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Rewari News: दुकानदार बोले- 35 दिन बाद सिलिंडर लेकर क्या करेंगे, महीने में 4 की जरूरत
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पप्पू, दुकानदार
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रेवाड़ी। गैस सिलिंडर के महंगे होने और समय पर न मिल पाने की वजह से कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। खासकर होटल, ढाबा और फास्ट फूड का काम करने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
दुकानदारों ने बताया कि काम के लिए महीने में कम से कम 3 से 4 गैस सिलिंडर की जरूरत होती है लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि 35 दिन में मुश्किल से एक सिलिंडर मिल पा रहा है। ऐसे में वे मजबूर होकर लकड़ी की भट्ठी का सहारा लेने लगे हैं जिससे न केवल खर्च बढ़ रहा है बल्कि काम करने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।
कई दुकानदारों ने बताया कि लकड़ी पर खाना बनाना असुविधाजनक है जिससे ग्राहकों को भी इंतजार करना पड़ता है। कई दुकानदारों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है। कई दुकानदारों ने इस समस्या की वजह से खाने पीने के दामों में इजाफा कर दिया है।
दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलिंडर की सप्लाई को नियमित किया जाए और दुकानदारों के लिए अलग से व्यवस्था बनाई जाए ताकि उनका काम प्रभावित न हो। प्रशासन की तरफ से रोजाना करीब 15 हजार सिलिंडर की सप्लाई की जा रही है।
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एक तो सिलिंडर नहीं मिल रहा है दूसरी तरफ सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि काम बंद होने के कगार पर है। ऐसे तो हम खुद ही बेरोजगार हो जाएंगे। मुझे 10 दिन में एक सिलिंडर की जरूरत होती है। सिलिंडर कुछ दिन में खत्म होने वाला है। उसके बाद मिलेगा या नहीं कुछ नहीं कहा जा सकता है। पहले राजीव चौक के पास कई रेहड़ी लगती थी, जो अब बंद होकर 5 से 6 रह गई हैं। मैं यहां छोले भटूरे व नान की रेहड़ी लगाता हूं। -पप्पू, दुकानदार
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सिलिंडर महंगा होने और नहीं मिलने की वजह से अब चाय भट्ठी पर बनाता हूं। इसमें कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल कर रहा हूं जो काफी महंगी पड़ती है। कार्य पूरा चौपट हो गया है। ऐसा ही चलता रहा तो समस्या और ज्यादा गहरा सकती है। हमारे जैसे दुकानदार के लिए कोई राहत नहीं है। -राम, दुकानदार
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दही-भल्ले की रेहड़ी लगाता हूं। पहले तो सिलिंडर न मिलने से काफी दिक्कत हो रही थी। अब लकड़ी की भट्ठी घर पर बना रखी है। वहीं से काम पूरा करके आते हैं। हमारा अधिकतर काम घर पर ही होता है। सिलिंडर करीब 3 हजार रुपये का मिल रहा है। काफी समस्या है। -विकास शर्मा, दुकानदार
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सप्लाई पूरी तरह सुचारु है। सिलिंडर की जिले में कोई भी किल्लत नहीं है। लोगों को सिलिंडर मिल रहा है। -रविंद्र, सप्लाई इंचार्ज, खाद्य आपूर्ति विभाग
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दुकानदारों ने बताया कि काम के लिए महीने में कम से कम 3 से 4 गैस सिलिंडर की जरूरत होती है लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि 35 दिन में मुश्किल से एक सिलिंडर मिल पा रहा है। ऐसे में वे मजबूर होकर लकड़ी की भट्ठी का सहारा लेने लगे हैं जिससे न केवल खर्च बढ़ रहा है बल्कि काम करने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।
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कई दुकानदारों ने बताया कि लकड़ी पर खाना बनाना असुविधाजनक है जिससे ग्राहकों को भी इंतजार करना पड़ता है। कई दुकानदारों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है। कई दुकानदारों ने इस समस्या की वजह से खाने पीने के दामों में इजाफा कर दिया है।
दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलिंडर की सप्लाई को नियमित किया जाए और दुकानदारों के लिए अलग से व्यवस्था बनाई जाए ताकि उनका काम प्रभावित न हो। प्रशासन की तरफ से रोजाना करीब 15 हजार सिलिंडर की सप्लाई की जा रही है।
एक तो सिलिंडर नहीं मिल रहा है दूसरी तरफ सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि काम बंद होने के कगार पर है। ऐसे तो हम खुद ही बेरोजगार हो जाएंगे। मुझे 10 दिन में एक सिलिंडर की जरूरत होती है। सिलिंडर कुछ दिन में खत्म होने वाला है। उसके बाद मिलेगा या नहीं कुछ नहीं कहा जा सकता है। पहले राजीव चौक के पास कई रेहड़ी लगती थी, जो अब बंद होकर 5 से 6 रह गई हैं। मैं यहां छोले भटूरे व नान की रेहड़ी लगाता हूं। -पप्पू, दुकानदार
सिलिंडर महंगा होने और नहीं मिलने की वजह से अब चाय भट्ठी पर बनाता हूं। इसमें कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल कर रहा हूं जो काफी महंगी पड़ती है। कार्य पूरा चौपट हो गया है। ऐसा ही चलता रहा तो समस्या और ज्यादा गहरा सकती है। हमारे जैसे दुकानदार के लिए कोई राहत नहीं है। -राम, दुकानदार
दही-भल्ले की रेहड़ी लगाता हूं। पहले तो सिलिंडर न मिलने से काफी दिक्कत हो रही थी। अब लकड़ी की भट्ठी घर पर बना रखी है। वहीं से काम पूरा करके आते हैं। हमारा अधिकतर काम घर पर ही होता है। सिलिंडर करीब 3 हजार रुपये का मिल रहा है। काफी समस्या है। -विकास शर्मा, दुकानदार
सप्लाई पूरी तरह सुचारु है। सिलिंडर की जिले में कोई भी किल्लत नहीं है। लोगों को सिलिंडर मिल रहा है। -रविंद्र, सप्लाई इंचार्ज, खाद्य आपूर्ति विभाग

पप्पू, दुकानदार

पप्पू, दुकानदार

पप्पू, दुकानदार