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Panipat News: 11वीं के छात्र की हत्या में सहपाठी दोषी करार, छह माह तक जिला नागरिक अस्पताल में करने होंगे सामाजिक कार्य
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड नवंबर वर्ष 2023 में आकाश इंस्टीट्यूट में सहपाठी 11वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या के आरोपी सहपाठी छात्र को दोषी करार दिया। बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा ने सुधारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए किशोर को छह माह तक जिला नागरिक अस्पताल में सामाजिक कार्य करने आदेश दिए। बोर्ड ने इसके साथ अपने फैसले में सभी कोचिंग संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाए। साथ ही बाल कल्याण समिति को प्रत्येक दो माह में संस्थानों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
जीटी रोड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में कोंचिंग में आए 11वीं के दो छात्रों के बीच तीन नंबवर 2023 को झगड़ा हो गया था। एक छात्र ने कक्षा में ही दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया था। छाती में चाकू लगने से छात्र की मौत हो गई थी। इस मामले की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा, सदस्य अशोक कुमार और आशिमा कौशिक की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी किशोर 18 महीने और 12 दिन की सजा काट चुका था और 11 महीने 21 दिन से जमानत पर है। इसमें सुधार की गुंजाइश को देखते हुए बोर्ड ने दोषी को सुधार का मौका दिया। किशोर को छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया गया है। इस दौरान उसे नागरिक अस्पताल में सामाजिक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाॅक्स
बोर्ड ने कोचिंग सेंटरों के लिए तय किए नियम
सुनवाई के दौरान सामने आया कि झगड़े में चाकू लगने से घायल होने पर किशोर को सीिढ़यों पर बैठा दिया था। वह 10 मिनट तक बैठा रहा, जिससे ज्यादा खून बह गया। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उपचार मिलने में देरी होने पर छात्र की मृत्यु हो गई थी। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस घटना से सबक लेते हुए सभी कोचिंग सेंटरों के लिए निर्देश जारी किए हैं। सभी संस्थानों को प्राथमिक उपचार की सुविधा रखनी होगी। टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करेंगे और अस्पताल के साथ तालमेल रखकर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। संस्थान में हर 15 दिन में इंटरनल ऑडिट भी किया जाएगा। जिसमें छात्रों के बैग की जांच की जाएगी। छात्राओं के बैग की जांच महिला शिक्षक ही करेगी। सीसीटीवी कैमरे और फायर उपकरण की भी व्यवस्था की जाएगी। बाल कल्याण समिति को भी दिशानिर्देश दिए गए हैं कि कमेटी के सदस्य निरीक्षण कर दो माह में अपनी रिपोर्ट देंगे।
बाॅक्स
घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले छात्र विशाल की सराहना की
हत्या की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। सुनवाई के दौरान बोर्ड ने फुटेज की जांच की गई। जिसमें पता चला कि मृतक के दोस्त विशाल सराहनीय कार्य किया था। बिना किसी घबराहट के उसकी सहायता की थी। बोर्ड के समक्ष गवाही देने के लिए साहस के साथ आगे आया। उन्होंने इसे समाज के अटूट नैतिक ताने-बाने का प्रमाण दिया है। बोर्ड ने विशाल की सराहना की।
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जीटी रोड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में कोंचिंग में आए 11वीं के दो छात्रों के बीच तीन नंबवर 2023 को झगड़ा हो गया था। एक छात्र ने कक्षा में ही दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया था। छाती में चाकू लगने से छात्र की मौत हो गई थी। इस मामले की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा, सदस्य अशोक कुमार और आशिमा कौशिक की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी किशोर 18 महीने और 12 दिन की सजा काट चुका था और 11 महीने 21 दिन से जमानत पर है। इसमें सुधार की गुंजाइश को देखते हुए बोर्ड ने दोषी को सुधार का मौका दिया। किशोर को छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया गया है। इस दौरान उसे नागरिक अस्पताल में सामाजिक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बोर्ड ने कोचिंग सेंटरों के लिए तय किए नियम
सुनवाई के दौरान सामने आया कि झगड़े में चाकू लगने से घायल होने पर किशोर को सीिढ़यों पर बैठा दिया था। वह 10 मिनट तक बैठा रहा, जिससे ज्यादा खून बह गया। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उपचार मिलने में देरी होने पर छात्र की मृत्यु हो गई थी। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस घटना से सबक लेते हुए सभी कोचिंग सेंटरों के लिए निर्देश जारी किए हैं। सभी संस्थानों को प्राथमिक उपचार की सुविधा रखनी होगी। टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करेंगे और अस्पताल के साथ तालमेल रखकर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। संस्थान में हर 15 दिन में इंटरनल ऑडिट भी किया जाएगा। जिसमें छात्रों के बैग की जांच की जाएगी। छात्राओं के बैग की जांच महिला शिक्षक ही करेगी। सीसीटीवी कैमरे और फायर उपकरण की भी व्यवस्था की जाएगी। बाल कल्याण समिति को भी दिशानिर्देश दिए गए हैं कि कमेटी के सदस्य निरीक्षण कर दो माह में अपनी रिपोर्ट देंगे।
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घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले छात्र विशाल की सराहना की
हत्या की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। सुनवाई के दौरान बोर्ड ने फुटेज की जांच की गई। जिसमें पता चला कि मृतक के दोस्त विशाल सराहनीय कार्य किया था। बिना किसी घबराहट के उसकी सहायता की थी। बोर्ड के समक्ष गवाही देने के लिए साहस के साथ आगे आया। उन्होंने इसे समाज के अटूट नैतिक ताने-बाने का प्रमाण दिया है। बोर्ड ने विशाल की सराहना की।