्कूलों में आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक या दो दिन में सभी स्कूलों में किताब उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते छठी कक्षा के विद्यार्थियों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग के अनुसार नई पुस्तकों की आपूर्ति में तकनीकी कारणों से देरी हुई है, जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर वर्ष मिलने वाली मुफ्त पाठ्य पुस्तकें इस बार समय पर नहीं पहुंच सकीं थी। इसके कारण विद्यार्थियों को बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू करनी पड़ी और अभिभावकों व शिक्षकों ने चिंता जताई थी।
वर्जन :
अधिकांश स्कूलों में किताबें पहुंचा दी गई हैं। जिन स्कूलों में अब भी सप्लाई बाकी है। बाकी में जल्द ही वितरण सुनिश्चित कर दिया जाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।