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Rohtak News: डॉ. जयपाल को दोबारा प्राचार्य बनाने पर जताई आपत्ति

Thu, 30 Jul 2026 07:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 07:41 AM IST
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Objection raised against making Dr. Jaipal the Principal again
05-शहर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते गौड़ संस्था के आजीवन सदस्य। अमर उजाला
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। ब्राह्मण समाज एवं गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के आजीवन सदस्यों ने गौड़ कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा पर अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्था के सदस्यों ने उनके खिलाफ अनियमितताओं की जांच व कार्रवाई करने की मांग की है।
डॉ. जयपाल शर्मा को महाविद्यालय में दोबारा नियुक्ति देने पर आपत्ति जताई है। इन आरोपों को लेकर प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा ने कई बार बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनसे संपर्क नहीं हुआ। मैसेज के जरिये भी उनका पक्ष मांगा गया। देर शाम तक इसका भी जवाब नहीं आया।
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गौड़ संस्था के पूर्व प्रधान रामकरण अत्री, पूर्व महासचिव कृष्ण कौशिक व अन्य ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि डॉ. जयपाल शर्मा को महाविद्यालय में दोबारा नियुक्ति देने पर ब्राह्मण समाज आपत्ति जाहिर करता है।
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प्राचार्य पद दोबारा नियुक्ति से संस्था को एक वर्ष में लगभग 20 लाख खर्च उठाना पड़ेगा। यह संस्था व आजीवन सदस्यों के साथ अन्याय है। उनके एचआरए की जांच कराई जाए। उन्होंने नेहरू कॉलोनी में रिहाइश दिखाकर एचआरए लिया है। इससे सरकार को लाखों रुपये का घाटा हुआ है। इसलिए इन्हें कोई भी हस्ताक्षर करने का अधिकार न दिया जाए।
कानून के हिसाब से सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नौकरी पाने वाले कर्मचारी को डीडी या डीडीओ पावर व प्रशासनिक अधिकार नहीं दिए जा सकते हैं। उनके प्राचार्य रहते हुए पिछले सात साल के कार्यकाल की गैर कानूनी गतिविधियों व संस्था के रुपयों का अपने स्वार्थ के लिए दुरुपयोग किए गए रुपयों की जांच की जाए।
पहरावर में 23 अप्रैल 2023 को संस्था की नींव रखने के लिए हुए समारोह में संस्था के आजीवन सदस्यों ने काफी रुपये चंदे के रूप में दिए थे। अब तक वह पैसा न तो संस्था के खाते में जमा हुआ है और न ही दानदाताओं को वापस मिला है।
उनका आरोप है कि एचपीएससी के एक सदस्य से रिश्तेदारी जोड़कर अपना कार्यकाल बढ़वाया है। इन पर एक युवती से रुपये लेने का भी मामला आया था। इसमें समाज को बदनामी से बचाने के लिए हमने ही समझौता कराया था।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए संस्थाओं को बचाएं। संस्था बचाने के लिए प्राचार्य को नहीं हटाया गया तो समाज आंदोलन को मजबूर होगा।
इस मौके पर रामकुमार, सुरेंद्र मोहन, सतीश शर्मा, श्रीभगवान कौशिक, पंकज कौशिक, हरिकिशन शर्मा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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