{"_id":"6a78d7768c7aa4dffc0d7a07","slug":"6381-lakhs-embezzled-using-fake-signatures-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1007-161013-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सहायता समूह बनाकर खोली कैंटीन, फर्जी हस्ताक्षर से 63.81 लाख हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सहायता समूह बनाकर खोली कैंटीन, फर्जी हस्ताक्षर से 63.81 लाख हड़पे
Mon, 10 Aug 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:09 AM IST
विज्ञापन
ईएसआई अस्पताल में कैंटीन पर लटका ताला। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहजादपुर में महिला स्वयं सहायता समूह के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर फर्जी प्रस्ताव और हस्ताक्षर के जरिए 63. 81 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि बैंक खाते से सदस्यों की सहमति के बिना रकम निकाली गई। थाना बूडि़या पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समूह की सचिव शहजादपुर निवासी बबली ने शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव में महक स्वयं सहायता ग्रुप के नाम से महिलाओं का समूह है। इसकी प्रधान संगीता देवी, सचिव बबली रानी व कोषाध्यक्ष पिंकी देवी है। समूह के दो बैंक खाते हैं। एक यमुनानगर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बूड़िया शाखा में और दूसरा बैंक आफ महाराष्ट्र शाखा यमुनानगर में खुला है।
इसी समूह ने ईएसआई अस्पताल में अटल कैंटीन भी खाली थी। इस कैंटीन में जरूरतमंद लोगों को मात्र 10 रुपये की दर से भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। यह थाली 20 रुपये की होती है। बाकी के 10 रुपये सरकार समूह को देती है।
विज्ञापन
सरकारी से मिलने वाली सब्सिडी और इसमें बनने वाली भोजन की राशि सरकार द्वारा समूह के खातों में ही जमा करवाई जाती है। इस गबन का पता तब चला जब कि कैंटीन में भोजन बनाने वाली महिलाओं को कई माह तक मानदेय मिलना बंद हो गया। वह जब भी प्रधान शबनम से पूछती तो हर बार एक ही जवाब मिलता कि सरकार की तरफ से बजट नहीं आ रहा है।
इस पर बैंकों में लेनदेन की जिम्मेदारी देख रही सचिव व कोषाध्यक्ष को कुछ गड़बड़ी का संदेह हुआ। पासबुक में एंट्री करवाई गई तो पता चला कि खातों से बड़े स्तर पर रुपये निकलो गए हैं।आरोप है कि समूह के बैंक खाते से रकम निकालने के लिए सदस्यों की सहमति के बिना फर्जी प्रस्ताव तैयार किया गया।
इसके बाद बैंक में फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से करीब 63.81 लाख रुपये निकाले गए। शिकायत में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया की बैंक खाते, रेजुलेशन और हस्ताक्षरों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
दो माह से कैंटीन पर लटका ताला
कैंटीन में दो माह से ताला लगा हुआ है। भोजन बनाने वाली महिलाओं को मानदेय नहीं मिला। इसलिए उन्होंने इसमें भोजन बनाने से इन्कार कर दिया। एक बार तो महिलाएं कैंटीन का ताला तोड़ कर इसमें रखा सामान उठाने आ गई थी। जून माह में समूह की महिलाओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके शबनम को प्रधान पद से हटा दिया। इसके बाद संगीता देवी को नया प्रधान नियुक्त किया गया। शिकायत की जांच आर्थिक अपराध शाखा से करवाई गई तो गबन की बात सही पाई गई।
विज्ञापन
यमुनानगर। शहजादपुर में महिला स्वयं सहायता समूह के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर फर्जी प्रस्ताव और हस्ताक्षर के जरिए 63. 81 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि बैंक खाते से सदस्यों की सहमति के बिना रकम निकाली गई। थाना बूडि़या पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समूह की सचिव शहजादपुर निवासी बबली ने शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव में महक स्वयं सहायता ग्रुप के नाम से महिलाओं का समूह है। इसकी प्रधान संगीता देवी, सचिव बबली रानी व कोषाध्यक्ष पिंकी देवी है। समूह के दो बैंक खाते हैं। एक यमुनानगर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बूड़िया शाखा में और दूसरा बैंक आफ महाराष्ट्र शाखा यमुनानगर में खुला है।
विज्ञापन
इसी समूह ने ईएसआई अस्पताल में अटल कैंटीन भी खाली थी। इस कैंटीन में जरूरतमंद लोगों को मात्र 10 रुपये की दर से भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। यह थाली 20 रुपये की होती है। बाकी के 10 रुपये सरकार समूह को देती है।
विज्ञापन
सरकारी से मिलने वाली सब्सिडी और इसमें बनने वाली भोजन की राशि सरकार द्वारा समूह के खातों में ही जमा करवाई जाती है। इस गबन का पता तब चला जब कि कैंटीन में भोजन बनाने वाली महिलाओं को कई माह तक मानदेय मिलना बंद हो गया। वह जब भी प्रधान शबनम से पूछती तो हर बार एक ही जवाब मिलता कि सरकार की तरफ से बजट नहीं आ रहा है।
इस पर बैंकों में लेनदेन की जिम्मेदारी देख रही सचिव व कोषाध्यक्ष को कुछ गड़बड़ी का संदेह हुआ। पासबुक में एंट्री करवाई गई तो पता चला कि खातों से बड़े स्तर पर रुपये निकलो गए हैं।आरोप है कि समूह के बैंक खाते से रकम निकालने के लिए सदस्यों की सहमति के बिना फर्जी प्रस्ताव तैयार किया गया।
इसके बाद बैंक में फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से करीब 63.81 लाख रुपये निकाले गए। शिकायत में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया की बैंक खाते, रेजुलेशन और हस्ताक्षरों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
दो माह से कैंटीन पर लटका ताला
कैंटीन में दो माह से ताला लगा हुआ है। भोजन बनाने वाली महिलाओं को मानदेय नहीं मिला। इसलिए उन्होंने इसमें भोजन बनाने से इन्कार कर दिया। एक बार तो महिलाएं कैंटीन का ताला तोड़ कर इसमें रखा सामान उठाने आ गई थी। जून माह में समूह की महिलाओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके शबनम को प्रधान पद से हटा दिया। इसके बाद संगीता देवी को नया प्रधान नियुक्त किया गया। शिकायत की जांच आर्थिक अपराध शाखा से करवाई गई तो गबन की बात सही पाई गई।