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Panipat News: ओटी में चिकित्सक, ओपीडी में इलाज को मरीज परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 03:27 AM IST
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Doctors in OT, patients in OPD are worried about treatment
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पानीपत। मौसम मेें बदलाव के साथ मौसमी बीमारी बढ़ गई हैं। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को ओपीडी 1825 रही। यह सामान्य दिनों 1500 रहती है। इनमें खांसी, जुकाम, काला पीलिया, बुखार, पेट दर्द, छाती में दर्द, कान-नाक और गले में दर्द के मरीज अधिक रहे।सर्जन के दोपहर एक बजे ऑपरेशन थियेटर में जाने और फिजिशियन और हड्डी रोग व चर्म रोग विशेषज्ञ न मिलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में मरीजों को तीन से चार घंटे लाइन में खड़े रहने को मजबूर होना पड़ा।
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जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे ही मरीज पंजीकरण के लिए लाइन में लग गए। नौ बजे पंजीकरण शुरू होते ही खिड़की पर लाइन लग गए। इसके साथ चिकित्सकों के पास लंबी लाइन लग गई। ओपीडी में चिकित्सक न मिलने पर मरीज इंतजार करने को मजबूर रहे। इसके लिए घंटों तक लाइन में खड़े रहे। इसके बाद मरीजों को चिकित्सक नहीं मिले और बाकी चिकित्सकों की लिखी पूरी दवा फार्मेसी पर नहीं मिल पाई। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी 1825 रही।
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कोट्स फोटो-
दो घंटे लाइन में लगने के बाद मिला इलाज
झट्टीपुर की पायल ने बताया कि उनको शुक्रवार से बुखार है। वह शनिवार को अस्पताल में दवा लेने आई थी लेकिन फिजिशियन के छुट्टी पर होने से उनको बिना दवा के ही लौटना पड़ा था। वह सोमवार सुबह दस बजे अस्पताल आई। करीब आधे घंटे लाइन में लगने के बाद पंजीकरण हुआ। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे लाइन में लगने के बाद फिजिशियन को दिखा पाई। उनको फर्श पर बैठकर चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा।
कोट्स फोटो

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बेटी के साथ काटती रही चिकित्सक कक्षों के चक्कर
विद्यानंद कॉलोनी की रानी ने बताया कि उसकी कमर और छाती में दर्द और उनकी बेटी को बुखार है। वह अस्पताल में सुबह नौ बजे आई थी। उनको पंजीकरण कराने में 40 मिनट का समय लगा। फिजिशियन ने खून जांच के लिए भेज दिया। इसे कराने के लिए उसे करीब आधा घंटे लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद रिपोर्ट आने का दोपहर एक बजे तक इंतजार करना पड़ा। इतने समय तक वह बेटी के साथ अस्पताल में बैठी रही। वह रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सक को दिखाकर दवा ले पाई। यदि खून जांच की साथ में रिपोर्ट मिल जाए तो एक व्यक्ति को जांच के लिए इतने घंटे अस्पताल में न बैठना पड़े।


दोपहर दो बजे नहीं मिले सर्जन, बैरंग लौटे
राजीव कॉलोनी के कन्हैया ने बताया कि उनको रविवार रात से पेट में दर्द हो रहा है। वह कंपनी से एक घंटे का ब्रेक लेकर अस्पताल में दिखाने आए थे। वह अस्पताल में दोपहर करीब एक बजे आए। पंजीकरण कराने में 20 मिनट का समय लगा। उस समय तक ओपीडी से सर्जन जा चुके थे। यहां-वहां के चक्कर काटकर उनको इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक को दिखा दवा लेनी पड़ी। यदि ओपीडी के समय चिकित्सक कक्ष में मिल जाए तो मरीजों की परेशानी कुछ कम हो जाए।
वर्जन :
अस्पताल में प्रत्येक मरीज को पूरा इलाज व दवा मिल रही है। सर्जन को ओटी और इमरजेंसी में जाने से कुछ मरीजों को परेशानी आई होगी। ओपीडी के समय एक सर्जन ओपीडी कक्ष में रहेंगे।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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